बुधवार, अप्रैल 15, 2026

कारवां पर्यटन को बढ़ावा--मन के रंगों का इंद्रधनुष भी सजा देता है

पर्यटन मंत्रालय//प्रविष्टि तिथि: 16 March 2026 at 3:44 PM by PIB Delhi

लोकसभा में ग्रुप पर्यटन पर बहुत ही अर्थपूर्ण चर्चा भी हुई 

ग्रुप पर्यटन Pexels-Photo-By Cottonbro Studio
नई दिल्ली
: 16 मार्च 2026: (PIB Delhi//इर्द गिर्द डेस्क):: 
मन के रंग उदास हों तो इसकी चिंता पहल के आधार पर की जानी चाहिए। मन के रंग दिल ,  दिमाग और अंतरात्मा को भी प्रभावित करते हैं। इन रंगों को साकारत्मक बनाने के लिए जो ढंग तरीके मुद्द्त से अपने जाते रहे हैं उनमें से एक ढंग तरीका आस पास या इर्द गिर्द के इलाकों में घूमना घुमाना भी बहुत लोकप्रिय है।

आसपास या दूर दराज के भी लोकप्रिय क्षेत्रों में पर्यटन के मकसद से जाना पुराने समय में भी बहुत अच्छा गिना जाता था। कहते हैं न एक से भले दो - -दो से भले तीन - --! इस तरह के ग्रुप से आपसी सहयोग भी बढ़ जाता है और सुरक्षा का मामला भी और मज़बूत हो जाता है। हालांकि अकेले अकेले लोगों ने भी बहुत सफर तय किए हैं पर ग्रुप से पर्यटन का मज़ा बहुत बढ़ जाता है। पर्यटन की ज़िम्मेदारियाँ भी बंट जकाती हैं और मज़ा बहुत बढ़ जाता है। 

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में प्रश्‍न के लिखित उत्तर में बताया कि कारवां पर्यटन सहित पर्यटन स्थलों और उत्पादों का विकास एवं प्रचार-प्रसार संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। पर्यटन मंत्रालय विभिन्न पहल द्वारा भारत को समग्र रूप से पर्यटन गंतव्‍य के रूप में प्रचारित करता है। ग्रुप पर्यटन में रेलवे जैसे विभाग बही बहुत अच्छी योजनाएं निकालते हैं। खान पान और रहने में भी कई सुविधाएं और रियायतें मिल जाती हैं। इस तरह ग्रुप या कारवां पर्यटन बहुत यादगारी सफर बन जाता है। जितने लोग कारवां में होते हैं उतनी ही यादें अधिक बढ़ जाती हैं। यहाँ मुझे फील कारवां भी याद आने लगी है।

जितेंद्र और आशा पारिख की मुख्य भूमिकाओं पर आधारित यह फिल्म बहुत हिट हुई थी। यह रिलीज़ हुई थी 29 अक्टूबर 1971 को और इसे निर्देशन दिया था नासिर हुसैन साहिब ने। इसके गीत लिखे थे मजरूह सुल्तानपुरी साहिब ने और संगीत दिया था आर दी बर्मन साहिब ने। 

पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय योजनाओं 'स्वदेश दर्शन', 'तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद)' और 'पर्यटन अवसंरचना विकास हेतु केंद्रीय एजेंसियों को सहायता' द्वारा देश में पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता देता है। यह सहायता दिशानिर्देशों के अनुरूप राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से प्राप्त प्रस्तावों/विस्तृत परियोजना रिपोर्टों के आधार पर दी जाती है।

पर्यटन मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश में किसी कारवां पर्यटन परियोजना का समर्थन नहीं किया है। हालांकि, आंध्र प्रदेश में स्वीकृत अन्य अवसंरचना परियोजनाओं की सूची अनुलग्नक में प्रस्‍तुत है। आप के मन में कोई आइडीया उठ रहा है तो उसे अंतिम रूप दे डालिए। पर्यटन के रंग आपके मन के रंगों को भी बदल देंगें। बेशक आज़मा कर देख लीजिए। 

अनुलग्नक देखने के लिए यहां क्लिक करें -

***//पीके/केसी/एकेवी/जीआरएस//(रिलीज़ आईडी: 2240892)

मंगलवार, मार्च 17, 2026

'भारत टैक्सी' का संचालन

सहकारिता मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 17 MAR 2026 4:44PM by PIB Delhi

नई दिल्ली:17 मार्च 2026: (पीआईबी दिल्ली//इर्द गिर्द डेस्क)::

भारत टैक्‍सी भारत सरकार की 'सहकार से समृद्धि' की परिकल्‍पना के अनुरूप सहकारिता मंत्रालय द्वारा सहकारी क्षेत्र के सशक्‍तीकरण और समावेशी, नागरिक-केंद्रित मोबिलिटी समाधानों को बढ़ावा देने के जारी प्रयासों में एक प्रमुख मील का पत्‍थर है। बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के अधीन पंजीकृत, भारत टैक्सी की स्थापना दिनांक 6 जून, 2025 को सहकारिता के क्षेत्र में काम करने वाले राष्ट्रीय स्तर के 8 संस्थानों द्वारा की गई है जिसे आधिकारिक रूप से दिनांक 5 फरवरी, 2026 को लॉन्च किया गया । भारत टैक्सी पारंपरिक "चालक-भागीदार " मॉडल से "सारथी-मालिक" मॉडल में परिवर्तन है जिसमें सारथी प्रचालनों के पर्यवेक्षण में पेशेवर प्रबंधन को रखते हुए सहकारी समिति के मालिक बन सकते हैं, प्रबंधन बोर्ड में प्रतिनिधित्व कर सकते हैं और लाभ साझाकरण में भाग ले सकते हैं । भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म शून्य-कमीशन मॉडल पर काम करता है जिसमें सारथियों को मुनाफे का सीधा वितरण होता है जो निवेश-चालित एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म का एक घरेलू और स्वदेशी विकल्प प्रदान करता है । भारत टैक्सी में पारदर्शी किराया संरचना, उपयोगकर्ता अनुकूल मोबाइल राइड-बुकिंग इंटरफेस, रियल-टाइम वाहन ट्रैकिंग और बहुभाषी इंटरफेस समर्थन के साथ-साथ 24/7 ग्राहक सहायता है । भारत टैक्सी वर्तमान में दिल्ली राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र- दिल्ली, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद, गाजियाबाद और गुजरात के अहमदाबाद, राजकोट, सोमनाथ एवं द्वारका में प्रचालनरत है । भारत टैक्सी का लक्ष्य अगले तीन वर्षों में देश भर के टियर-2 और टियर-3 शहरों में चरणबद्ध तरीके से तहसील स्तर तक अपनी सेवाओं का विस्‍तार करना है ।

भारत टैक्‍सी के अधीन यात्रा करने के लिए किराया का निर्धारण सहकारी समिति द्वारा प्रचालन लागतों, यात्रा की दूरी और मौजूदा बाजार स्थितियों को ध्यान में रखते हुए तय किया जाता है जिससे चालकों (सारथियों) और सवारियों के बीच सर्वोत्तम संभव मिलान की सुविधा प्राप्‍त हो सके । इसकी मूल्य निर्धारण प्रणाली को पारदर्शी और विनियमित किराया सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है जिसमें समय-समय पर समीक्षा की जाती है और सभी हितधारकों को किराया संरचनाओं की सूचना दी जाती है ।

चालक सदस्यों (सारथियों) को समिति की उपविधियों में निर्धारित पात्रता मानदंडों के अनुसार प्रवेश दिया जाता है । चालकों को 18 वर्ष से अधिक आयु का होना, उनके पास वाहन चलाने का वैध लाइसेंस होना और मोटर वाहन अधिनियम तथा प्रासंगिक परिवहन नियमों के प्रावधानों का पालन करना अनिवार्य है । सदस्यता के लिए आवेदन डिजिटल रूप से प्रस्तुत किए जाते हैं और सोसायटी द्वारा समीक्षा की जाती है। प्रवेश देने से पूर्व उनके लिए प्लेटफॉर्म के उपयोग, सुरक्षा प्रोटोकॉल और ग्राहक सेवा मानकों के संबंध में अनिवार्य ऑनबोर्डिंग और प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित किए जाते हैं ।

इस परियोजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न उपाय शामिल किए गए हैं जिनमें निम्‍नलिखित शामिल हैं:

सहकारी संरचना के तहत प्रचालन जिसमें सदस्यों द्वारा लोकतांत्रिक पर्यवेक्षण के साथ बोर्ड में चालक (सारथी) का प्रतिनिधित्व;

पारदर्शी किराया निर्धारण और आवधिक मूल्य समीक्षा प्रणाली;

रियल-टाइम बुकिंग, वाहन ट्रैकिंग और ग्राहकों के फीडबैक की सुविधा ‍के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म;

सवारियों के लिए शिकायत निवारण तंत्र का प्रावधान; और

बहुराज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 के अधीन आवधिक वित्तीय संपरीक्षा और वि‍नियामक अनुपालन ।

इसके अतिरिक्त, इस प्लेटफॉर्म ने प्रचालन पारदर्शिता और चालक (सारथी) कल्याण को सशक्‍त करने के लिए डिजिटल भुगतान एकीकरण, बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं और चालकों (सारथियों) के लिए बीमा सहायता हेतु संस्थानों के साथ समझौता ज्ञापन किए हैं ।

यह जानकारी केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

******//AK/AP//(रिलीज़ आईडी: 2241274) 

शुक्रवार, फ़रवरी 27, 2026

राष्ट्रपति ने जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी

 राष्ट्रपति सचिवालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 27 FEB 2026 at 12:39PM by PIB Delhi

लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड स्वदेशी भी है और हल्का भी

प्रचंड में भरी गई उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु

नई दिल्ली:27 फरवरी 2026: (PIB Delhi//इर्दगिर्द डेस्क)::

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज (27 फरवरी, 2026) राजस्थान के जैसलमेर वायुसेना स्टेशन पर स्वदेशी हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर प्रचंड में उड़ान भरी। इससे पहले, उन्होंने क्रमशः 2023 और 2025 में सुखोई 30 एमकेआई और राफेल में उड़ानें भरी थीं।

यह मिशन दो विमानों के एलसीएच फॉर्मेशन के रूप में क्रियान्वित किया गया। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने ग्रुप कैप्टन नयन शांतिलाल बहुआ के साथ पहले विमान में उड़ान भरी, जबकि वायुसेना प्रमुख, एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और ग्रुप कैप्टन ए महेंद्र दूसरे विमान में नंबर 2 के रूप में सवार थे। लगभग 25 मिनट के इस मिशन के दौरान, उन्होंने गडिसर झील और जैसलमेर किले के ऊपर से उड़ान भरी और एक टैंक लक्ष्य पर हमला किया।

बाद में आगंतुक पुस्तिका में, राष्ट्रपति ने एक संक्षिप्त टिप्पणी लिखकर अपनी भावनाओं को व्यक्त किया, जिसमें उन्होंने कहा, भारत के स्वदेशी रूप से विकसित हल्के लड़ाकू हेलीकॉप्टर 'प्रचंड' में उड़ान भरना मेरे लिए एक समृद्ध अनुभव रहा है। इस उड़ान ने मुझे राष्ट्र की रक्षा क्षमताओं पर नए सिरे से गर्व का अनुभव कराया है। मैं भारतीय वायु सेना और वायु सेना स्टेशन जैसलमेर की पूरी टीम को इस उड़ान के सफल आयोजन के लिए बधाई देती हूं।

शाम को राष्ट्रपति जैसलमेर में भारतीय वायु सेना के वायु शक्ति अभ्यास का अवलोकन करेंगी।

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पीके/केसी/एसकेजे/ओपी// (रिलीज़ आईडी: 2233448)


शनिवार, जनवरी 24, 2026

भूख का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है

On Saturday 24th January 2026 at 04:51 Regarding Hunger with https://iradgirad.blogspot.com

क्या हमें इस बात का अहसास है?


