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गुरुवार, सितंबर 25, 2025

"एक दिन, एक घंटा, एक साथ" की आदर्श थीम के साथ

 प्रविष्टि तिथि: 25 September 2025 at 5:31 PM by PIB Delhi

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत मेगा इवेंट एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन

नई दिल्ली: 25 सितंबर 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र//इर्द गिर्द)::

पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार,  ने 'स्वच्छ भारत मिशन' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए 25 सितंबर, 2025 को "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" विषय के तहत 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के एक अंग के तौर पर मेगा इवेंट और स्वच्छता अभियान का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम की अगुवाई सचिव, पर्यटन मंत्रालय ने की, जिसमें मंत्रालय के अधिकारियों के साथ-साथ इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), पूसा, नई दिल्ली के संकाय, स्टाफ और छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

i.     सफाई मित्रों का सम्मान

(क)   कार्यक्रम के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक था सफाई मित्रों का सम्मान, जो सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए लगन से काम करने वाले गुमनाम नायक हैं। सम्मान और आभार के प्रतीक के रूप में, सचिव (पर्यटन) ने उन्हें जीवन, विकास और स्थिरता के प्रतीक के रूप में पौधों के पौधे भेंट किए।

(ख)   एक अनूठी और सार्थक पहल में, पर्यटन सचिव ने व्यक्तिगत रूप से इन सफाई कर्मचारियों को मंच पर आमंत्रित किया, जिससे उन्हें अपनी कहानियों, अनुभवों और विचारों को साझा करने का मौका मिला। समावेशन के इस कार्य ने श्रम के सम्मान का सम्मान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर किया कि राष्ट्रीय विकास में हर योगदानकर्ता को मान्यता मिले।

ii.    भविय के स्वर: छात्रों ने अपने विजन साझा किए

 इस कार्यक्रम ने आई.एच.एम. पूसा के छात्रों को भी अपने विचारों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने एक स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत के अपने दृष्टिकोण को उत्साहपूर्वक साझा किया, खासकर भारत को एक शीर्ष वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने में स्वच्छता की भूमिका पर ज़ोर दिया। उनके संदेशों में एक बेहतर भविष्य के निर्माण के प्रति राष्ट्रवाद और ज़िम्मेदारी की प्रबल भावना झलकती थी।

iii.    नुक्कड़ नाटक के जरिए सांस्कृतिक जुड़ाव

दर्शकों को रचनात्मक रूप से शामिल करने और स्वच्छता तथा स्थिरता के संदेश को सुदृढ़ करने के लिए, आई.एच.एम. पूसा के छात्रों ने एक शक्तिशाली नुक्कड़ नाटक (स्ट्रीट प्ले) प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने स्वच्छता, कचरा अलग करने और सार्वजनिक ज़िम्मेदारी से संबंधित मुद्दों को उजागर किया, जिससे दर्शकों पर एक गहरा प्रभाव पड़ा।

iv.    भौतिक स्वच्छता अभियान चलाया गया

पर्यटन सचिव, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और आईएचएम पूसा परिवार द्वारा परिसर और आस-पास के क्षेत्रों को कवर करते हुए भौतिक स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सार्वजनिक स्थानों की सफाई की और रोजमर्रा की जिंदगी में स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाई। इस गतिविधि ने सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी का एक व्यावहारिक प्रदर्शन किया और देखने वालों को अपने समुदायों में भी इसी तरह के प्रयासों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस पहल के जरिए पर्यटन मंत्रालय स्वच्छ पर्यटन बुनियादी ढांचे और टिकाऊ प्रथाओं की वकालत करना जारी रखे हुए है। इस आयोजन ने समाज के सभी वर्गों में स्थायी आधार पर 'स्वच्छता' को बढ़ावा देने में सामुदायिक भागीदारी और अंतर-पीढ़ीगत जागरूकता के महत्व को उजागर किया।

*****//पीके/केसी/एसके/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2171373)

बुधवार, अगस्त 27, 2025

राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टेलीफोन कॉल की

 Posted On: 27 August 2025 at 8:32 PM by PIB Delhi

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब

*दोनों नेताओं ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान के लिए हाल के प्रयासों पर विचार विमर्श किया

*प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया

*दोनों नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और स्थिरता सहित प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की

नई दिल्ली: 27 अगस्त 2025: (PIB Delhi//इर्द गिर्द)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को आज फिनलैंड गणराज्य के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने टेलीफोन कॉल की।

राष्ट्रपति स्टब ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान पर वाशिंगटन में यूरोप, संयुक्त राज्य अमरीका और यूक्रेन के नेताओं के बीच हुई हालिया बैठकों पर अपना आकलन साझा किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

दोनों नेताओं ने भारत-फ़िनलैंड द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की भी समीक्षा की और क्वांटम प्रौद्योगिकी, 6G, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और स्थिरता सहित उभरते क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रपति स्टब ने पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र संपन्न करने के लिए फ़िनलैंड के समर्थन को दोहराया। उन्होंने 2026 में भारत द्वारा आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए भी समर्थन व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति स्टब को शीघ्र भारत आने का निमंत्रण दिया। नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति व्यक्त की।

******//पीके/केसी/पीके/एसएस//(Release ID: 2161397)

बुधवार, जनवरी 06, 2021

पूर्व सैनिकों ने रखी किसानों के समर्थन में भूख हड़ताल

कार्पोरेट समर्थकों के खिलाफ खुलकर आए किसान भी जवान भी 


किसान मोर्चा:7 जनवरी 2020: (इर्द गिर्द डेस्क)::

भारतीय जनता पार्टी,  केंद्र सरकार और गोदी मीडिया की तरफ से किये जा रहे धुंआधार प्रचार को नाकाम बनाते हुए गाँवों से आए सीधेसादे किसान अपनी रणनीति के चलते लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उनके साथी और सहयोगी लगातार शहीद हो रहे हैं। शहीदों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है। तेज़ बरसात, बर्फीली हवा और इस तरह की तमाम दिक्क्तों के बावजूद किसानों के हौंसले बुलंद हैं। लखीमपुर उत्तरप्रदेश में रहनेवाले सक्रिय समाजसेवी  अंजनी दीक्षित ने इस संबंध में सोशल मीडिया पर भी विशेष अभियान चलाया हुआ  है और आम जनता  भी इसी मकसद को लेकर सरगर्म हैं। उन्होंने  किसान आंदोलन दिल्ली 2020 नामक ग्रुप में भी एक विशेष पोस्ट डाली है जिसमें कुछ पूर्व सैनिक  दिखाए गए हैं। यह पोस्ट वास्तव में हरियाणा के करनाल में रहने वाले दलवीर सिंह संधु ने  यह पोस्ट मंगलवार 5 जनवरी 2020 को बाद दोपहर 1:17 पर पोस्ट की थी।  श्री दलवीर संधू भारतीय किसान यूनियन की घरोंदा इकाई के महासचिव भी हैं। उनकी इस पोस्ट को आगे बढ़ाया कई और किसान समर्थकों ने जिनमें  लखीमपुर (यू पी) वाले अंजनी दीक्षित साहिब भी एक हैं।


रविवार, जनवरी 26, 2020

लाल किले में आज भारत पर्व 2020 का रंगारंग उद्घाटन

प्रविष्टि तिथि: 26 JAN 2020 8:38PM by PIB Delhi
कार्यक्रम 31 जनवरी तक चलेगा-प्रवेश निशुल्क होगा 
भारत पर्व 2020 का मुख्य विषय ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह’
भारत की छवि को पेश करने के लिए वार्षिक कार्यक्रम भारत पर्व का आयोजन दिल्ली में किया गया है। पर्यटन मंत्रालय के विशेष सचिव और वित्त सलाहकार श्री राजीव कुमार चतुर्वेदी ने आज नई दिल्ली के लाल किले के मैदान में नगाड़ा बजाकर और तिरंगे गुब्बारों को उड़ाकर भारत पर्व का उद्घाटन किया। उद्घाटन समारोह के दौरान पर्यटन महानिदेशक श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, पर्यटन उपमहानिदेशक श्रीमती रूपिन्दर ब्रार और मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। 
उद्घाटन समारोह के बाद सशस्त्र बलों के बैंड ने शानदार प्रदर्शन किया। इसके बाद उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किया गया।
भारत पर्व 2020 लाल किले के सामने ज्ञान पथ और लाल किले के मैदान में 26 से 31 जनवरी, 2020 तक मनाया जा रहा है। भारत पर्व का उद्देश्य भारतीयों को प्रोत्साहित करना है कि वे भारत के विभिन्न पर्यटन स्थलों की यात्रा करें और भारतवासियों में ‘देखो अपना देश’ की भावना पैदा हो सके। भारत पर्व के दौरान 50 से अधिक फूड-स्टॉल, 27 दस्तकारी/हथकरघा स्टॉल और 27 विषय आधारित मंडपों को स्थापित किया गया है।
भारत पर्व 2020 का मुख्य विषय ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ और ‘महात्मा गांधी की 150वीं जयंती समारोह’ है। भारत पर्व जनता के लिए 26 जनवरी, 2020 को 5 बजे सांय से लेकर 10 बजे रात तक खुला रहेगा। शेष दिनों में 27 से 31 जनवरी, 2020 को दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक यह कार्यक्रम खुला रहेगा।
भारत पर्व में गणतंत्र दिवस परेड की झांकियां, सशस्त्र बलों के बैंड प्रदर्शन, राज्य सरकारों/ केंद्रशासित प्रदेशों और मंत्रालयों के पर्यटन मंडप, राज्य सरकारों/ केंद्रशासित प्रदेशों के दस्तकारी और हथकरघा स्टॉल, ट्राइफेड/ दस्तकारी/हथकरघा आयोग के स्टॉल, राज्य सरकारों, होटल प्रबंधन संस्थानों और अन्य संगठनों के फूटकोर्ट, उत्तर-मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा राज्य सरकारों/ केंद्रशासित प्रदेशों/ होटल प्रबंधन संस्थानों द्वारा खान-पान प्रदर्शन मुख्य आकर्षण हैं।
भारत पर्व में प्रवेश निशुल्क है और आगंतुकों को प्रवेश करने के लिए अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। (PIB)
***
आर.के.मीणा/आरएनएम/एकेपी/सीएस-5486

गुरुवार, दिसंबर 19, 2019

ग्रामीण क्षेत्रों का विकास मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक

19 DEC 2019 6:05 PM by PIB Delhi 
 कहा ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर ने 
ग्रामीण विकास मंत्रालय का राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार समारोह 2019 आयोजित
नई दिल्ली: 19 दिसंबर 2019: (पीआईबी//इर्द गिर्द ब्यूरो)::
भारत को पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्‍यवस्‍था बनाने का बड़ा सपना गांवो के विकास के बगैर संभव नहीं है। ग्रामीण विकास ,कृषि और किसान कल्‍याण तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेन्‍द्र सिंह तोमर  ने मंत्रालय के राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि गांवों का विकास मोदी सरकार की प्राथमिकताओं में से एक है। ग्रामीण और शहरी विकास के बीच के अतंर को पाटने की जरूरत है। उन्‍होंने कहा कि गांवों को आत्‍मनिर्भर बनाने के साथ ही कृषि को आर्थिक रूप से ज्‍यादा मुनाफे वाला बनाना जरूरी है।श

श्री तोमर ने इस अवसर पर ग्रामीण विकास मंत्रालय के महात्‍मा गांधी राष्‍ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी  योजना, प्रधानमंत्री  आवास योजना-ग्रामीण, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, दीनदयाल अंत्‍योदय योजना, दीनदयाल उपाध्‍याय ग्रामीण कौशल योजना, श्‍यामा प्रसाद मुखर्जी  रूअरबन मिशन और सभी एसआईआरडीस का परिचालन करने वाले प्रशिक्षण विभाग में के 266 लोगों को उनकी उत्‍कृष्‍ट सेवाओं के लिए पुरस्‍कार प्रदान किए।  

ये पुरस्‍कार विभिन्‍न श्रेणियों में बेहतरीन प्रदर्शन्‍ करने वाले राज्‍यों, जिलों,ब्‍लॉकों, ग्राम पंचायतों और कर्मचारियों को प्रदान किये गए।

ग्रामीण विकास राज्‍य मंत्री साध्‍वी निरंजन ज्‍योति ने पुरस्‍कार पाने वालों को बधाई दी और कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कमजोर वर्गों को ग्रामीण विकास मंत्रालय की ओर से चलाए जाने वाले विभिन्‍न कार्यक्रमों का काफी लाभ मिला है, उन्‍हें रहने के लिए पक्‍के पकान, पास के बाजारों तक पहुंचने के लिए हर मौसम में इस्‍तेमाल की जा सकने वाली सड़कें और रोजगार के अवसर मिले हैं। वृद्धों, विधवाओं और निशक्‍तजनों को पेंशन की सुविधा तथा कौशल विकास के लिए प्रशिक्षण की सुविधा भी मिली है।   


सोमवार, अगस्त 26, 2019

सभी गांव ग्रामनेट के जरिये वाई-फाई से जल्द जुड़ेंगे:श्री धोत्रे

प्रविष्टि तिथि: 26 AUG 2019 3:51PM by PIB Delhi
सी-डॉट–एक्सजीएसपीओएन, सी-सैट-फाई और सीआईएसटीबी जैसे नए उत्पाद जारी    
सी-डॉट का 36वां स्थापना दिवस
सरकार ने आज अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि ग्रामनेट के जरिये सभी गांव में वाई-फाई उपलब्ध कराया जाएगा, जिसकी कनेक्टिविटी 10 एमबीपीएस से 100 एमबीपीएस गति के बीच होगी। आज नई दिल्ली में सी-डॉट के 36वें स्थापना दिवस समारोह में संचार राज्य मंत्री श्री संजय शामराव धोत्रे ने मुख्य वक्तव्य देते हुए कहा कि भारतनेट 01 जीबीपीएस कनेक्टिविटी उपलब्ध करा रहा है, जिसे 10 जीबीपीएस तक बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आज सी-डॉट के. जारी होने वाले एक्सजीएसपीओएन से इस लक्ष्य को प्राप्त करने में बहुत सहायता होगी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर यह बापू को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जिनका सपना था कि भारत के गांव आत्मनिर्भर बनें।
श्री धोत्रे ने कहा कि सी-डॉट की सी-सैट-फाई प्रौद्योगिकी से भारत के लोग, खासतौर से गांव और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को फायदा होगा। इसके जरिये उन्हें टेलीफोन और वाई-फाई सुविधाएं मिलेंगी। इस प्रौद्योगिकी से देश के सभी भागों में यह सुविधा सभी मोबाइल फोनों पर उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि नई प्रौद्योगिकी से सुदूर स्थानों पर रहने वाले लोग उपग्रह के जरिये संपर्कता प्राप्त करके मुख्यधारा में आ जायेंगे।इन स्थानों पर फाइबर लाइन बिछाना कठिन होता है और वहां इंटरनेट उपलब्ध नहीं है। श्री धोत्रे ने सी-डॉट – एक्सजीएसपीओएन, सी-सैट-फाई और सीआईएसटीबी जैसे नए उत्पाद भी जारी किये।
इस अवसर पर सी-डॉट के कार्यकारी निदेशक श्री विपिन त्यागी ने कहा कि सी-सैट-फाई वायरलैस और उपग्रह संचार पर आधारित है, ताकि दुर्गम स्थानों और दूरदराज के इलाकों तक कनेक्टिविटी पहुंचेगी। उन्होंने बताया कि इस सस्ती सुविधा में महंगे सेटेलाइट फोनों की जरूरत नहीं है और यह सुविधा वाई-फाई वाले फोन पर काम करेगी।
समारोह में ईटीएसआई के महानिदेशक श्री लुई जॉर्ज रोमेरो, भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत महामहिम श्री रेमंड मैगिस और संचार मत्रांलय के कई वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
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आर.के.मीणा/आरएनएम/एएम/एकेपी/सीएस–2638
रिलीज़ आईडी: 1583066) आगंतुक पटल : 144 

शुक्रवार, फ़रवरी 22, 2013

एमआईजी फ्लैट का आवंटन

22-फरवरी-2013 12:54 IST
दिसंबर 2012 को दिल्‍ली में यौन हिंसा की पीडिता के परिवार को एमआईजी फ्लैट का आवंटन
केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 16 दिसंबर 2012 को दिल्‍ली में यौन हिंसा की पीडिता के परिवार को डीडीए के एमआईजी फ्लैट आवंटित करने की मंजूरी दी है। 

यह डीडीए फ्लैट आवंटित करने की मौजूदा नीति/दिशा निर्देश में छूट के तहत बिना बारी के आधार पर दिया जाएगा। फ्लैट की लागत दिल्‍ली सरकार द्वारा वहन की जाएगी। (PIB)

मीणा/शोभा/यशोदा - 677

बुधवार, फ़रवरी 06, 2013

केंद्रीय विद्यालय संगठन का स्वर्ण जयंती समारोह


   प्रधानमंत्री का अभिभाषण                                                                                         06-फरवरी-2013 16:36 IST          
प्रधानमन्त्री डा मनमोहन सिंह ने किया उद्धघाटन सत्र  को सम्बोधित 

प्रधानमन्त्री ने इस मौके पर केन्द्रीय शिक्षा संगठन के नए लोगो का भी अनावरण किया  (फोटो:पीआईबी)

इस शुभ अवसर पर केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डा एम एम पलामू राजू ने प्रधानमन्त्री को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया। इस यादगारी मौके पर इसी मन्त्रालय के राज्य मंत्री जीतीं प्रसाद और डा  थरूर भी मौजूद थे। (फोटो:पीआईबी)
डा. मनमोहन सिंह ने केंद्रीय विद्यालय संगठन के स्वर्ण जयंती समारोह के उद्घाटन सत्र में भाग लेने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए संगठन के शिक्षकों और छात्रों को शुभकामनाएं और बधाई दीं। 

केंद्रीय विद्यालय संगठन की 1963 में अपनी स्थापना के समय 20 रेजीमेंटल विद्यालयों के साथ व्याख्यात इस समय यह देश भर में फैले लगभग 1100 केंद्रीय विद्यालयों का प्रशासन संभालता है। यह लगभग 11 लाख बच्चों को शिक्षा प्रदान करता है और इसके शिक्षकों सहित 46,000 से अधिक कर्मचारी हैं। यह संगठन केंद्र सरकार के स्थानांतरणीय केंद्रीय कर्मचारियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के अपने दायित्व को विशिष्टता से साथ निभा रहा है। 50 वर्ष की इसकी यात्रा वास्तव में अत्याधिक सफल रही है। मैं उन सभी को बधाई देता हूं जिन्होंने केंद्रीय विद्यालय संगठन को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रियाओं में इतना अधिक योगदान करने में सक्षम बनाया है। 

केंद्रीय विद्यालय संगठन में जुड़े सभी लोगों के यह बहुत ही प्रसन्नता की बात है कि देश के विभिन्न भागों में अतिरिक्त केंद्रीय विद्यालयों को खोलने की जोरदार मांग है और मौजूदा विद्यालयों में दाखिला की प्रक्रिया में भी अत्यधिक प्रतिस्पर्धा है। यह केंद्रीय विद्यालय संगठन द्वारा स्थापित शिक्षा के उच्च मानक का भी संकेत है। मैं समझता हूं कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा ली जाने वाली परीक्षाओं में केंद्रीय विद्यालयों के छात्रों ने लगातार बहुत बेहतर प्रदर्शन किया है। यही नहीं, इन विद्यालयों ने अपने छात्रों की पढ़ाई के अलावा अन्य गतिविधियों में भाग लेने पर जोर देकर उनके व्यक्तित्व विकास की आवश्यकता के प्रति की सजगता दिखाई है। 

मुझे इस बात की खास खुशी है कि केंद्रीय विद्यालयों में छात्राओं का अनुपात 43 प्रतिशत है और संगठन के शिक्षकों में महिलाओं का बहुमत है। 

केंद्रीय विद्यालयों की एक बड़ी संख्या इस समय रक्षा और अर्ध-सैनिक संस्थानों के परिसरों में स्थित है। इससे रक्षा और अर्ध-सैनिक बलों के कर्मचारियों, जिनकी जोखिम भरी ड्यूटियां उन्हें अपने परिवारों के साथ अक्सर कम समय बिकाने का मौका देती हैं, केन्द्रीय विद्यालय बच्चों की शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता प्राप्त करते है। 

हमारी सरकार ने सदा इस बात को स्वीकारा है कि भारत एक आधुनिक, प्रगतिशील और समृद्ध देश के रूप में तभी उभर सकता है जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक हमारे नागरिकों की आसान पहुंच होगी। हम जानते हैं कि हमारा देश एक युवा देश है और एक शिक्षित एवं कुशल कार्यबल के होने पर ही हम जनांकिक लाभांश प्राप्त कर सकते हैं जो हमारी अर्थव्यवस्था को विस्तार करने और अधिक उत्पादक बनने में सहायक होगी। 

हमारी सरकार के 2004 में सत्ता में आने के समय से ही हमने शिक्षा पर विशेष जोर दिया है। हमने शिक्षा के क्षेत्र में असाधारण स्तर पर निवेश बढ़ाया है। हमने शिक्षा के प्रति पहुंच का तेजी से विस्तार किया है। हमने शिक्षण की गुणवत्ता को सुधारने के लिए भी काम किया है ताकि शिक्षा के बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सके। हमने यह सुनिश्चित करने का भी प्रयास किया है कि हमारे समाज के कमजोर वर्गों और देश के कम विकसित क्षेत्रों के छात्रों को भी शिक्षा संबंधी पर्याप्त अवसर प्राप्त हों। 

आज हमारे देश में प्राथमिक शिक्षा की पहुंच लगभग सार्वभौमिक है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम सुनिश्चित करता है कि हमारे देश के प्रत्येक बच्चे को प्राथमिक शिक्षा के 8 वर्ष का अधिकार प्राप्त हो। मध्याह्न भोजन की योजना, जो हर रोज 11 करोड़ बच्चों को स्कूलों में गर्म भोजन उपलब्ध कराती है, ने बच्चों के स्कूलों में बने रहने में उल्लेखनीय सहायता की है। लेकिन शिक्षकों और शिक्षण का मानक उचित स्तर का नहीं है जिसके कारण परिणाम हमारी अपेक्षा से बहुत नीचे है। स्कूलों में प्राथमिक स्तर के बाद बच्चों का बीच में पढ़ाई छोड़ जाने वालों की संख्या अधिक बनी हुई है। निष्पक्षता से संबंधी कुछ बड़ी समस्याएं भी हल करना अभी शेष है। 

12वीं पंचवर्षीय योजना में इन चुनौतियों का समाधान करने में केन्द्रीय विद्यालय अन्य स्कूलों के लिए मानक और बेंचमार्क तय करने में बड़े पैमाने पर सहायक हो सकते हैं। यह केन्द्रीय विद्यालों के लिए 12वीं योजना में निर्धारित लक्ष्यों में से एक है। उन्हें अपने पड़ोस के विद्यालयों के साथ सर्वोत्तम युक्तियों को बांटने में रोल-मॉडल के रूप में कार्य करना चाहिए। प्रधानमंत्री ने केन्द्रीय विद्यालय संगठन से आग्रह किया कि वह इन अपेक्षाओं को कारगर रूप में पूरा करने के उपायों का पता लगाए। 

मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि केन्द्रीय विद्यालय संगठन ने हमारे आसपास तेजी से बदलती हुई यर्थात स्थिति के साथ गति बनाये रखने के लिए कई नये कदम उठाये हैं इन में शिक्षा प्रदान करने, शिक्षकों और छात्रों के लिए विदेशों के साथ आदान-प्रदान कार्यक्रम चलाने और विदेशी भाषाओं के शिक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग शामिल हैं। यह सभी सराहनीय कदम हैं जिनसे केन्द्रीय विद्यालयों को अपना स्तर सुधारने में सहायता मिलेगी। लेकिन केन्द्रीय विद्यालय संगठन द्वारा श्रेष्ठता प्राप्त करने में अभी बहुत कुछ करने की आवश्यकता है। मैं आशा करता हूं कि केन्द्रीय विद्यालय संगठन, खासकर आधुनिक तकनीकों और प्रौद्योगिकी के प्रयोग में आवश्यकता अनुसार परिवर्तन करेगा। 

अंत में मैं केन्द्रीय विद्यालय संगठन परिवार के उज्जवल भविष्य की कामना करता हूं। मुझे विश्वास है कि आप अपने विशिष्ट रिकार्ड को इस स्वर्ण जंयती समारोह के माध्यम से और बेहतर बनाने पर विचार करेंगे। (PIB)
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वि.कासोटिया/क्वात्रा/अर्जुन/मीना–455

शनिवार, फ़रवरी 02, 2013

एक आईएएस सहित आठ अधिकारियों पर मुकदमा

01-फरवरी-2013 20:08 IST
सीवीसी द्वारा मुकदमा चलाए जाने की संशोधित स्‍वीकृति जारी 
केन्‍द्रीय सतर्कता आयोग ने विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों के 8 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाए जाने की स्‍वीकृति देने की सलाह दी है। सीवीसी के दिसंबर 2012 के मासिक रिपोर्ट में यह उल्‍लेख किया गया है। रिपोर्ट की मुख्‍य बातें इस प्रकार है :- आयोग ने विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों के आठ अधिकारियों के खिलाफ जिनमें एक आईएएस अधिकारी हैं, मुकदमा चलाए जाने की स्‍वीकृति देने की सलाह दी है। आयोग ने सक्षम अधिकारियों द्वारा विभिन्‍न मंत्रालय/विभागों/संगठनों के 15 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की स्‍वीकृति दी है। आयोग ने व्हिस्‍ल ब्‍लोअरों की 158 शिकायतों सहित कुल 1922 शिकायतों पर कार्यवाही जांच और संबद्ध मंत्रालयों/विभागों/संगठनों से 53 शिकायतों के बारे में तथ्‍यात्‍मक रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने विभिन्‍न मंत्रालयों/विभागों/संगठनों के 108 अधिकारियों के खिलाफ पेनाल्‍टी लगाने की कार्यवाही शुरू करते और 26 अधिकारियों पर दंड लगाने की सलाह दी। आयोग की सलाह पर 34 अधिकारी पर पेनाल्‍टी लगाई गई। 
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वि.कासोटिया/राजेन्‍द्र/सुनील-418

गुरुवार, जनवरी 10, 2013

माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए-शिंदे

10-जनवरी-2013 19:11 IST
लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना:गृह मन्त्रालय का रिपोर्ट कार्ड
केन्द्रीय गृह मंत्री श्री सुशील कुमार शिंदे ने दिसम्बर-2012 के लिए गृह मन्त्रालय का रिपोर्ट कार्ड एक पत्रकार सम्मेलन में 10 जनवरी-2013 को नई दिल्ली में प्रस्तुत किया। उनके साथ नजर आ रही हैं पत्र सूचना कार्यालय की प्रिसिपल डायरेक्टर जनरल (एम एंड सी) सुश्री नीलम कपूर (फोटो:पी आई बी )
सेना और सुरक्षा बलों ने दिसम्‍बर, 2012 में संयुक्‍त अभियानों में जम्‍मू एवं कश्‍मीर में सक्रिय 14 आतंकवादियों (8 विदेशी आतंकवादियों सहित) का खात्‍मा किया जिससे आतंकवादियों को काफी नुकसान हुआ। इसमें सुरक्षा बलों के विरुद्ध विभिन्‍न हमलों में शामिल नौ उग्रवादी (2 स्‍थानीय उग्रवादी तथा 7 विदेशी उग्रवादी) शामिल थे जो श्रीनगर सिटी में हमले की योजना बना रहे थे। मारे गए दो उग्रवादी (पम्‍पोरी में सेना के काफिले पर हमले में शामिल एक विदेशी आतंकवादी सहित) होटल सिल्‍वर स्‍टार गोलीबारी में शामिल थे। मारे गए उग्रवादियों में दिल्‍ली उच्‍च न्‍यायालय विस्‍फोट मामले में वांछित हिजबुल मुजाहिद्दीन का एक स्‍थानीय कमांडर भी शामिल था।

2.   दिसम्‍बर 2012 माह के दौरान राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2006 में मालेगांव में, फरवरी, 2007 में समझौता एक्‍सप्रेस में और मई 2007 में मक्‍का मस्जिद, हैदराबाद में तथा सितम्‍बर 2008 में मालेगांव में बम विस्‍फोट की घटनाओं में शामिल चार अभियुक्‍तों को गिरफ्तार किया। इन चार अभियुक्‍तों में से राजेन्‍द्र चौधरी, धन सिंह और मनोहर मालेगांव में बम रखने में शामिल थे; राजेन्‍द्र चौधरी और तेजराम ने हैदराबाद में मक्‍का मस्जिद में बम रखे थे तथा धन सिंह मालेगांव में बम विस्‍फोट में शामिल था।

