बुधवार, अप्रैल 15, 2026

कारवां पर्यटन को बढ़ावा--मन के रंगों का इंद्रधनुष भी सजा देता है

पर्यटन मंत्रालय//प्रविष्टि तिथि: 16 March 2026 at 3:44 PM by PIB Delhi

लोकसभा में ग्रुप पर्यटन पर बहुत ही अर्थपूर्ण चर्चा भी हुई 

ग्रुप पर्यटन Pexels-Photo-By Cottonbro Studio

नई दिल्ली
: 16 मार्च 2026: (PIB Delhi//इर्द गिर्द डेस्क):: 
मन के रंग उदास हों तो इसकी चिंता पहल के आधार पर की जानी चाहिए। मन के रंग दिल ,  दिमाग और अंतरात्मा को भी प्रभावित करते हैं। इन रंगों को साकारत्मक बनाने के लिए जो ढंग तरीके मुद्द्त से अपने जाते रहे हैं उनमें से एक ढंग तरीका आस पास या इर्द गिर्द के इलाकों में घूमना घुमाना भी बहुत लोकप्रिय है।

आसपास या दूर दराज के भी लोकप्रिय क्षेत्रों में पर्यटन के मकसद से जाना पुराने समय में भी बहुत अच्छा गिना जाता था। कहते हैं न एक से भले दो - -दो से भले तीन - --! इस तरह के ग्रुप से आपसी सहयोग भी बढ़ जाता है और सुरक्षा का मामला भी और मज़बूत हो जाता है। हालांकि अकेले अकेले लोगों ने भी बहुत सफर तय किए हैं पर ग्रुप से पर्यटन का मज़ा बहुत बढ़ जाता है। पर्यटन की ज़िम्मेदारियाँ भी बंट जकाती हैं और मज़ा बहुत बढ़ जाता है। 

केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने आज लोकसभा में प्रश्‍न के लिखित उत्तर में बताया कि कारवां पर्यटन सहित पर्यटन स्थलों और उत्पादों का विकास एवं प्रचार-प्रसार संबंधित राज्य सरकार/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन द्वारा किया जाता है। पर्यटन मंत्रालय विभिन्न पहल द्वारा भारत को समग्र रूप से पर्यटन गंतव्‍य के रूप में प्रचारित करता है। ग्रुप पर्यटन में रेलवे जैसे विभाग बही बहुत अच्छी योजनाएं निकालते हैं। खान पान और रहने में भी कई सुविधाएं और रियायतें मिल जाती हैं। इस तरह ग्रुप या कारवां पर्यटन बहुत यादगारी सफर बन जाता है। जितने लोग कारवां में होते हैं उतनी ही यादें अधिक बढ़ जाती हैं। यहाँ मुझे फील कारवां भी याद आने लगी है।

जितेंद्र और आशा पारिख की मुख्य भूमिकाओं पर आधारित यह फिल्म बहुत हिट हुई थी। यह रिलीज़ हुई थी 29 अक्टूबर 1971 को और इसे निर्देशन दिया था नासिर हुसैन साहिब ने। इसके गीत लिखे थे मजरूह सुल्तानपुरी साहिब ने और संगीत दिया था आर दी बर्मन साहिब ने। 

पर्यटन मंत्रालय अपनी केंद्रीय योजनाओं 'स्वदेश दर्शन', 'तीर्थयात्रा पुनरुद्धार एवं आध्यात्मिक विरासत संवर्धन अभियान (प्रसाद)' और 'पर्यटन अवसंरचना विकास हेतु केंद्रीय एजेंसियों को सहायता' द्वारा देश में पर्यटन अवसंरचना विकास के लिए राज्य सरकारों/केंद्र शासित प्रदेश प्रशासनों को वित्तीय सहायता देता है। यह सहायता दिशानिर्देशों के अनुरूप राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सरकारों से प्राप्त प्रस्तावों/विस्तृत परियोजना रिपोर्टों के आधार पर दी जाती है।

पर्यटन मंत्रालय ने आंध्र प्रदेश में किसी कारवां पर्यटन परियोजना का समर्थन नहीं किया है। हालांकि, आंध्र प्रदेश में स्वीकृत अन्य अवसंरचना परियोजनाओं की सूची अनुलग्नक में प्रस्‍तुत है। आप के मन में कोई आइडीया उठ रहा है तो उसे अंतिम रूप दे डालिए। पर्यटन के रंग आपके मन के रंगों को भी बदल देंगें। बेशक आज़मा कर देख लीजिए। 

अनुलग्नक देखने के लिए यहां क्लिक करें -

***//पीके/केसी/एकेवी/जीआरएस//(रिलीज़ आईडी: 2240892)

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें