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मंगलवार, दिसंबर 31, 2013

बाबा रामदेव: 1 मार्च से घर-घर जाकर वोट फार मोदी कैंपेन चलाएंगे

Tue, Dec 31, 2013 at 1:58 PM
कहा-लोगों को पानी मुफ्त देना सरकार का दायित्व
केजरीवाल ने नया क्या किया
अमृतसर: 31 दिसंबर 2013 : (गजिंदर सिंह किंग//पंजाब स्क्रीन//इर्द गिर्द): 
देश में भ्रष्टाचार समाप्त करने और विदेशी बैंकों में जमा काले धन को वापस लाने के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार से टक्कर लेने वाले योग गुरु बाबा रामदेव ने स्पष्ट किया है, कि इस समय देश को नरिंदर मोदी जैसे दिग्गज नेता की जरूरत है, जो लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सुशासन देने में समर्थ हैं। वह आज अमृतसर पहुंचे थे। पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा, कि 2014 में देवत्व की स्थापना के साथ-साथ अन्य मुद्दों पर भी उनका आंदोलन जारी रहेगा। अपने आंदोलन के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा, कि एक मार्च से वह और उनके कार्यकर्ता पूरे देश में घर-घर जाकर वोट फार मोदी और भ्रष्टाचार समेत अन्य मुद्दों के खिलाफ वोट करने के लिए लोगों से अपील करेंगे। इसके अलावा 23 मार्च को शहीदी दिवस के उपलक्ष्य में वह दिल्ली में एक बहुत बड़ा योग कैंप लगा रहे हैं, जिसमें एकसाथ पूरे देश में करीब दस करोड़ लोग एकसाथ योगाभ्यास करेंगे।
   नरिंदर मोदी के प्रचारक के रूप में बाबा रामदेव के आगे आने के बारे में पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा, कि वह नरिंदर मोदी के प्रचारक नहीं है। बल्कि वह इसलिए उनका साथ दे रहे हैं, क्योंकि नरिंदर मोदी और उनके मुद्दे एकसमान है। इसलिए वह नरिंदर मोदी का प्रचार करने में जुटे हुए हैं। आम आदमी पार्टी की ओर से सत्ता में आते ही लोगों को मुफ्त पानी जैसी सुविधा दिए जाने के बारे में बाबा रामदेव ने कहा, कि इसमें केजरीवाल ने नया क्या किया। उन्होंने कहा, कि पहले आम आदमी पार्टी को अपनी विचार धारा स्पष्ट करनी होगी कि उनकी विचारधारा वामपंथी है या कुछ और। दिल्ली में नरिंदर मोदी के जादू के फेल होने के बारे में बाबा रामदेव ने कहा, यदि वहां मोदी फैक्टर नहीं चला होता, तो भाजपा की हालत कांग्रेस से भी बदत्तर होती।