इंटरनेट की दुनिया: 24 जनवरी 2026: (मीडिया लिंक रविंद्र//इर्द गिर्द डेस्क)::

इस पोस्ट के अंत में एक वीडियो दी गई है। जिसका दृश्य ह्रदय विदारक है। एक कमज़ोर गरीब बच्ची जूठन वाली प्लेटों में से बची खुची जूठन उठा कर अपना पेट भरने की कोशिश कर रही है। इस वीडियो को देखकर समझ आता है कि हमारे विकास के दावे कितने खोखले हैं? हमारी बातों के तथ्यों में कितनी सच्चाई है! साथ ही यह भी पता लगता है कि मानवीय आधार पर हम लोग कितने निष्ठुर और कितने अमानवीय हैं! यह सब देखकर भी हमें कुछ नहीं होता। आँखों में आंसू तक भी नहीं आते। हमारे देखे अनदेखे कितने लोग भूख से मर जाते हैं और हम लोग कैमरों के सामने अपने दान का ढिंढोरा पीटते रहते हैं। भूख का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है 

इस गरीबी और भूख वाली हालत पर गूगल बाबा बताते हैं कि दुनिया भर में भूख और कुपोषण एक गंभीर संकट है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। इस हालत के बावजूद हम अभी तक इस मुद्दे पर सचमुच गंभीर नहीं हुए। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अन्य रिपोर्टों के अनुसार, भूख से प्रतिदिन लगभग 21,000 से 25,000 लोग मरते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। यह हालत कोई मामूली बात नहीं है। यह आंकड़ा प्रति वर्ष लगभग 90 लाख मौतों तक हो सकता है, जो अक्सर संघर्ष और कुपोषण के कारण होती है। लेकिन हम लोगों ने इसे अब तक कितनी गहराई या गंभीरता से समझा? क्या इसे समझना हमारा मानवीय कर्तव्य नहीं था? क्या हमारा कलेजा नहीं फटता यह सब देख कर?

भूख और कुपोषण से जुड़ी मुख्य जानकारी को देखें तो रौंगटे खड़े हो जाते हैं। आंखें भीग जाती हैं। इतने लोग मर जाते हैं लेकिन हमारी सोच पर शायद कोई फर्क ही नहीं। हम इस कड़वी हकीकत से आंखें मूँद कर बैठे हैं। हम अपनी मस्ती में मस्त ज़िंदगी के नज़ारे ले रहे हैं। 

इस संबंध में मिले विवरण के मुताबिक दैनिक मौतों की संख्या बहुत गंभीर है। रोज़ाना लगभग 25,000 लोग भुखमरी के कारण जान गंवाते हैं। यह तो केवल वही मामले हैं जो सामने आ जाते हैं। जो मामले छुपे रह जाते हैं उनकी संख्या भी कम नहीं होगी। 

बच्चों पर भूखमरी का प्रभाव बेहद भयावह है। हर साल, भूख से संबंधित कारणों से 90 लाख लोगों की मृत्यु होती है, जिनमें से एक तिहाई तो 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे होते हैं।

यह सचमुच बहुत ही गंभीर स्थिति है। वर्तमान में, दुनिया भर में हर 11 में से 1 व्यक्ति (70 करोड़ से अधिक) भूख से पीड़ित है।

दुनिया के कई हिस्सों में भूखमरी के प्रकोप के चलते हालत लगातार खराब बनी हुई है। अकाल के कारण ही तो सूडान, गाजा और यमन जैसे स्थानों में संघर्ष और खाद्य संकट के कारण लोग भूख से मर रहे हैं।

यह सब अकारण भी नहीं है। इसके कुछ कारण हैं गरीबी, संघर्ष और जलवायु संकट इत्यादि। इनके चलते हालत दयनीय बनी हुई है।  इसी दयनीय हालत का शिकार बने हुए हैं बहुत से लोग। जिनकी हालत देख कर मानव पर भी सवाल उठते हैं और भगवान पर भी। 

यह वैश्विक समस्या मुख्य रूप से संसाधनों के असमान वितरण के कारण है। 

शुक्रवार, नवंबर 28, 2025

सरदार@150 राष्ट्रीय एकता मार्च तीसरे दिन वडोदरा पहुंचा

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय//Azadi Ka Amrit Mahotsav//प्रविष्टि तिथि: 28 NOV 2025 at 4:48 PM by PIB Delhi

युवा नेतृत्व और सामुदायिक भागीदारी का उत्सव मनाया

सरदार पटेल ने ‘एक भारत’ के निर्माण के लिए भारत का एकीकरण किया; प्रधानमंत्री मोदी देश को श्रेष्ठ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं: डॉ. मनसुख मांडविया

एकता की 10,000 किलोमीटर की यात्रा: सरदार@150 मार्च ने राष्ट्र को प्रेरित किया

सरदार@150 संस्कृति के जरिए एकता का उत्सव मना रहा है - वडोदरा में सरदार गाथा, प्रदर्शनियों और ग्राम सभा का आयोजन

नई दिल्ली: 28 नवंबर 2025: (पीआईबी दिल्ली//इर्द गिर्द डेस्क )::

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के अंतर्गत ‘माई भारत’ द्वारा आयोजित सरदार@150 राष्ट्रीय एकता मार्च ने आज तीसरे दिन भी गुजरात भर के युवाओं एवं स्थानीय समुदायों के उल्लेखनीय उत्साह के साथ अपनी प्रेरणादायक यात्रा जारी रखी।


तीसरे दिन की पदयात्रा अंकलाव स्थित हरे कृष्ण मंदिर से शुरू हुईर सेवासी के आरणा लॉन्स तक 15.4 किलोमीटर की दूरी तय की। जैसे-जैसे पदयात्रा आगे बढ़ी, वह सरदार वल्लभभाई पटेल के जीवन और नेतृत्व से प्रेरणा लेकर एक संगठित, सशक्त, आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृष्टिकोण को प्रतिध्वनित करती गई।


इस पहल को अभूतपूर्व देशव्यापी समर्थन मिल रहा है। तीसरे दिन तक, 28 राज्यों और 8 केन्द्र-शासित प्रदेशों के 620 से अधिक जिलों तथा 440 लोकसभा क्षेत्रों में कुल 1,514 पदयात्राएं  आयोजित की जा चुकी हैं। अब तक 15 लाख से अधिक नागरिक इस अभियान में शामिल हो चुके हैं और उन्होंने देश भर में 10,007 किलोमीटर की असाधारण यात्रा पूरी की है, जो सरदार पटेल की विरासत और राष्ट्रीय एकता के संदेश के साथ नागरिकों के गहरे देशभक्तिपूर्ण जुड़ाव को दर्शाता है।

वडोदरा के अटलदरा बीएपीएस मंदिर में “विट्ठलभाई – मणिबेन – सरदार: सेवा, त्याग और संकल्प की यात्रा” विषय पर एक विशेष सरदार गाथा का आयोजन किया गया, जिसमें बताया गया कि किस प्रकार पटेल परिवार के सदस्यों ने भारत के स्वतंत्रता आंदोलन और प्रशासनिक मूल्यों को आकार दिया।

सरदार गाथा में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए, केन्द्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया  ने उन 150 ‘स्थायी पदयात्रियों’ की सराहना और बधाई दी, जिनका चयन ‘माई भारत’ मंच पर आयोजित सरदार पटेल पर एक राष्ट्रव्यापी डिजिटल क्विज के माध्यम से हुआ। यह युवाओं की भागीदारी के पैमाने और भारत की युवा शक्ति द्वारा लौह पुरुष की विरासत से गंभीरता के साथ जुड़ाव, दोनों को दर्शाता है। इस डिजिटल क्विज में अब तक 5 लाख से अधिक युवाओं की व्यापक भागीदारी हुई है, जिनमें से शीर्ष 150 प्रतिभाशाली युवा इस पदयात्रा में शामिल हैं।

डॉ. मांडविया ने आगे कहा कि “सरदार पटेल एक अनुशासित, समर्पित और निस्वार्थ कर्मयोगी के सर्वश्रेष्ठ उदाहरण हैं। उनका जीवन हमें सिखाता है कि कैसे एक आज्ञाकारी और कर्तव्यनिष्ठ कार्यकर्ता किसी राष्ट्र की नियति बदल सकता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि सरदार पटेल ने एक भारत बनाने के अटूट संकल्प के साथ पूरे भारत को एक सूत्र में पिरोया और आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उस अखंड भारत को श्रेष्ठ, आत्मनिर्भर और विकसित भारत बनाने की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं, और उन आकांक्षाओं को पूरा कर रहे हैं जो सरदार पटेल ने कभी जगाई थीं। उनके संबोधन ने युवाओं और पदयात्रियों को गहराई से प्रभावित किया, जिससे पदयात्रा में नई प्रेरणा और उद्देश्य जुड़ गया।