    पूछताछ के दौरान इन अभियुक्‍तों ने पता न लगे तीन सनसनीखेज पुराने अपराधों अर्थात् (i) उज्‍जैन के नरवर पुलिस थाने में एक महिला नन (लीना) पर गोली चलाकर उसे घायल करने,  (ii) 9 जनवरी, 2004 को जम्‍मू में एक मस्जिद पर ग्रेनेड फेंकने, जिसमें दो व्‍यक्तियों की मृत्‍यु हो गई तथा 15 अन्‍य घायल हो गए,  (iii) फरवरी 2005 में नई दिल्‍ली में ‘’एस. ए. आर गिलानी’’ (संसद हमला मामले में वरी अभियुक्‍त) पर गोली चलाने, (iv) उज्‍जैन (मध्‍य प्रदेश) में एक पठान मुजीव लाला की हत्‍या करने तथा  (v) रमेश निनामा (इंदौर के पियर सिंह निनामा की हत्‍या के मामले में एक प्रमुख गवाह) की हत्‍या करने में अपनी भूमिकाएं स्‍वीकार कर लीं।

3.   केन्‍द्रीय लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा केन्‍द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल का निर्माण किए जाने के लिए 7 दिसम्‍बर, 2012 को 281 करोड़ रुपये की राशि की स्‍वीकृति जारी की गई है। यह अकादमी सीधी भर्ती से नियुक्‍त होने वाले राज्‍यों के पुलिस उपाधीक्षकों तथा अपर पुलिस अधीक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करेगी तथा हमारे मित्र देशों की प्रशिक्षण आवश्‍यकताओं का निराकरण करेगी।
4.   दिनांक 4 दिसम्‍बर, 2012 को बंगलादेश सरकार के गृह मंत्री डॉ. मुहीउद्दीन खान आलमगीर ने मुझसे मुलाकात की तथा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद के खतरे का निवारण करने के लिए पार‍स्‍परिक सहयोग आदि से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सीमा पार से चलने वाली अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्‍ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सी बी एम पी) पर सहयोग बढ़ाने पर हमारी सहमति हुई, हमने सुरक्षा संबंधी मामलों पर सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नोडल पॉइंट्स के कार्य संचालन की समीक्षा की तथा हमने जीरो लाइन के 150 गज के भीतर विकास कार्य की अनुमति देने पर सहमति व्‍यक्‍त की। हम संशोधित यात्रा करार और प्रत्‍यर्पण संधि को अंतिम रूप देने तथा उस पर जनवरी 2013 में हस्‍ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए। गृह मंत्री स्‍तर की अगली वार्ता 28 से 30 जनवरी, 2013 के दौरान ढाका में आयोजित की जाएगी।

5.   12 दिसम्‍बर, 2012 को नाईजीरिया के माननीय मिनिस्‍टर ऑफ इंटीरियर श्री अब्‍बा मोरो ने मुझसे मुलाकात की और आप्रवासन तथा वीजा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।
6.   दिनांक 14 दिसम्‍बर, 2012 से 16 दिसम्‍बर, 2012 तक पाकिस्‍तान के इंटीरियर मिनिस्‍टर श्री रहमान मलिक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत दौरे पर आए। आतंकवाद को पाकिस्‍तान के निरंतर सहयोग और पाक अधिकृत कश्‍मीर में आतंकवादी शिविरों के संचालन, मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख मास्‍टर माइंड व्‍यक्तियों के अभियोजन तथा विचारण, मुंबई आतंकी हमले के षड़यंत्रकारियों तथा 1993 के मुंबई बम विस्‍फोटों के भगोड़ों को कानून के अंतर्गत सजा दिलाने, नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्‍ट्रीय सीमाओं के पार से गोलीबारी, आतंकवाद के वित्तपोषण, जाली भारतीय करेंसी नोट, पाकिस्‍तान में मछुआरों तथा सिविलियन कैदियों और भारत के युद्ध बंदियों की रिहाई, वीजा और कंसूलर मुद्दों, स्‍वापक तथा मादक द्रव्‍यों की तस्‍करी तथा भारत और पाकिस्‍तान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर करने और उसका अनुसमर्थन करने तथा एम एल ए टी एवं प्रत्‍यर्पण संधि आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।

7.   8 सितम्‍बर, 2012 को भारत तथा पाकिस्‍तान सरकारों के बीच हस्‍ताक्षरित नए वीजा करार को भारत के माननीय गृह मंत्री तथा पाकिस्‍तान के माननीय इंटीरियर मिनिस्‍टर द्वारा 14 दिसम्‍बर, 2012 को नई दिल्‍ली में क्रियाशील बनाया गया।

8.   19 दिसम्‍बर, 2012 को संयुक्‍त राष्‍ट्र शरणार्थी उच्‍चायुक्‍त श्री एन्‍टोनिओ गुटरेस ने मुझसे मुलाकात की और शरणार्थियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।

आंतरिक सुरक्षा
9.   26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्‍तान में गिरफ्तार अभियुक्‍त के विचारण के संबंध में पाकिस्‍तान के न्‍यायिक आयोग के दूसरे प्रस्‍तावित दौरे के संशोधित विचारार्थ विषयों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्‍यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 20 से 26 दिसम्‍बर, 2012 तक पाकिस्‍तान का दौरा किया।
10.  20 दिसम्‍बर, 2012 को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक, 2011 राज्‍य सभा द्वारा पारित किया गया। यह विधेयक लोक सभा द्वारा 30/11/2012 को पहले ही पारित कर दिया गया था।

11.   राष्‍ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच के दौरान इकट्ठे किए गए साक्ष्‍यों की स्‍वतंत्र रूप से समीक्षा करने तथा इन मामलों में निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दायर करने की सिफारिश करने के प्रयोजन से विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित ‘’प्राधिकरण’’ का 31 दिसम्‍बर, 2013 तक विस्‍तार किया गया है।

कश्‍मीर संबंधी मामले
12.  परियोजना मूल्‍यांकन समिति की 13वीं बैठक 19 दिसम्‍बर, 2012 को आयोजित हुई जिसमें विशेष उद्योग पहल योजना के अंतर्गत 25 उम्‍मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए बजाज अलियांज तथा 50 उम्‍मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए आइकॉन सेंट्रल लेबोरेट्रीज के प्रस्‍तावों को अनुमोदित किया गया।

पूर्वोत्‍तर
13.  कार्रवाई स्‍थगन के बारे में कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ), यूनाइटेड पीपल्‍स फ्रंट (यू पी एफ) तथा मणिपुर के अम्‍ब्रेला संगठनों के साथ नई दिल्‍ली में 5 दिसम्‍बर, 2012 को त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। यू पी एफ के साथ कार्रवाई स्‍थगन करार को नौ माह तक बढ़ा दिया गया है किंतु कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ) के साथ कार्रवाई स्‍थगन का और विस्‍तार किए जाने के बारे में कोई समझौता नहीं हो सका।

14.  उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण के भाग के रूप में पूर्वोत्‍तर में भूमिगत संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा हिन्‍नीवट्रेप नेशनल काउंसिल (एच एन एल सी), यूनाटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्‍फा) तथा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एन डी एफ बी) को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत विधिविरुद्ध संगम (2 वर्ष तक) घोषित करने संबंधी अधिसूचनाएं जारी की गईं।

केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बल
15.  भूमि के अधिग्रहण के लिए केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों को 25 करोड़ रु. की राशि स्‍वीकृत की गई है तथा कार्यालय/रिहायशी भवनों के निर्माण के लिए भी उनको 357 करोड़ रु. की राशि स्‍वीकृत की गई है।

आपदा प्रबंधन
16.  देश के विभिन्‍न भागों में कार्रवाई करने तथा राहत गतिविधियां चलाने के लिए नौकाओं, वाहनों तथा अपेक्षित उपकरणों सहित राष्‍ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के 614 कार्मिक तैनात किए गए। राष्‍ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के कार्मिकों ने राज्‍य सरकारों के प्राधिकारियों के समन्‍वय से कार्य किए तथा 16 लोगों की जान बचाई और 18 शव निकाले।

नक्‍सल प्रबंधन
17.  विशेष रैली आयोजित करके वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों में कांस्‍टेबलों की भर्ती के मुद्दे पर
चर्चा करने के लिए गृह सचिव ने 4 दिसम्‍बर, 2012 को केन्‍द्रीय सशस्‍त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों के साथ एक बैठक की अध्‍यक्षता की।

18.  10 अक्‍तूबर, 2012 को केन्‍द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री के. विजय कुमार को वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास संबंधी मामलों पर सलाह देने के लिए वरिष्‍ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्‍त किया गया है।

19.  सुरक्षा बलों ने झारखंड के लातेहर जिले में माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं। यह लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना है क्‍योंकि माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे हुए हैं तथा इस भू-भाग से परिचित हैं। इस क्षेत्र में हाल ही में हुई गोलीबारी से दस सुरक्षा कार्मिक शहीद हो गए तथा कुछ घायल हो गए। आसूचना संबंधी जानकारी से यह पता चला है कि माओवादियों को भी बहुत क्षति पहुंची है। यह अभियान इस क्षेत्र से माओवादियों का सफाया होने तक जारी रहेंगे।

विदेशी विषयक
20.  माह के दौरान पैराग्‍वे (चैक रिपब्लिक); नैरोबी (कीनिया) तथा मपुतो (मोजाम्बिक) में स्थित भारतीय दूतावासों में आई वी एफ आर टी के अंतर्गत इंटीग्रेटिड ऑनलाइन वीजा एप्‍लीकेशन प्रणाली शुरू की गई है। यह सुविधा अब विदेशों में स्थित 101 भारतीय मिशनों में उपलब्‍ध है।

21.  विदेशी छात्रों के कल्‍याण के बारे में तथा उनकी गतिविधियों/निष्‍पादन और सामान्‍य आचरण पर नजर रखने के लिए आई वी एफ आर टी के अंतर्गत विदेशी छात्र सूचना प्रणाली (एफ एस आई एस) विकसित की गई है ताकि संबंधित शैक्षणिक संस्‍थानों द्वारा विदेशी छात्रों के विवरण को ऑनलाइन भरने में सुविधा हो सके। यह मॉड्यूल प्रयोग के तौर पर एफ आर आर ओ चैन्‍नई में शुरू किया गया है।

संघ राज्‍य क्षेत्र
22.  यौन उत्‍पीड़न मामलों में 30 दिन के भीतर त्‍वरित न्‍याय तथा निवारक दंड की व्‍यवस्‍था करने के लिए दंड कानूनों में संभावित संशोधनों की जांच करने के लिए सरकार ने 24 दिसम्‍बर, 2012 को न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे. एस. वर्मा समिति का गठन किया।

23.  दिल्‍ली में हाल ही में घटित सामूहिक बलात्‍कार की दु:खद घटना के बारे में सरकार ने 26 दिसम्‍बर, 2012 को न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उषा मेहरा जांच आयोग का भी गठन किया।

24.  कल मैंने दिल्‍ली में कानून एवं व्‍यवस्‍था की स्थिति की दिल्‍ली पुलिस के साथ समीक्षा की। हमने इस बारे में निम्‍नलिखित निर्णय लिए हैं :-
क) दिल्‍ली पुलिस के कार्मिकों द्वारा रात्रि में मोटरसाइकिल पर गश्‍त लगाना;

ख) प्रत्‍येक पुलिस थाने में महिला हेल्‍प डैस्‍क-पुलिस थाना क्षेत्र में सभी स्‍कूलों और कॉलेजों में महिला हेल्‍प डैस्‍क का सैल नंबर तथा टेलीफोन नंबर अधिसूचित किया जाना होगा; और

ग) सिविल रक्षा कार्मिकों, होमगार्ड, भूतपूर्व सैनिकों तथा महिला गैर सरकारी संगठनों को शामिल करके प्रत्‍येक पुलिस थाने में समितियों का गठन किया जाए ताकि जनता, विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित मुद्दों को बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों के समक्ष लाया जा सके।

राज्‍य विधायन
25.  भारत के राष्‍ट्रपति ने दिसम्‍बर, 2012 में असम राज्‍य सतर्कता आयोग विधेयक, 2010; राजस्‍थान विशेष न्‍यायालय विधेयक, 2012;  उत्तर प्रदेश

राजस्‍व संहिता विधेयक, 2006 तथा भारतीय स्‍टाम्‍प (पश्चिम बंगाल संशोधन) विधेयक, 2012 को मंजूरी प्रदान की।

हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा
26.  हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र, जिसमें गुलबर्गा, बिदर, रायचूर, कोपल और यादगीर जिले शामिल हैं तथा कर्नाटक राज्‍य में बेल्‍लारी जिला अतिरिक्‍त रूप से शामिल है, को विशेष दर्जा प्रदान करने के लिए एक नया अनुच्‍छेद 371 (ञ)
अंत:स्‍थापित करने के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा संविधान (संशोधन) विधेयक, 2012 पारित कर दिया गया है।

सीमा प्रबंधन
27.  दिसम्‍बर, 2012 माह के दौरान भारत बंगलादेश सीमा के 40 किलोमीटर भाग पर तेज रोशनी करने का कार्य पूरा कर लिया गया।

28.  तटीय सुरक्षा के अंतर्गत 131 तटीय पुलिस थानों में से 116 के लिए भूमि के निर्धारण को अंतिम रूप दे दिया गया है तथा दिसम्‍बर 2012 तक 74 मामलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तटीय राज्‍यों/संघ राज्‍य क्षेत्रों द्वारा 60 में से 27 घाटों के लिए भूमि का निर्धारण कर लिया गया है।

29.  सरकार ने भारत-चीन सीमा पर भारत-तिब्‍बत सीमा पुलिस की कुल 804 किलोमीटर लम्‍बी 27 प्राथमिकता सड़कें स्‍वीकृत की हैं जिनमें से दिसम्‍बर 2012 तक 562 किलोमीटर लम्‍बी सड़कों का फॉर्मेशन कार्य तथा 241 किलोमीटर लम्‍बी सड़कों के समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है।  (PIB) पत्रकार सम्‍मेलन में गृह मंत्री का वक्‍तव्‍य
वि.कासोटिया / श्‍याम – 139

गुरुवार, जनवरी 03, 2013

वि‍यतनाम के साथ संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर

03-जनवरी-2013 19:17 IST
भारत की 'पूरब की ओर देखो नीति‍' का एक स्‍तंभ है वि‍यतनाम
 हम अपनी रणनीति‍क साझेदारी को आगे बढ़ाने के लि‍ए तैयार-पर्यटन मंत्री के. चि‍रंजीवी 
केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री के. चि‍रंजीवी ने कहा कि‍ वि‍यतनाम भारत की 'पूरब की ओर देखो नीति‍' का एक स्‍तंभ है और भारत वि‍यतनाम के साथ द्वि‍पक्षीय और आसि‍यान कार्यक्रम- दोनों तरफ से संबंधों को मजबूत बनाने के काम को उच्‍च प्राथमि‍कता देता है। हनोई स्‍थि‍त भारतीय दूतावास की ओर से व्‍यापार और नि‍वेश वि‍षय पर आयोजि‍त एक वि‍चारगोष्‍ठी को संबोधि‍त करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि‍ हम अपनी रणनीति‍क साझेदारी को आगे बढ़ाने के लि‍ए तैयार है, जो वि‍शेषकर आर्थि‍क, वाणि‍ज्‍यि‍क, रक्षा और सुरक्षा, वैज्ञानि‍क और तकनीकी‍ तथा सांस्‍कृति‍क क्षेत्रों से जुड़ हैं। इस आयोजन में वि‍यतनाम का उद्योग और व्‍यापार मंत्रालय तथा वि‍यतनाम चैम्‍बर ऑफ कॉमर्स एण्‍ड इंडस्‍ट्री सहयोगी था। मंत्री महोदय ने कहा कि‍ वर्ष 2015 तक आसि‍यान-भारत व्‍यापार के लि‍ए 100 अरब अमरि‍की डॉलर का लक्ष्‍य रखा गया है। 

इस वि‍चारगोष्‍ठी में पीपुल्‍स कमि‍टी ऑफ डानांग के वाइस चैयरमैन श्री फुंग टान वीएट, वि‍यतनाम चैम्‍बर ऑफ कॉमर्स एण्‍ड इंडस्‍ट्री के वाइस चैयरमैन श्री हुवांग वॉन डुंग, वि‍यतनाम नेशनल टूरि‍ज्‍म के चैयरमैन श्री नगुऐन वॉन ट्वान और लगभग 150 वि‍यतनामी कंपनि‍यों के प्रति‍नि‍धि‍यों ने भाग लि‍या। (PIB) 
वि‍यतनाम के साथ संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर 
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वि‍.कासोटि‍या/सुधीर/सुजीत-37

सोमवार, दिसंबर 24, 2012

मामला आपराधिक कानून में संशोधन के सुझाव देने का

24-दिसंबर-2012 13:33 ISTसरकार ने किया प्रख्‍यात न्‍यायविदों की समिति का गठन
सरकार ने आपराधिक कानून में संभावित संशोधनों के बारे में सुझाव देने के लिए प्रख्‍यात न्‍यायविदों की एक समिति बनाने का फैसला किया है, ताकि महिलाओं के खिलाफ संगीन यौन अपराध करने वाले अपराधियों के विरूद्ध तेजी से सुनवाई करने और उन्‍हें कड़ी सज़ा देने का प्रावधान किया जा सके। 

भारत के पूर्व न्‍यायाधीश न्‍यायमूर्ति (सेवानिवृत्‍त) श्री जे. एस. वर्मा इस समिति के अध्‍यक्ष होंगे। हिमाचल प्रदेश की पूर्व मुख्य न्‍यायाधीश (सेवानिवृत्‍त) न्‍यायमूर्ति श्रीमती लीला सेठ और भारत के पूर्व सॉलिसिटर जनरल श्री गोपाल सुब्रमण्‍यम इस समिति के अन्‍य सदस्‍य होंगे। यह समिति 30 दिन के अन्‍दर अपनी रिपोर्ट देगी। 

हाल की घटना को ध्‍यान में रखते हुए सरकार ने मौजूदा कानूनों की समीक्षा करने की आवश्‍यकता पर गंभीरता से विचार किया है, ताकि संगीन यौन अपराधों के मामलों में जल्‍दी इन्‍साफ मिले और अपराधियों को कड़ी सज़ा मिले। (PIB)

वि. कासोटिया/आनन्‍द/मधुप्रभा—6318

बुधवार, दिसंबर 19, 2012

केन्‍द्रीय पर्यटन मंत्री श्री चिरंजीवी ने की घोषणा

पर्यटन मंत्रालय द्वारा दक्षिणी क्षेत्र पर्यटन परिषद का गठन 
                                                                                                                                      साभार चित्र 
केन्‍द्रीय पर्यटन मंत्री श्री चिरंजीवी ने आज आंध्र प्रदेश, केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और संघ शासित राज्‍य पुडुचेरी को मिलाकर दक्षिणी क्षेत्र पर्यटन परिषद (एसजेडटीसी) का गठन करने की घोषणा की। मंत्रालय ने विश्‍व वर्ल्‍ड ट्रेवल एंड टूरिज्‍म कौंसिल- इंडिया इनिशिएटिव (डब्‍ल्‍यूटीटीसीआईआई) के पदाधिकारियों के साथ हुई अपनी बातचीत में इस कौंसिल की इस वर्ष सितम्‍बर में आयोजित बेकाल रिट्रीट के दौरान सामने आए विचार का स्‍वागत किया। इस परिषद के गठन से दक्षिण भारत में पर्यटन और पर्यटन उत्‍पादों के विकास में सहायता मिलेगी। पर्यटन उत्‍पादों के प्रतियोगी कराधान, अंतर्राज्‍यीय कराधान और राज्‍यों के प्रवेश और निकास बिंदुओं पर बिना किसी बाधा के पर्यटकों की आवाजाही जैसे मुद्दों की यह परिषद देखरेख करेगी। 

संबंधित राज्‍यों के मुख्‍य सचिव बारी-बारी से एसजेडटीसी के अध्‍यक्ष होंगे जबकि इन राज्‍यों के पर्यटन सचिव और वित्‍त सचिव इसके स्‍थाई आमंत्रित सदस्‍य होंगे। इस घोषणा का स्‍वागत करते हुए डब्‍ल्‍यूटीटीसीआईआई ने एक वक्‍तव्‍य में कहा कि दक्षिण भारत में पर्यटन का विकास करने की दिशा में यह एक श्रेष्‍ठ कदम है, जिससे इस क्षेत्र में पर्यटन के विकास के लिए आवश्‍यक अवसंरचना, नीति और अन्‍य हस्‍तक्षेपों को बढ़ाने में मदद मिलेगी। (PIB) 
19-दिसंबर-2012 17:30 IST

वि. कासोटिया/इन्‍द्रपाल/दयाशंकर — 6218

सोमवार, मार्च 05, 2012

छ: फर्मों पर 10 वर्षों के लिए व्‍यावसायिक कारोबार पर रोक

रोक लगाई रक्षा मंत्रालय ने
रक्षा मंत्रालय ने आज छ: फर्मों-मेसर्स सिंगापुर टैक्‍नोलॉजीज कायनेटिक्‍स लिमिटेड (एसटीके), मेसर्स इस्राइल मिलिट्री इंडस्‍ट्रीज लिमिटेड (आईएमआई), मेसर्स रिइनमेटॉल एयर डिफेंस (आरएडी), ज्‍यूरिख, मेसर्स कारपोरेशन डिफेंस, रूस (सीडीआर), मेसर्स टीएस किसान एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड, नई दिल्‍ली और मेसर्स आरके मशीन टूल्‍स लिमिटेड, लुधियाना पर अगले 10 वर्ष की अवधि के लिए रक्षा मंत्रालय के अधीन रक्षा उत्‍पादन विभाग के आयुध निर्माणी बोर्ड के साथ अगले व्‍यावसायिक कारोबार पर रोक लगाने का निर्णय लिया है। 

इन फर्मों के विरुद्ध प्राप्‍त किए गए साक्ष्‍य के आधार पर केन्‍द्रीय अन्‍वेषण ब्‍यूरो (सीबीआई) ने इन्‍हें काली सूची में डालने का सुझाव दिया था। इन फर्मों को कारण बताओ नोटिस जारी करके यह पूछा गया था कि आयुध निर्माणी के पूर्व महानिदेशक श्री सुदिप्‍तो घोष और अन्‍य के विरुद्ध रिश्‍वतखोरी के मामले में आरोप-पत्र दाखिल किए जाने के संबंध में क्‍यों नहीं उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। इन कंपनियों पर रोक लगाने का निर्णय उनके द्वारा दाखिल किए गए जवाबों पर विचार करने के बाद लिया गया। 05-मार्च-2012 20:04 IST

गुरुवार, जनवरी 26, 2012

एक यादगारी भेंट

इस बार भारत के 63वें गणतन्त्र दिवस के शुभ अवसर पर थाईलैंड की प्रधानमंत्री कुमारी यिंगलुक्क  शिनावत्रा मुख्य मेहमान थी. उनके सम्मान में राष्ट्रपति भवन नै दिल्ली २६ जनवरी, 2012 को किये गए एक विशेष आयोजन में प्रधान मंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह और उनकी पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर भी उपस्थित रहे. इस ख़ास मेहमान की उपस्थिति से यह दिन और भी यादगारी बन गया. इन पलों को हमेशां के लिए संजोये रखने के मकसद से पी आई बी के कैमरामैन ने इन की एक शानदार और जानदार तस्वीर भी खींच ली. 

सोमवार, जनवरी 23, 2012

भारत निर्माण स्‍वयंसेवी-ग्रामीण जागरूकता के संवाहक

परिवारों तथा विभिन्‍न विभागों के बीच सहज कड़ी
पत्र सूचना कार्यालय अगरतला की ओर से कराई गई.एक संगोष्ठी में बेबाक होकरसवाल पूछती एक महिला. इस संगोष्ठी का आयोजन भारत निर्माण जन सूचना अभियान के अंतर्गत २० जनवरी को राज नगर दक्षिणी त्रिपुरा में किया गया था. (फोटो: पी.आई.बी.) 
भारत निर्माण स्‍वयंसेवी एक ऐसा व्‍यक्‍ति है जो ग्रामीण परिवेश से जुड़ा है वह अपनी मर्जी से परिवारों तथा विभिन्‍न विभागों के मेजबानों के बीच सहज कड़ी के रूप में कार्य करता है। वह सरकार द्वारा प्रायोजित विभिन्‍न कार्यक्रमों के लाभ बिना पहुंच वाले ग्रामीणों को दिलवाना सुनिश्‍चित करता है। दूसरे शब्‍दों में, वे कार्यक्रमों तथा इन कार्यक्रमों की पहंच से दूर बिना के लोगों के बीच मील का आखिरी मानवीय संपर्क है। अब तक देश में 31,000 स्‍वयंसेवी को भारत निर्माण स्‍वयंसेवी के रूप में नामांकित कर लिया गया है। इस वर्ष मार्च तक 1,60,000 को नामांकित करने का लक्ष्‍य है।
भारत निर्माण स्‍वयंसेवी क्‍यों?
     सरकार तथा संबंधित राज्‍य सरकारें कई दशकों से विभिन्‍न कल्‍याणकारी तथा विकास कार्यक्रमों को संचालित कर रही हैं। तथापि, कई मूल्‍यांकन अध्‍ययनों में यह दर्शाया गया है कि कार्यक्रमों के कार्यान्‍वयन में कमी रह गई और गरीबी से नीचे रहने वाले कई संबद्ध परिवारों को वांछित लाभ नहीं मिल पाया। विभिन्‍न स्‍तरों पर इन सुविधाओं का लाभ देने वालों का आकार सीमित रहने तथा पर्याप्‍त समय न देने पर लक्षित ग्रामीण घर परिवारों को इनका लाभ भी समय पर नहीं मिल पाया तथा कहीं पर ऐसे लोगों को भी लाभ मिल गया जिन्‍हें इसकी जरूरत नहीं थी।

     ग्रामीण घर परिवारों के साथ आखिरी जुड़ाव के रूप में मानवीय चेहरा प्रस्‍तुत करने के लिए यह सोचा गया कि क्षमतावान युवकों का उपयोग भारत निर्माण स्‍वयंसेवी के नाम से किया जाए जो ग्रामीण घर परिवारों के बीच कल्‍याणकारी तथा विकास कार्यक्रमों के बारे में जागरूकता फैलाएंगे जिससे बेहतर योजना तथा कार्यक्रमों का सुचारू कार्यान्‍वयन हो और पारदर्शिता तथा जवाबदेही लाई जा सके।
वे क्‍यों स्‍वयंसेवी बने?
पिछले काफी समय से देखा जा रहा था कि ग्रामीण परिवेश में स्‍थानीय शक्‍ति के समूह बढ़ने, विभिन्‍न समुदायों के बीच एकता का अभाव, उनसे संबंधित मुद्दों के बारे में जागरूकता का अभाव, कार्यक्रम की कार्यान्‍वयन प्रक्रिया के पहलुओं के बारे में जागरूकता का अभाव जैसे मुद्दे सामने आ रहे थे इससे विभिन्‍न सरकारी कार्यक्रमों का लाभ गरीब परिवारों को नहीं पहुंच पा रहा था। इसके साथ ही, विभिन्‍न कल्‍याणकारी तथा विकास कार्यक्रमों की योजना की प्रक्रिया में ग्रामीण परिवारों की सहभागिता पर्याप्‍त नहीं थी। इसलिए, ग्रामीणों की विशेष तौर पर युवाओं की स्‍वयंसेवी भागीदारी तथा ग्राम विकास के लिए सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन में भाग लेने का अवसर प्रदान करना आवश्‍यक समझा गया। भारत निर्माण स्‍वयंसेवकों ने अपने कार्यों से अपने व्‍यक्‍तित्‍व, व्‍यवहार में काफी परिवर्तन महसूस किया। उन्‍होंने सम्‍मान और पहचान प्राप्‍त की तथा जहां उन्‍होंने कोई विशिष्‍ट कार्य किया तो उनमें यह भाव पैदा हुआ कि ‘यह हमने किया’।

     प्रशिक्षण में मूल्‍यों तथा नैतिकता के साथ-साथ सरकार की सभी विकास योजनाओं के उद्देश्‍यों पर बल दिया गया है। इससे उनका ध्‍यान उनके समुदाय में व्‍याप्‍त विभिन्‍न बुराइयों जैसे कि शराबखोरी, जल्‍दी स्‍कूल छोड् देने के साथ ग्रामीण अर्थव्‍यवस्‍था, सुशासन और योजना की ओर गया। ग्राम सभा, ग्राम पंचायत तथा समितियों के अंतर्गत मुद्दों का निपटान, अनुशासन, सहजता तथा निर्धारित ढंग के होने से वे स्‍वयं अचंभित थे और ऐसा उन्‍होंने पहले सोचा भी नहीं था। वे शक्‍तिशाली स्‍तंभों से भी सामना करने लगे और उन्‍हें अपने विकास कार्यक्रम के अनुरूप ढालने में समर्थ रहे।

     अनेक गांवों में गलियों की सफाई की, कूड़े का निपटान किया, टैंकों को साफ किया, श्रमदान करके सड़क तैयार की, सूचना प्रदान की। कई बार उन्‍होंने अपनी कमाई भी लगाई। उनमें से कुछ ने बेसहारा परिवारों, जिनमें केवल महिलाएं घर चलाती थीं जिनके लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली से प्राप्‍त चावल पूरा नहीं पड़ता था, ऐसे परिवारों की पहचान की और कार्यकर्ताओं ने ऐसे परिवारों की मदद की और यह सुनिश्‍चित किया कि वे हर रोज अपने तीन समय का भोजन प्राप्‍त कर सकें। कई स्‍वयंसेवी अपने गांव में रोशनी लाने के लिए ऊर्जा के वैकल्‍पिक स्रोतों की योजना सरकार से धनराशि प्राप्‍त करने के लिए बना रहे हैं। कुछ अपनी गलियों में सौर ऊजा से रोशनी तथा कुछ सौर कुकर और बिजली के लिए योजना बना रहे हैं। गांव में विभिन्‍न समुदायों के बीच काफी समय से चल रहे झगड़ों का निपटारा कर लिया गया है और भाईचारा पनपा है। भारत निर्माण स्‍वयंसेवी ने मंडल स्‍तर पर सभी विभागों से संपर्क कर समुदायों के पूरे नहीं किए गए अनुरोधों के संबंध में उत्‍तर प्राप्‍त किए हैं। इनमें से अनेक ने दफनाने के लिए स्‍थान, खेल के मैदान तथा कुछ ने अपने गांव में बस चलाने के लिए प्रशासन से पहचान तथा अधिसूचना प्राप्‍त कर ली है। प्राय: सभी गांव वालों ने यह सूचित किया है कि उन्‍होंने ऐसी दुकानें (शराब की दुकान) बंद कराने के प्रयास किए और उनमें से कई ऐसी दुकाने बंद कराने में सफल रहे। कुछ ने गांव की दुकानों में पान और गुटकों की बिक्री बंद करा दी। कइयों ने सौ प्रतिशत आईएसएल कवरेज के बारे में अनेक लोगों को सूचित किया है।

     कइयों ने प्रशासन से नालियों की लाइन के निर्माण के लिए संपर्क किया है। एक गांव में प्रत्‍येक घर परिवार के लिए गड्ढ़ा भरना निश्‍चित किया गया है, यह उनका लक्ष्‍य है और उन्‍हें यह विश्‍वास कि वे इस कार्य को शीघ्र ही पूरा कर लेंगे। कुछ गांवों में खुली हवादार लाइब्रेरी शुरू की गयी हैं। अख़बार और पत्रिकाएं शाम तक छोटे कमरे में रख दी जाती हैं और शाम को इन्‍हें पेड़ के पास चौपाल में पढ़ने के लिए पहुंचा दिया जाता है। बाद में इन्‍हें फिर से स्‍वयंसेवी  प्रभारीद्वारा कमरे में वापस पहुंचा दिया जाता है।

     आंध्र प्रदेश ग्रामीण विकास अकादमी (अपार्ड) के प्रशिक्षण कार्यक्रम में सभी भारत निर्माण स्‍वयंसेवियों को स्‍वयं सेवा की भावना का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रबुद्ध व्‍यक्‍तियों, उस्‍मालिया विश्‍वविद्यालय के साइक्‍लोजिस्‍ट, ब्रह्म कुमारियां, भारत के पूर्व राष्‍ट्रपति अब्‍दुल कलाम द्वारा शुरू किया गया लीड इंडिया फाउंडेशन, अनुभवी पत्रकार तथा प्रोग्रेसिव सरपंच तथा अपार्ड से लोगों को शामिल किया गया।

इस प्रयोग की सबसे महत्‍वपूर्ण बात यह रही कि यह सभी स्‍वयंसेवी किसी भी स्रोत से कोई वित्‍तीय सहायता या मानदेय प्राप्‍त नहीं करते। इसके विपरीत कई मामलों में वे जहां आवश्‍यकता पड़ती है अपनी खुद की धनराशि खर्च करते हैं। उन्‍होंने यह सिद्ध कर दिया है कि ग्रामीण समुदाय निष्‍क्रिय नहीं हैं और वे अपनी समस्‍याओं का समाधान करने में सक्षम हैं। उन्‍होंने यह भी सिद्ध कर दिया है कि वे अपने समुदाय के अधूरे सपनों को पूरा कर सकते हैं तथा वे ग्रामीण आंध्र प्रदेश के स्‍तर में गुणवत्‍ता परक सुधार लाएंगे। एक खास बात जो अपार्ड ने देखी कि भारत निर्माण स्‍वयंसेवियों तथा चुने हुए प्रतिनिधियों के बीच कार्य का बेहतर माहौल बना जबकि यह लगता था कि इनके बीच टकराव तथा तकरार न हो जाए। यात्रा जारी है और भारत निर्माण स्‍वयंसेवियों से लम्‍बी सूची प्राप्‍त करने की अपेक्षा है।                                       {
पी.आई.बी.} 
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*ग्रामीण विकास मंत्रालय से प्राप्‍त सामग्री के आधार पर

बाल श्रम पर नवगठित केन्‍द्रीय सलाहकार बोर्ड की बैठक

बच्‍चों के भविष्‍य को सुरक्षित बनाने का आह्वान:खड़गे ने की अध्यक्षता
केन्‍द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने देश में बच्‍चों के भविष्‍य को सुरक्षित बनाने के लिए और अधिक प्रयास करने का आह्वान किया है। श्री खड़गे आज बाल श्रम पर नवगठित केन्‍द्रीय सलाहकार बोर्ड की पहली बैठक की अध्‍यक्षता कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि उनके मंत्रालय को बाल श्रम (निषेध एवं नियमन) कानून 1986 के कार्यान्‍वयन का महत्‍वपूर्ण अधिकार मिला हुआ है, जिसके तहत 14 वर्ष की आयु से कम के बच्‍चों को 16 व्यवसायों एवं 65 प्रक्रियाओं में लगाए जाने की मनाही है। ये व्‍यवसाय हैं कसाई घर/पशु वध स्‍थल, मोटर व्यवसाय, हानिकारक अथवा ज्‍वलनशील सामग्री को संभालना, कपड़ा उद्योग, खान उद्योग, घरेलू नौकरों के तौर पर, ढाबों में, तैराकी, सर्कस और हाथियों की देख-रेख। अपने मंत्रालय की उपलब्धियों का ब्‍यौरा देते हुए श्री खड़गे ने कहा कि राष्‍ट्रीय बाल श्रम नीति के अनुपालन में वर्ष 1988 में बाल श्रमिकों के पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिसके अंतर्गत 271 जिलों की पहचान की गई और वर्तमान में यह योजना 20 राज्‍यों के 266 जिलों में लागू है, जिसमें लगभग 3.39 लाख बच्‍चों को 7300 विशेष विद्यालयों में पढ़ाया जाता है। इस योजना के अंतर्गत बच्‍चों को काम से हटाकर विशेष स्‍कूल में भर्ती कराया जाता है और उन्‍हें ब्रिज शिक्षा, व्‍यावसायिक शिक्षा, 150 रुपये का मानदेय, मध्‍यान भोजन तथा स्‍वास्‍थ्‍य देख-रेख की जाती है। इसके अलावा मंत्रालय बाल श्रम के लिए अनुदान सहायता योजना भी चला रहा है, जिसमें परियोजना लागत की 75 प्रतिशत धनराशि स्वयंसेवी संगठनों को सीधे दी जाती है, जो उन जिलों में बाल श्रम उन्‍मूलन के काम कर रहे है, जहां एनसीएलपी विद्यालय बनाना संभव नहीं है। 

श्री खड़गे ने कहा कि सरकार बाल श्रम (निषेध एवं नियमन) कानून 1986 में संशोधन करने का विचार भी कर रही है, जिसके तहत 14 वर्ष तक की आयु के बच्‍चों को काम पर लगाने की मनाही का प्रस्‍ताव है। ऐसा शिक्षा के अधिकार कानून-2009 के लागू होने के कारण किया जा रहा है, जिसमें 06 से 14 वर्ष के बच्‍चों को नि:शुल्‍क एवं अनिवार्य शिक्षा दिये जाने का प्रावधान है। यह विषय हाल में ही आयोजित एक बैठक में उठाया गया, जिसमे सभी राज्‍यों के सचिव और केन्‍द्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधि शामिल थे, जो लगभग 14 वर्ष तक की आयु के बच्‍चों को रोजगार में लगाने पर प्रतिबंध के लिए एकमत थे। आज की बैठक इस कानून में संशोधन पर चर्चा करने के लिए आयोजित की गई थी। इस अवसर पर श्रम मंत्रालय में संयुक्‍त सचिव श्री अनुप पांडेय द्वारा बाल श्रम कानून के विभिन्‍न पहलूओं तथा अंतर्राष्‍ट्रीय राय से सम्‍बद्ध एक प्रस्‍तुती भी दी गई। (
20-जनवरी, 2012 20:45) {पत्र सूचना कार्यालय} 

सोमवार, जनवरी 16, 2012

भारत मौसम विज्ञान विभाग का 137 वां स्थापना दिवस

आईएमडी में स्मरणीय योगदान के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए
इस अवसर पर एक शानदार प्रदर्शनी का आयोजन भी हुआ जिसमें योजना, विज्ञानं, तकनोलोजी औत भू विज्ञानं के मंत्री डा. अश्वनी कुमार,  भूमि विज्ञान मन्त्रालय के सचिव डा. शैलेश नायक और आई.एम.डी. के महानिदेशक डा. अजीत त्यागी सहित बहुत से अन्य प्रमुख log भी शामिल हुए. फोटो व विवरण: पत्र सूचना कार्यालय  

नयी दिल्ली//पी.आई.बी.//16 जनवरी,2012 : विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के भूतपूर्व सचिव प्रो. यशपाल ने कहा कि “विसंगतियां जीवन का अहम पहलू है। अगर कोई व्यक्ति विसंगतियों को नहीं समझता तो वह जिंदगी को भी नहीं समझ सकता।” कल यहां भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 137वें स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में डॉ. यशपाल ने बताया कि विज्ञान के क्षेत्र में काम करना कितना मुश्किल और कितना आश्चर्यजनक है। अंततः इससे समाज को लाभ होता है। यह आगे काम करने की प्रेरणा देता है। डॉ. यशपाल ने कहा कि, “वह बीते जमाने की बात है जब मौसम पूर्वानुमानी खिड़की से बाहर देखकर मौसम को महसूस कर मौसम पूर्वानुमान बताया करता था। अब बहुत से उपकरणों का प्रयोग किया जाता है और गणितीय विश्लेषण द्वारा स्पष्ट जानकारी दी जाती है। कॉस्मिक किरणों, मौसम विज्ञान से संबंधित दवाब को नापने, संचार, प्रसारण, विमानन आदि के संदर्भ में विज्ञान के क्षेत्र में यह योगदान काफी महत्वपूर्ण है।” डॉ. यशपाल ने डॉ. सतीश धवन को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित की गई समन्वय समितियों के बगैर यह संभव नहीं था। प्रो. यशपाल ने सभी को यह सलाह दी कि वे अपने मनपसंद कार्यक्षेत्र में काम करे।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार ने कहा कि आईएमडी ने उत्कृष्टता के साथ आधुनिक विज्ञान के एक समूचे नए दौर में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि, “अवलोकन प्रणाली का आधुनिकीकरण, मौसम पूर्वानुमान के लिए अंकीय तरीकों के इस्तेमाल के लिए उच्च प्रदर्शन करने वाली कंप्यूटिंग प्रणाली की शुरुआत (भारत के प्रथम सुपर कंप्यूटर से सौ गुणा अधिक शक्तिशाली) और नवीन सूचना प्रौद्योगिकी आधारित डाटा प्रोसेसिंग प्रणाली हाल के वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां रही हैं। डोपलर मौसम रडार पर आधारित तत्काल मौसम की जानकारी देने की प्रणाली भी काफी नवीन है और एक सेवा क्षेत्र के रुप में इसे अभी स्थापित होना है। प्रसार प्रणाली के सीधे जनता और उपयोगकर्ता समूहों तक पहुंचने से समय की बचत होगी। इस प्रणाली का लक्ष्य बेहद विशिष्ट क्षेत्रों में मौसम से संबंधित गंभीर चेतावनी की सूचना प्रदान करना है।”
इससे पहले मंत्री महोदय ने दिल्ली में देश के प्रथम सी- बैंड डोपलर रडार का उद्घाटन किया। यह रडार मेट्रो शहर में मौसम पूर्वानुमान से संबंधित गंभीर चेतावनी प्रदान करने में सहायक होगा। आने वाले तूफान से प्रभावित होने वाले शहर के भागों की जानकारी से आम इंसान के साथ ही नागरिक प्राधिकरणों को भी इससे मदद मिलेगी।
संवाददाताओं से बात करते हुए डॉ. अश्विनी कुमार ने बारहवीं पंचवर्षीय योजना के लिए आईएमडी और मंत्रालय के नवीन कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, “इन योजनाएं की फिलहाल वैज्ञानिक जांच चल रही है और कुछ महीनों में इन्हें अंतिम रुप दे दिया जाएगा। इन योजनाओं में पर्वतीय मौसम विज्ञान शामिल है जो हिमालय को समाविष्ट करेगा, कृषि मौसम विज्ञान देश के सभी भागों में विस्तृत होगा। विमानन मौसम विज्ञान के तहत निरंतर अवलोकन सेंसरों के जरिए सभी हवाईअड्डों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त महानगरों में मौसम सेवा की योजना भी है।”
राज्य मंत्री ने बताया कि, “आईएमडी का अगला लक्ष्य जलवायु सेवा है जिससे मौसम और वर्ष के 10-15 दिन पूर्व इसके दीर्घावधि व्यवहार की जानकारी प्राप्त हो सके। दशकीय और शताब्दी पैमाने में बदलाव भी समाज के लिए महत्वपूर्ण है। जलवायु आंकडे और कृषि, जल संसाधन, मानव, पशु और पौधों की सेहत आदि पर जलवायु परिवर्तन के असर का अध्ययन करना भी ज़रुरी है। इसके अलावा जनता से जुड़ाव में भी मूलभूत परिवर्तन कर इसे जनता द्वारा प्राप्त जानकारी से जनता को प्रदान की गई जानकारी में तबदील करना होगा।”
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 137वें स्थापना दिवस के अवसर पर पृथ्वी-विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दो पुस्तकों का भी अनावरण किया गया। “क्लाईमेटोलॉजिकल टेबल्स” नामक पुस्तक जलवायु विज्ञान के तीस वर्षों का संकलन है। डॉ. एम. मोहपात्रा, एच.आर बिस्वास और जी.के सवाईसर्जे को 25वां द्विवार्षिक मौसम पुरस्कार प्रदान किया गया।
सर्वोत्कृष्ट आंकडों की प्राप्ति, उपकरणों के रखरखाव और नौवहन पूर्वानुमान सत्यापन के आधार पर मुंबई के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र को सम्मानित किया गया। प्रदर्शन के आधार पर रायपुर को वर्ष 2010-11 के लिए सर्वोत्कृष्ट पूर्वानुमान क्षमता के लिए चयनित किया गया और कोलकाता वेधशाला को आरएस/आरडब्ल्यू अवलोकन के लिए सर्वोत्कृष्ट बेस चुना गया। आईएमडी के 15 कर्मचारियों को विभिन्न सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया जिसमें सर्वश्रेष्ठ हिन्दी अनुवाद, आवंटित कार्य के अलावा उत्कृष्ट और समर्पित कार्य शामिल है। ***


शुक्रवार, जनवरी 13, 2012

देश भर में मकर-संक्रांति और पोंगल की धूम

राष्ट्रपति और उपराष्‍ट्रपति ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं
भारत की राष्ट्रपति श्रीमती प्रतिभा देवीसिंह पाटिल ने देशवासियों को मकर संक्रांति और पोंगल की शुभकामनाएं दी हैं जो क्रमशः 14 और 15 जनवरी को मनाया जाएगा। 
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा कि- "मकर संक्रांति और पोंगल के पावन अवसर पर मैं देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं देती हूं और उनकी समृद्धि और खुशहाली का कामना करती हूं। ये त्यौहार हमारी भावनात्मक एकता को प्रकट करते हैं जो हमारी राष्ट्रीय ताकत है। 

यह उत्सव उस बंधन को और अधिक मजबूत बनाए जो हम सबको शांति और सौहार्द के साथ एक राष्ट्र के तौर पर जोड़ते हैं। "
उपराष्‍ट्रपति मोहम्‍मद हामिद अंसारी ने मकर संक्रांति और पोंगल के शुभ अवसर पर देश के लोगों को अपनी शुभकामनाएं दी हैं। अपने संदेश में उन्‍होंने कहा कि ये त्‍यौहार पारंपरिक उत्‍साह और उल्‍लास के साथ देश के विभिन्‍न भागों में मनाए जाते हैं और ये ‘उत्‍तरायण’ और फसल कटाई की शुरूआत का भी प्रतीक हैं। 
उपराष्‍ट्रपति ने देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश के नागरिकों के लिए ये उत्‍सव शांति, समृद्धि और प्रसन्‍नता लेकर आएं। 

गुरुवार, जनवरी 12, 2012

नई दिल्ली में एक प्रेस वार्ता

मीडिया का सामना आसान नहीं होता 
ज़िन्दगी में यूं तो कुछ भी सहज और आसान नहीं होता पर  मीडिया का सामना बहुत ही कठिन काम है. इसकी मुश्किलें वही जानते हैं जिनका सामना अक्सर मीडिया से होता है. जितना बड़ा पद उतनी बड़ी मुश्किलें. यहाँ फ़िल्मी दुनिया की तरह कोई रिटेक भी नहीं होता. जरा सी चूक और खड़ा हो सकता है तूफ़ान. एक ऐसा बवंडर जिसे सम्भालना कभी कभी बहुत ही मुश्किल हो जाता है. लेकिन इसके बावजूद कुछ ऐसे लोग हैं जो इस कला में पारंगत हो जाते हैं. इसका अहसास एक बार फिर होता है इस तस्वीर को देख कर. लगता है प्रेस कान्फरंस में किसी पत्रकार ने कैमरे के सामने कुछ टेडा  सवाल पूछ लिया है. पर महिला व बाल कल्याण विभाग की स्वतंत्र प्रभारों वाली राज्य मंत्री सुश्री कृष्ण तीर्थ ने बहुत ही संतुलित रहते हुए बात को सुना भी और उसका उत्तर भी दिया. पत्र सूचना कत्याला के कैमरामैन ने इन यादगारी पलों को  हमेशां के लिया अपने कैमरे में कैद कर लिया. गौर तलब है की ये प्रेस वार्ता 11 जनवरी, 2012 को नई दिल्ली में हुई थी. गर्व की बात है की भारत की राजनीती में अब इस तरह  के आत्म विश्वासी स्वभाव की महिला नेता लगातार बढ़ रही हैं..-रेक्टर कथूरिया