On Saturday 24th January 2026 at 04:51 Regarding Hunger with https://iradgirad.blogspot.com
क्या हमें इस बात का अहसास है?
इस पोस्ट के अंत में एक वीडियो दी गई है। जिसका दृश्य ह्रदय विदारक है। एक कमज़ोर गरीब बच्ची जूठन वाली प्लेटों में से बची खुची जूठन उठा कर अपना पेट भरने की कोशिश कर रही है। इस वीडियो को देखकर समझ आता है कि हमारे विकास के दावे कितने खोखले हैं? हमारी बातों के तथ्यों में कितनी सच्चाई है! साथ ही यह भी पता लगता है कि मानवीय आधार पर हम लोग कितने निष्ठुर और कितने अमानवीय हैं! यह सब देखकर भी हमें कुछ नहीं होता। आँखों में आंसू तक भी नहीं आते। हमारे देखे अनदेखे कितने लोग भूख से मर जाते हैं और हम लोग कैमरों के सामने अपने दान का ढिंढोरा पीटते रहते हैं। भूख का संकट लगातार गंभीर बना हुआ है
इस गरीबी और भूख वाली हालत पर गूगल बाबा बताते हैं कि दुनिया भर में भूख और कुपोषण एक गंभीर संकट है, जिसके कारण हर साल लाखों लोगों की मौत हो जाती है। इस हालत के बावजूद हम अभी तक इस मुद्दे पर सचमुच गंभीर नहीं हुए। संयुक्त राष्ट्र और विभिन्न अन्य रिपोर्टों के अनुसार, भूख से प्रतिदिन लगभग 21,000 से 25,000 लोग मरते हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में बच्चे भी शामिल हैं। यह हालत कोई मामूली बात नहीं है। यह आंकड़ा प्रति वर्ष लगभग 90 लाख मौतों तक हो सकता है, जो अक्सर संघर्ष और कुपोषण के कारण होती है। लेकिन हम लोगों ने इसे अब तक कितनी गहराई या गंभीरता से समझा? क्या इसे समझना हमारा मानवीय कर्तव्य नहीं था? क्या हमारा कलेजा नहीं फटता यह सब देख कर?
भूख और कुपोषण से जुड़ी मुख्य जानकारी को देखें तो रौंगटे खड़े हो जाते हैं। आंखें भीग जाती हैं। इतने लोग मर जाते हैं लेकिन हमारी सोच पर शायद कोई फर्क ही नहीं। हम इस कड़वी हकीकत से आंखें मूँद कर बैठे हैं। हम अपनी मस्ती में मस्त ज़िंदगी के नज़ारे ले रहे हैं।
इस संबंध में मिले विवरण के मुताबिक दैनिक मौतों की संख्या बहुत गंभीर है। रोज़ाना लगभग 25,000 लोग भुखमरी के कारण जान गंवाते हैं। यह तो केवल वही मामले हैं जो सामने आ जाते हैं। जो मामले छुपे रह जाते हैं उनकी संख्या भी कम नहीं होगी।
बच्चों पर भूखमरी का प्रभाव बेहद भयावह है। हर साल, भूख से संबंधित कारणों से 90 लाख लोगों की मृत्यु होती है, जिनमें से एक तिहाई तो 5 वर्ष से कम आयु के बच्चे होते हैं।
यह सचमुच बहुत ही गंभीर स्थिति है। वर्तमान में, दुनिया भर में हर 11 में से 1 व्यक्ति (70 करोड़ से अधिक) भूख से पीड़ित है।
दुनिया के कई हिस्सों में भूखमरी के प्रकोप के चलते हालत लगातार खराब बनी हुई है। अकाल के कारण ही तो सूडान, गाजा और यमन जैसे स्थानों में संघर्ष और खाद्य संकट के कारण लोग भूख से मर रहे हैं।
यह सब अकारण भी नहीं है। इसके कुछ कारण हैं गरीबी, संघर्ष और जलवायु संकट इत्यादि। इनके चलते हालत दयनीय बनी हुई है। इसी दयनीय हालत का शिकार बने हुए हैं बहुत से लोग। जिनकी हालत देख कर मानव पर भी सवाल उठते हैं और भगवान पर भी।
यह वैश्विक समस्या मुख्य रूप से संसाधनों के असमान वितरण के कारण है।
बहुत कड़वा दृश्य है एक भूखी बच्ची प्लेटों से जूठा खा रही हो और चारों ओर खामोशी हो।दरअसल असली कमी खाने की नहीं इंसानियत की थी जो वहाँ सबसे ज़्यादा भूखी थी।अगर किसी एक ने भी हाथ बढ़ाया होता तो वो बच्ची पेट से नहीं दिल से भी भर जाती।चलो हम तय करें कि जहाँ भी ऐसे हालात दिखें… pic.twitter.com/qhAQoSWNPk— Narendra Ji (@Na72866) January 24, 2026