इस शक्तिशाली संदेश के साथ, आगे की दिन भर की गतिविधियां राष्ट्र को आकार देने में सरदार पटेल की महान भूमिका को और सामने लाने के लिए तैयार हैं। सेवासी के आरणा लॉन्स में, “सरदार और बारदोली सत्याग्रह - 'सरदार' का उदय" पर एक विषयगत प्रदर्शनी दिन में बाद में आयोजित की जाएगी। इस प्रदर्शनी में संग्रहित अभिलेखीय सामग्री और कथाओं, जो यह बताते हैं कि कैसे बारदोली आंदोलन ने वल्लभभाई पटेल को भारत के श्रद्धेय ‘सरदार’ के रूप में उभारा, के साथ व्यापक सार्वजनिक जुड़ाव होने की उम्मीद है। जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ेगा, इस कार्यक्रम में सांस्कृतिक रूप से जीवंत एक ग्राम सभा भी होगी। उसके बाद नृत्य नाटिका, दयारो और भजन संध्या का आयोजन होगा, जिसमें स्थानीय समुदायों, कलाकारों एवं  माई भारत स्वयंसेवकों के बड़ी संख्या में भाग लेने की उम्मीद है और इस प्रकार, यह आयोजन एक शाम के रूप में एकता, संस्कृति और सामूहिक भावना का उत्सव मनाने के लिए तैयार है।


कल, यह पदयात्रा यश कॉम्प्लेक्स, गोत्री रोड स्थित इस्कॉन मंदिर, बीपीसीएल चार्जिंग स्टेशन, ब्रह्माकुमारी अटलदरा, अटलदरा बीएपीएस मंदिर, छत्रपति शिवाजी सर्कल और मुझ्मावदा सर्कल से होते हुए नवलखी मैदान में समाप्त होगी, जहां एक विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित 11-दिवसीय राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव, सरदार@150 राष्ट्रीय एकता मार्च, लाखों नागरिकों एवं  युवाओं को एक साथ ला रहा है और एक भारत, आत्मनिर्भर भारत  तथा विकसित भारत के आदर्शों दोहरा रहा है और राष्ट्र के प्रति लौह पुरुष के अतुलनीय योगदान का सम्मान कर रहा है।

*****पीके/केसी/आर/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2196016)

गुरुवार, सितंबर 25, 2025

"एक दिन, एक घंटा, एक साथ" की आदर्श थीम के साथ

 प्रविष्टि तिथि: 25 September 2025 at 5:31 PM by PIB Delhi

स्वच्छता ही सेवा अभियान के तहत मेगा इवेंट एवं स्वच्छता अभियान का आयोजन

नई दिल्ली: 25 सितंबर 2025: (मीडिया लिंक रविंद्र//इर्द गिर्द)::

पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार,  ने 'स्वच्छ भारत मिशन' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए 25 सितंबर, 2025 को "एक दिन, एक घंटा, एक साथ" विषय के तहत 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के एक अंग के तौर पर मेगा इवेंट और स्वच्छता अभियान का आयोजन किया।

इस कार्यक्रम की अगुवाई सचिव, पर्यटन मंत्रालय ने की, जिसमें मंत्रालय के अधिकारियों के साथ-साथ इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट (आईएचएम), पूसा, नई दिल्ली के संकाय, स्टाफ और छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

i.     सफाई मित्रों का सम्मान

(क)   कार्यक्रम के सबसे प्रेरणादायक क्षणों में से एक था सफाई मित्रों का सम्मान, जो सार्वजनिक स्थानों को साफ रखने के लिए लगन से काम करने वाले गुमनाम नायक हैं। सम्मान और आभार के प्रतीक के रूप में, सचिव (पर्यटन) ने उन्हें जीवन, विकास और स्थिरता के प्रतीक के रूप में पौधों के पौधे भेंट किए।

(ख)   एक अनूठी और सार्थक पहल में, पर्यटन सचिव ने व्यक्तिगत रूप से इन सफाई कर्मचारियों को मंच पर आमंत्रित किया, जिससे उन्हें अपनी कहानियों, अनुभवों और विचारों को साझा करने का मौका मिला। समावेशन के इस कार्य ने श्रम के सम्मान का सम्मान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय की प्रतिबद्धता को उजागर किया कि राष्ट्रीय विकास में हर योगदानकर्ता को मान्यता मिले।

ii.    भविय के स्वर: छात्रों ने अपने विजन साझा किए

 इस कार्यक्रम ने आई.एच.एम. पूसा के छात्रों को भी अपने विचारों और आकांक्षाओं को व्यक्त करने का अवसर प्रदान किया। उन्होंने एक स्वच्छ, स्वस्थ और विकसित भारत के अपने दृष्टिकोण को उत्साहपूर्वक साझा किया, खासकर भारत को एक शीर्ष वैश्विक पर्यटन स्थल बनाने में स्वच्छता की भूमिका पर ज़ोर दिया। उनके संदेशों में एक बेहतर भविष्य के निर्माण के प्रति राष्ट्रवाद और ज़िम्मेदारी की प्रबल भावना झलकती थी।

iii.    नुक्कड़ नाटक के जरिए सांस्कृतिक जुड़ाव

दर्शकों को रचनात्मक रूप से शामिल करने और स्वच्छता तथा स्थिरता के संदेश को सुदृढ़ करने के लिए, आई.एच.एम. पूसा के छात्रों ने एक शक्तिशाली नुक्कड़ नाटक (स्ट्रीट प्ले) प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति ने स्वच्छता, कचरा अलग करने और सार्वजनिक ज़िम्मेदारी से संबंधित मुद्दों को उजागर किया, जिससे दर्शकों पर एक गहरा प्रभाव पड़ा।

iv.    भौतिक स्वच्छता अभियान चलाया गया

पर्यटन सचिव, मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और आईएचएम पूसा परिवार द्वारा परिसर और आस-पास के क्षेत्रों को कवर करते हुए भौतिक स्वच्छता अभियान चलाया गया। प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से सार्वजनिक स्थानों की सफाई की और रोजमर्रा की जिंदगी में स्वच्छता बनाए रखने के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाई। इस गतिविधि ने सामूहिक नागरिक जिम्मेदारी का एक व्यावहारिक प्रदर्शन किया और देखने वालों को अपने समुदायों में भी इसी तरह के प्रयासों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया।

इस पहल के जरिए पर्यटन मंत्रालय स्वच्छ पर्यटन बुनियादी ढांचे और टिकाऊ प्रथाओं की वकालत करना जारी रखे हुए है। इस आयोजन ने समाज के सभी वर्गों में स्थायी आधार पर 'स्वच्छता' को बढ़ावा देने में सामुदायिक भागीदारी और अंतर-पीढ़ीगत जागरूकता के महत्व को उजागर किया।

*****//पीके/केसी/एसके/एसएस//(रिलीज़ आईडी: 2171373)

बुधवार, अगस्त 27, 2025

राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टेलीफोन कॉल की

 Posted On: 27 August 2025 at 8:32 PM by PIB Delhi

फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब

*दोनों नेताओं ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान के लिए हाल के प्रयासों पर विचार विमर्श किया

*प्रधानमंत्री मोदी ने शांति और स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया

*दोनों नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी और स्थिरता सहित प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा की

नई दिल्ली: 27 अगस्त 2025: (PIB Delhi//इर्द गिर्द)::

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी को आज फिनलैंड गणराज्य के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने टेलीफोन कॉल की।

राष्ट्रपति स्टब ने यूक्रेन में संघर्ष के समाधान पर वाशिंगटन में यूरोप, संयुक्त राज्य अमरीका और यूक्रेन के नेताओं के बीच हुई हालिया बैठकों पर अपना आकलन साझा किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान और शांति एवं स्थिरता की शीघ्र बहाली के लिए भारत के निरंतर समर्थन को दोहराया।

दोनों नेताओं ने भारत-फ़िनलैंड द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की भी समीक्षा की और क्वांटम प्रौद्योगिकी, 6G, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और स्थिरता सहित उभरते क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

राष्ट्रपति स्टब ने पारस्परिक रूप से लाभकारी भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते को शीघ्र संपन्न करने के लिए फ़िनलैंड के समर्थन को दोहराया। उन्होंने 2026 में भारत द्वारा आयोजित होने वाले एआई इम्पैक्ट शिखर सम्मेलन की सफलता के लिए भी समर्थन व्यक्त किया।

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति स्टब को शीघ्र भारत आने का निमंत्रण दिया। नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति व्यक्त की।

******//पीके/केसी/पीके/एसएस//(Release ID: 2161397)