गुरुवार, अप्रैल 18, 2013

पीरखाना लुधियाना में मेला बीस अप्रैल से शुरू

सब तैयारियां मुक्कमल सब लोग जुटे हैं मेले की सफलता में
लोगों को शराब जैसे नशे और अनैतिक मार्गों से हटा कर सदाचार और भक्ति राह पर लाने में जुटे न्यू अग्रवाल पीरखाना लुधियाना में इस बार फिर सूफी मेले की तैयारियां जोरों शोरों से मुक्कमल हो रही हैं। इस बार संगत इतने अधिक उत्साह से आ रही है कि पंडाल के लिए सजाई गई ढाई एकड़ जमीन भी कम पड़ने की आशंका पैदा गौरतलब है कि तन्त्र, मन्त्र, भक्ति और अध्यात्मिक ढंग तरीकों से लोगों को राहत प्रदान करने के मामले में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है लुधियाना का न्यू अग्रवाल पीरखाना आज पूरी तरह एक प्रमुख मेला स्थान बना नजर आ रहा था। कहीं पर झूल्ले, कहीं पर लंगर, कहीं पर रौशनी की सजावट करती  टीम, कहीं पर पंडाल की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरों का परीक्षण करती  टीम। सब लोग यहाँ बिना किसी वेतन के इस तरह जुटे थे जैसे उनके घर में कोई बड़ा कार्यक्रम हो रहा हो।
जी हां तन्त्र, मन्त्र, भक्ति और अध्यात्मिक ढंग तरीकों से लोगों को राहत प्रदान करने के मामले में तेज़ी से लोकप्रिय हो रहा है लुधियाना का न्यू अग्रवाल पीरखाना और इस दरबार के मुख्य सेवादार बंटी बाबा आजकल पूरी तरह व्यस्त हैं मेले के आयोजन में। सब लोग इस दरबार के इश्क में खाने पीने और सोने की सुध भूल कर इस मेले की सफलता में जुटे हैं। श्री लखदाता पीर जी निगाहें वाले का जन्म दिन इस बार भी बहुत धूमधाम से मनाया जा रहा है। बंटी बाबा की देख रेख और मार्गदर्शन में लुधियाना के न्यू अग्रवाल पीरखाना में इस बार भी यह मेल पूरे जोशो खरोश के साथ लग रहा है। इस बार लगने वाले मेले का स्वरूप पहले के सभी मेलों से विशाल होगा। आयोजन की सफलता के लिए बनी गई अलग अलग टीमें कुशलता से अपना अपना काम कर रही हैं। मेले की सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। लुधियाना के गली बाजारों में एक बार फिर उत्साह पूर्ण चहल पहल है। मेले से पहले ही मेले का माहौल बना हुआ है। गौरतलब है कि इस बार मेले में सूफी गायन को नई बुलंदियों पर पहुँचाने वाले गुरदास मान भी विशेष तौर पर पहुँच रहे हैं। बाबा जी की पवित्र चादर अजमेर शरीफ से लाई जा रही है। लोगों के उत्साह को देखते हुए इस बार ढाई एकड़ जगह केवल पंडाल के लिए ले ली गयी है। इस सम्बन्ध में निकलने वाली भव्य रथ यात्रा को लेकर भी संगत में भारी उत्साह है। यह रथ यात्रा 20 अप्रैल को दरेसी मैदान से चलेगी और अपने रूट से होती हुई पीरखाना पहुँच कर विश्राम करेगी। अगले दिन अर्थात 21 अप्रैल को सुबह साढ़े दस बजे चादर की रस्म होगी।इसके बाद 11बजे झंडे की रस्म होगी और इसके तुरंत बाद दोपहर को एक बजे केक काटा जायेगा। शाम होते होते चार बजे होगी मेहँदी की रस्म और पांच बजे शुरू होगी सूफियाना शायरी की महफिल। सूफी गायन की मस्ती के ये प्याले अगले दिन 22 अप्रैल को भी छलकेंगे। मस्ती की इस महफिल में गुरदास मान के साथ ही हंसर हयात निजामी, अनीस साबरी, शकील साबरी, सरदार अली, अमित धर्मकोटी, राकेश राधे, ललित गोयल, टोनी सुल्तान और बहुत से अन्य कलाकार। सूफी एंकर हेमंत वालिया मंच संचालन करेंगे। दूरदराज से  आने वाली संगत के लिए विशेष प्रबंध किये गए हैं तांकि किसी को भी कोई असुविधा न हो।-रेक्टर कथूरिया 
पीरखाना लुधियाना में मेले की सभी तैयारियां मुक्कमल 

रविवार, फ़रवरी 03, 2013

भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्‍यान केंद्रित किया

01-फरवरी-2013 15:23 IST
दो फ्रिगेट 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत        रक्षा पर विशेष लेख  
आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान *हामिद हुसैन
    भारतीय तटरक्षक 01 फरवरी, 2013 को अपनी 36वीं वर्षगांठ मना रहा है। अपनी स्‍थापना के बाद से यह सेवा एक बहुआयामी और एक उत्‍साहपूर्ण बल के रूप में यह उभरी है जो बहु-भूमिका वाले पोतों और विमानों की तैनाती कर हर समय भारत के समुद्री क्षेत्रों की चौकसी करता है।
    भारतीय नौ-सेना के दो फ्रिगेट और सीमा शुल्‍क विभाग के 5 नावों की मामूली सूची से शुरूआत कर आज इस सेवा बल के पास 77 पोत और 56 विमान हैं। गत वर्ष के दौरान एक प्रदूषण नियंत्रण पोत, 6 गश्ती पोत, 4 वायु कुशन पोत, 2 इंटरसेप्‍टर नौकाएं शामिल की गई हैं। इसके अतिरिक्‍त क्षेत्रीय मुख्‍यालय (एनई) की स्‍थापना तथा 8 सीजी स्‍टेशन का सक्रियण, सक्रियण/3 सीजी स्‍टेशनों की शुरूआत की योजना 2013 के प्रारंभ में की गई है।
    भारतीय तटरक्षक आज तीव्र विस्‍तार की राह पर है। इसमें आधुनिक स्‍तर के पोत, नौकाएं और विमान का निर्माण विभिन्‍न शिपयार्ड/ सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम में किया जा रहा है और भविष्‍य में तटरक्षक अकादमी की स्‍थापना की जाएगी। तटरक्षक के संगठनात्‍मक ढाँचे में 5 क्षेत्रीय मुख्‍यालय, 12 जिला मुख्‍यालय, 42 स्‍टेशन तथा सभी भारतीय तटों पर 15 एयर यूनिट कार्य कर रहे हैं।
    श्रम शक्ति की दृष्टि से इस सेवा ने सामान्‍य ड्यूटी में महिला अधिकारियों के लिए अल्‍प सेवा नियुक्ति की शुरूआत, मेधावी अधीनस्थ अधिकारियों को विभागीय पदोन्‍नति और विशेष नियुक्ति अभियान चलाकर अपने श्रम शक्ति में विस्‍तार किया है।
    बृहत विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) और तट रक्षा पर सतत निगरानी के लिए औसतन 20 पोत और 8-10 विमान तैनात किए गए है। भारतीय तटरक्षक ने तटीय निगरानी नेटवर्क (सीएसएन) की भी स्‍थापना की है जिसमें तटीय निगरानी रडार नेटवर्क और 46 सुदूर स्‍थलों पर इलेक्‍ट्रो ऑप्‍टीक सेंसर शामिल है। इन सेंसरों में 36 मुख्‍य क्षेत्र में, 6 लक्ष्‍यद्वीप समूह और 4 अंडमान और निकोबार द्वीपसमूह में लगाएं गए हैं।
    भारतीय तटरक्षक द्वारा तट के आस-पास के गाँवों में नियमित समुदाय संपर्क कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्‍य मछली पकड़ने वाले समुदायों को मौजूदा सुरक्षा स्थितियों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ खुफिया जानकारी जुटाने के लिए उन्‍हें सतर्क रखना है। इसके अतिरिक्‍त गत वर्षों के दौरान भारतीय तट रक्षक ने 20 तटीय सुरक्षा अभ्‍यास और 21 तटीय सुरक्षा अभियान चलाया है।
    भारतीय तटरक्षक द्वारा हर समय भारतीय खोज और बचाव क्षेत्रों में समुद्री जांच और बचाव किया जाता है। इस कठिन परिस्थिति में साहस दिखाते हुए पिछले वर्ष तटरक्षरक ने 204 लोगों की जान बचाई है। इस अवधि के दौरान भारतीय तटरक्षक द्वारा कुल 30 चिकित्‍सा बचाव किए गए।
    भारतीय तटरक्षक ने अंतर्राष्‍ट्रीय स्‍तर पर भी अपनी पहचान स्‍थापित की है। सहयोग समझौता/ ज्ञापन के तहत संस्‍थागत यात्राएं नियमित की जाती हैं। 12वीं भारत-जापान तटरक्षक उच्‍च स्‍तरीय बैठक जापान के टोक्‍यो में जनवरी, 2013 में की गई। अक्‍तूबर, 2012 में नई दिल्‍ली में 8वां एशियाई तटरक्षक प्रमुखों का सम्‍मेलन आयोजित किया गया। यह सम्‍मेलन काफी महत्‍वपूर्ण था क्‍योंकि इसे पहली बार भारत में आयोजित किया गया। इसके अतिरिक्‍त, भारत-पाकिस्‍तान संयुक्‍त कार्य समूह बैठक का आयोजन पहली बार नई दिल्‍ली में जुलाई, 2012 में किया गया।
    भारतीय तटरक्षक लगातार अपना विस्‍तार कर रहा है और जिससे इसकी क्षमता में और विकास हो रहा है। सक्षम और पेशेवर अधिकारियों द्वारा आधुनिक पोतों और विमानों का संचालन किया जा रहा है जो देश सेवा और समुद्री सुरक्षा में कार्य कर अपने को गौरवान्वित महसूस करते है। वर्ष 2013 के लिए भारतीय तटरक्षक का शीर्षक है 'समुद्री सुरक्षा पर केंद्रित लक्ष्‍य'। यह शीर्षक इस सेवा की प्रतिबद्धता और संकल्‍प को प्रदर्शित करता है जो इसके आदर्श वाक्‍य 'वयम् रक्षाम:' में प्रतिबिम्‍बित है जिसका अर्थ है 'हम रक्षा करते है'। (PIB) (पसूका) 
*एपीआरओ (रक्षा) भारतीय तटरक्षक ने समुद्री सुरक्षा पर ध्‍यान केंद्रित किया 
मीणा/आनंद/लक्ष्‍मी - 33
पूरी सूची - 01.02.2013

रविवार, जनवरी 29, 2012

डेरा सिरसा में हाजिरी भरने का मामला फिर गर्माया

खालसा पंचायत ने की ऐसे नेतायों को अकाल तख्त पर तलब करने की मांग
लुधियाना// 28 जनवरी// गुलशन कुमार
शिरोमणी खालसा पंचायत के नेतृत्व में पंथक संगठनों ने श्री अकाल तख्त से मांग की है कि वोटें प्राप्त करने के लिये जिन जिन सिख नेताओं नें डेरा सिरसा के प्रमुख बाबा की हाजिरी भरी है उन्हें श्री अकाल तख्त साहिब पर तलब किया जाये। इस सबंधी कन्वीनर शिरोमणी खालसा पंचायत भुपिंदर सिंह निमाणा ने कहा कि डेरा सिरसा प्रमुख के खिलाफ 17 मई 2007 को पांच तख्तों के जथेदार साहिबान द्वारा समूची सिख कौम की भावनाओं की तर्जमानी करता बायकाट का हुक्मनामा जारी किया गया था जिसमें डेरा प्रमुख के साथ धार्मिक , सभ्यिाचारक ,भाईचारक ,राजनीतिक सांझ न रखने क ा हुक्म जारी किया गया था। परन्तु गत दिनों जिन राजनीतिक पार्टीयों के नेताओं द्वारा हुक्मनामे की उलंघना की गई है। जिस में प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल प्रमुख है उनको तुरन्त आकल तख्त साहिब पर किया जाये। उन्होंने गत दिनों जो डेरा सिरसा प्रमुख को प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल दोनों बाप-बेटे नें डेरे प्रमुख से लिखती रूप में पिछली गलतियों की माफी मांगी गई है और कहा कि पंजाब में अकाली सरकार के सता में आने पर डेरे के प्रोग्रामों को खुली छूट दी जायेगी। स: निमाणा ने कहा कि अगर यह झूठ है तो बादल श्री अकाल तख्त साहिब पर पेश होकर इसका खंडऩ करें अगर यह सही है तो जथेदार साहिब श्री अकाल तख्त साहिब के हुक्मनामे से भगौड़े हुऐ इन नेताओं को अकाल तख्त पर तलब करके सख्त सजा दिलाये । खालसा पंचायत समूचे सिख जगत को भी बादल की दोगली नीति और लूम्बड़ चालों से बचनें की अपील करता है। स: निमाणा ने कहा कि फखरे-ऐ-कौम का खिताब हासिल करने वाले बादल नें डेरे पर जाकर सिखों के दिलों को ठेस पहुंचाई है और बाबा द्वारा किये गये ऐलान के पश्चात जथेदार साहिबान को बादल से स्पष्टीकरन लेने चाहिये। 

शनिवार, जनवरी 28, 2012

कडवी हकीकतों के रूबरू कराते सादगी भरे शब्द

गाँधी के गुजरात से मेहल मकवाना की एक कविता  
जैसे मेरे पास भी एक योनि है…सोनी सोरी
जज साहब,
मेरे साल तेंतीस होने को आये लेकिन,
मैंने कभी कारतूस नहीं देखी है !
सिर्फ बचपन में फोड़े दीपावली के पटाखों की कसम,
आज तक कभी छुआ भी नहीं है बन्दुक को !
हा, घर में मटन-चिकन काटने इस्तेमाल होता,
थोडा सा बड़ा चाकू चलाने का महावरा है मुझे !
लेकिन मैंने कभी तलवार नहीं उठाई है हाथ में !
में तो कब्बडी भी मुश्किल से खेल पानेवाला बंदा हूँ,
मल्ल युद्द्द या फिर कलैरीपट्टू की तो बात कहा ?
प्राचीन या आधुनिक कोई मार्शल आर्ट नहीं आती है मुझे !
में तो शष्त्र और शाष्त्र दोनों के ज्ञान से विमुख हूं !
यह तक की लकड़ी काटने की कुल्हाड़ी भी पड़ोसी से मांगता हूँ !

लेकिन मेरे पास दो हाथ है जज साहब,
महनत से खुरदुरे बने ये दोनों हाथ मेरे अपने है !
पता नहीं क्यों लेकिन जब से मैंने यह सुना है,
मेरे दोनों हाथो में आ रही है बहुत खुजली !
खुजला खुजला के लाल कर दिए है मेने हाथ अपने !

और मेरे पास दो पैर है जज साहब !
बिना चप्पल के काँटों पे चल जाये और आंच भी न आये
एसे ये दोनों पैर, मेरे अपने है जज साहब !
और जब से मेंने सुना है
की दंतेवाडा कि आदिवासी शिक्षक सोनी सोरी की योनि में
पुलिसियों ने पत्थर भरे थे,
पता नहीं क्यों में बार बार उछाल रहा हु अपने पैर हवा में !
और खींच रहा हूं सर के बाल अपने !
जैसे मेरे पास भी एक योनि है और कुछ पैदा ही रहा हो उस से !

हा, मेरा एक सर भी है जज साहब,
हर १५ अगस्त और २६ जनवरी के दिन,
बड़े गर्व और प्यार दुलार से तिरंगे को झुकनेवाला
यह सर मेरा अपना है जज साहब !
गाँधी के गुजरात से हूं इसलिए
बचपन से ही शांति प्रिय सर है मेरा !
और सच कहू तो में चाहता भी हूं कि वो शांति प्रिय रहे !
लेकिन सिर्फ चाहने से क्या होता है ?

क्या छत्तीसगढ़ का हर आदिवासी,
पैदा होते हर बच्चे को नक्सली बनाना चाहता है ?
नहीं ना ? पर उसके चाहने से क्या होता है ?
में तो यह कहता हु की उसके ना चाहने से भी क्या होता है ?
जैसे की आज में नहीं चाहता हु फिर भी ...
मेरा सर पृथ्वी की गति से भी ज्यादा जोर से घूम रहा है !
सर हो रहा है सरफिरा जज साहब,
इससे पहले की सर मेरा फट जाये बारूद बनकर,
इससे पहले की मेरा खुद का सर निगल ले हाथ पैर मेरे ,
इससे पहले की सोनी की योनि से निकले पत्थर लोहा बन जाए,
और ठोक दे लोकतंत्र के पिछवाड़े में कोई ओर कील बड़ी,
आप इस चक्रव्यूह को तोड़ दो जज साहब !
रोक लो आप इसे !
इस बिखरते आदिवासी मोती को पिरो लो अपनी सभ्यता के धागे में !
वेसे मेरे साल तेंतीस होने को आये लेकिन,
मैंने कभी कारतूस नहीं देखी !
कभी नहीं छुआ है बन्दुक को ,
नहीं चलाई है तलवार कभी !
और ना ही खुद में पाया है
कोई जुनून सरफरोशी का कभी !
– मेहुल मकवाना, अहमदाबाद, गुजरात
94276 32132 and 84012 93496



बुधवार, जनवरी 18, 2012

आचार सहिता के दौरान 4 लाख 30 हज़ार की और राशि बरामद

   आरोपी ने कहा:यह तो प्रोपर्टी के पैसे थे
      गजिंदर सिंह किग//अमृतसर//18 जनवरी, 2012
पंजाब में होने वाले चुनाव में लगे आचार सहिता के दौरान चुनाव कमिशन द्वारा बनाई गई जांच टीम ने पुलिस के साथ मिल कर अमृतसर में आज पुलिस को उस समय बड़ी कामयाबी मिली जब उस ने 4 लाख 30 हज़ार की नकदी  बरामद की , दरअसल यह व्यक्ति मौके से इस राशि के बारे में कोई बी कागज़ नहीं दिखा सका जिस के चलते पुलिस ने इस राशि  को जब्त किया है  
        पंजाब में चुनाव के दौरान नकदी पकड़ने का सिलसिला ज़ारी है, जिस के चलते अमृतसर में आज इलाका लोहगढ़ में चेकिंग के दौरान एक गाडी से 4 लाख 30 हज़ार की राशि बरामद की गई, मनी सिंह नामक का यह व्यक्ति आपनी कार में यह राशि ले कर जा रहा था और कार के चेकिंग के दौरान यह राशि बरामद हुई और यह व्यक्ति इस राशि बारे कोई भी ऐसा प्रमाण पेश नहीं कर सका, जिस से कि इस बात की तस्दीक हो सके, कि यह राशि किस मकसद के लिए है और इस का इस्तेमाल कहाँ होना था, वहीँ पुलिस ऑफिसर रछपाल सिंह ने इस नकदी को आपने कब्ज़े में ले कर इस राशि बारे जानकारी देते हुए बताया, कि इस की सूचना इलेक्शन विभाग और इनकम टैक्स विभाग को दे दी है, वहीँ इस मौके पर पहुंचे मुख्य एस.डी.ओ. जसबीर सिंह का कहना है कि यह विशेष अभियान यहाँ पर चुनाव के मद्देनजर लगाया गया था और चेकिंग के दौरान यह राशि व्यक्ति की कार से बरामद हुई है और इस की जांच चल रही है, वहीँ इस मामले में जिस आरोपी मनी सिंह ने कहा, कि वह यहाँ पर किसी प्रोपर्टी के पैसे देने के लिए आया था और जो इस के काग-जात है, वह जल्द ही यहाँ पर मंगवा कर पेश कर देगा. 

सोमवार, जनवरी 16, 2012

भारत मौसम विज्ञान विभाग का 137 वां स्थापना दिवस

आईएमडी में स्मरणीय योगदान के लिए पुरस्कार भी प्रदान किए गए
इस अवसर पर एक शानदार प्रदर्शनी का आयोजन भी हुआ जिसमें योजना, विज्ञानं, तकनोलोजी औत भू विज्ञानं के मंत्री डा. अश्वनी कुमार,  भूमि विज्ञान मन्त्रालय के सचिव डा. शैलेश नायक और आई.एम.डी. के महानिदेशक डा. अजीत त्यागी सहित बहुत से अन्य प्रमुख log भी शामिल हुए. फोटो व विवरण: पत्र सूचना कार्यालय  

नयी दिल्ली//पी.आई.बी.//16 जनवरी,2012 : विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के भूतपूर्व सचिव प्रो. यशपाल ने कहा कि “विसंगतियां जीवन का अहम पहलू है। अगर कोई व्यक्ति विसंगतियों को नहीं समझता तो वह जिंदगी को भी नहीं समझ सकता।” कल यहां भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के 137वें स्थापना दिवस पर अपने संबोधन में डॉ. यशपाल ने बताया कि विज्ञान के क्षेत्र में काम करना कितना मुश्किल और कितना आश्चर्यजनक है। अंततः इससे समाज को लाभ होता है। यह आगे काम करने की प्रेरणा देता है। डॉ. यशपाल ने कहा कि, “वह बीते जमाने की बात है जब मौसम पूर्वानुमानी खिड़की से बाहर देखकर मौसम को महसूस कर मौसम पूर्वानुमान बताया करता था। अब बहुत से उपकरणों का प्रयोग किया जाता है और गणितीय विश्लेषण द्वारा स्पष्ट जानकारी दी जाती है। कॉस्मिक किरणों, मौसम विज्ञान से संबंधित दवाब को नापने, संचार, प्रसारण, विमानन आदि के संदर्भ में विज्ञान के क्षेत्र में यह योगदान काफी महत्वपूर्ण है।” डॉ. यशपाल ने डॉ. सतीश धवन को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित की गई समन्वय समितियों के बगैर यह संभव नहीं था। प्रो. यशपाल ने सभी को यह सलाह दी कि वे अपने मनपसंद कार्यक्षेत्र में काम करे।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी तथा पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री श्री अश्विनी कुमार ने कहा कि आईएमडी ने उत्कृष्टता के साथ आधुनिक विज्ञान के एक समूचे नए दौर में प्रवेश किया है। उन्होंने कहा कि, “अवलोकन प्रणाली का आधुनिकीकरण, मौसम पूर्वानुमान के लिए अंकीय तरीकों के इस्तेमाल के लिए उच्च प्रदर्शन करने वाली कंप्यूटिंग प्रणाली की शुरुआत (भारत के प्रथम सुपर कंप्यूटर से सौ गुणा अधिक शक्तिशाली) और नवीन सूचना प्रौद्योगिकी आधारित डाटा प्रोसेसिंग प्रणाली हाल के वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां रही हैं। डोपलर मौसम रडार पर आधारित तत्काल मौसम की जानकारी देने की प्रणाली भी काफी नवीन है और एक सेवा क्षेत्र के रुप में इसे अभी स्थापित होना है। प्रसार प्रणाली के सीधे जनता और उपयोगकर्ता समूहों तक पहुंचने से समय की बचत होगी। इस प्रणाली का लक्ष्य बेहद विशिष्ट क्षेत्रों में मौसम से संबंधित गंभीर चेतावनी की सूचना प्रदान करना है।”
इससे पहले मंत्री महोदय ने दिल्ली में देश के प्रथम सी- बैंड डोपलर रडार का उद्घाटन किया। यह रडार मेट्रो शहर में मौसम पूर्वानुमान से संबंधित गंभीर चेतावनी प्रदान करने में सहायक होगा। आने वाले तूफान से प्रभावित होने वाले शहर के भागों की जानकारी से आम इंसान के साथ ही नागरिक प्राधिकरणों को भी इससे मदद मिलेगी।
संवाददाताओं से बात करते हुए डॉ. अश्विनी कुमार ने बारहवीं पंचवर्षीय योजना के लिए आईएमडी और मंत्रालय के नवीन कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि, “इन योजनाएं की फिलहाल वैज्ञानिक जांच चल रही है और कुछ महीनों में इन्हें अंतिम रुप दे दिया जाएगा। इन योजनाओं में पर्वतीय मौसम विज्ञान शामिल है जो हिमालय को समाविष्ट करेगा, कृषि मौसम विज्ञान देश के सभी भागों में विस्तृत होगा। विमानन मौसम विज्ञान के तहत निरंतर अवलोकन सेंसरों के जरिए सभी हवाईअड्डों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त महानगरों में मौसम सेवा की योजना भी है।”
राज्य मंत्री ने बताया कि, “आईएमडी का अगला लक्ष्य जलवायु सेवा है जिससे मौसम और वर्ष के 10-15 दिन पूर्व इसके दीर्घावधि व्यवहार की जानकारी प्राप्त हो सके। दशकीय और शताब्दी पैमाने में बदलाव भी समाज के लिए महत्वपूर्ण है। जलवायु आंकडे और कृषि, जल संसाधन, मानव, पशु और पौधों की सेहत आदि पर जलवायु परिवर्तन के असर का अध्ययन करना भी ज़रुरी है। इसके अलावा जनता से जुड़ाव में भी मूलभूत परिवर्तन कर इसे जनता द्वारा प्राप्त जानकारी से जनता को प्रदान की गई जानकारी में तबदील करना होगा।”
भारत मौसम विज्ञान विभाग के 137वें स्थापना दिवस के अवसर पर पृथ्वी-विज्ञान मंत्रालय के वरिष्ठ वैज्ञानिकों और अधिकारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर दो पुस्तकों का भी अनावरण किया गया। “क्लाईमेटोलॉजिकल टेबल्स” नामक पुस्तक जलवायु विज्ञान के तीस वर्षों का संकलन है। डॉ. एम. मोहपात्रा, एच.आर बिस्वास और जी.के सवाईसर्जे को 25वां द्विवार्षिक मौसम पुरस्कार प्रदान किया गया।
सर्वोत्कृष्ट आंकडों की प्राप्ति, उपकरणों के रखरखाव और नौवहन पूर्वानुमान सत्यापन के आधार पर मुंबई के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केन्द्र को सम्मानित किया गया। प्रदर्शन के आधार पर रायपुर को वर्ष 2010-11 के लिए सर्वोत्कृष्ट पूर्वानुमान क्षमता के लिए चयनित किया गया और कोलकाता वेधशाला को आरएस/आरडब्ल्यू अवलोकन के लिए सर्वोत्कृष्ट बेस चुना गया। आईएमडी के 15 कर्मचारियों को विभिन्न सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया जिसमें सर्वश्रेष्ठ हिन्दी अनुवाद, आवंटित कार्य के अलावा उत्कृष्ट और समर्पित कार्य शामिल है। ***


बुधवार, जनवरी 11, 2012

12 जनवरी, 2012 को राष्‍ट्रीय युवा दि‍वस

रेड रि‍बन एक्‍सप्रेस के तृतीय चरण को किया जायेगा रवाना
केंद्रीय स्‍वास्थ्‍य मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद 12 जनवरी, 2012 को राष्‍ट्रीय युवा दि‍वस के मूल वि‍षय पर बल देते हुए राष्‍ट्रीय एड्स नि‍यंत्रण संगठन के रेड रि‍बन एक्‍सप्रेस तृतीय चरण को रवाना करेंगे। इस बार रेड रि‍बन ‍योजना में युवा पर वि‍शेष बल दि‍या गया है। वि‍शेष रूप से तैयार की गयी इस रेड रि‍बन एक्‍सप्रेस को 12 जनवरी, 2012 को हरी झंडी दि‍खाकर यहां से रवाना कि‍या जाएगा और साल की लंबी यात्रा के दौरान यह 23 राज्‍यों से गुजरेगी। यह रेलगाड़ी 162 स्‍टेशनों पर रुकेगी। इसमें एचआईवी एवं एड्स से जुड़े मुद्दों पर तीन प्रदर्शनी बोगि‍यां तथा राष्‍ट्रीय ग्रामीण स्‍वास्‍थ्‍य मि‍शन पर एक प्रदर्शन बोगी होगी। चौथी बोगी में टीबी, मलेरि‍या, जनन एवं शि‍शु स्‍वास्‍थ्‍य सेवाओं, सामान्‍य स्‍वास्‍थ्‍य एवं स्‍वच्‍छता आदि‍ पर ध्‍यान केंद्रि‍त कि‍या गया है। इस एक्‍सप्रेस में परामर्श देने के लि‍ए एक अन्‍य डि‍ब्‍बा होगा तथा एक और डि‍ब्‍बा पंचायती राज संस्थाओं, स्‍वयं सहायता समूहों के सदस्‍यों, स्‍वास्‍थ्‍यकर्मियों आदि‍ के प्रशि‍क्षण के लि‍ए होगा। 

रेड रि‍बन एक्‍सप्रेस सबसे पहले 2007 में वि‍श्‍व एड्स दि‍वस पर शुरु की गयी थी। इस अभि‍नव पहल की दुनि‍या भर में सराहना हुई दूसरे चरण में, 2009 में रेड रि‍बन एक्‍सप्रेस ने 27,000 कि‍लोमीटर की दूरी तय की थी और 80 लाख लोगों तक पहुंची थी।

शुक्रवार, सितंबर 09, 2011

अमृतसर में फूंका गया हूजी का पुतला


अमृतसर से गजिंदर सिंह किंग 
दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुए बम धमाके और उसके बाद मिली नयी धमकी ने आम जनता के आक्रोश को और बढ़ा दिया है. लोग आतंकवाद और उनके समर्थकों के खिलाफ अब खुल कर अपना रोष व्यक्त करने लगे हैं. लगता है कि जल्द ही यह आक्रोश किसी नए अभियान का रूप लेने वाला है. अमृतसर में आज विजय चौक पर आतकवाद विरोधी फ्रंट पंजाब के कार्यकर्ताओ ने एक ज़ोरदार प्रदर्शन किया. दिल्ली हाईकोर्ट परिसर में हुए बम धमाके के विरोध में अफजल गुरु के समर्थक एवं हूजी का पुतला जला कर लोगों ने खुल कर अपना रोष व्यक्त किया. और पकिस्तान के विरुद्ध नारेबाजी करके अपना रोष प्रदर्शन किया. ज़बरदस्त नारेबाजी करते हुए इन लोगों ने संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को जल्द से जल्द फांसी देने की अपील की.   
आतकवाद विरोधी फ्रंट पंजाब के कार्यकर्ताओ ने अपने वरिष्ठ उप प्रधान महिंदर सिंह सिद्धू के नेतुर्त्व में इस मुद्दे को लेकर स्पष्ट कहा कि वे हर हाल में शांति चाहते हैं. इस को लेकर वह अपना संघर्ष जारी रखेंगे.   सिद्धू ने इस रोष प्रदर्शन के मकसद की जानकारी देते हुए बताया, कि संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को केंद्र सरकार की ओर से फांसी देने में हो रही देरी के कारण ही यह हमला हुआ है और इस तरह के और हमले होते रहेगे, उन्होंने  केंद्र सरकार से अपील की कि संसद पर हमले के आरोपी अफजल गुरु को जल्द से जल्द फांसी दे देनी चाहिए तन की आम निर्दोष लोगों की जान से खेलने वालों को कुछ सबक मिल सके.    

बुधवार, जुलाई 13, 2011

सिख संगत की तरफ से लुधियाना में इंसाफ मार्च 15 जलाई को

प्रोफेसर भुल्लर को फांसी की सजा रद्द करने की मांग ने पकड़ा जोर  
लुधियाना : विभिन्न मामलों में सिख कौम के साथ की जा रही ना-इंसाफी के विरोध में समूह सिख संगत की तरफ से इंसाफ़ मार्च 15 जुलाई 2011 को निकाला जायेगा। यह मार्च माडल टाउन लुधियाना स्थित गुरुद्वारा शहीदा नज़दीक गुज्जरखान कैंपस से प्रात:काल 10 बजे आंरभ हो कर शहर के अलग अलग हिस्सों से होता हुआ डी सी कार्यलय में पहुँचेगा। और डी सी को मााग पत्र देने के उपरांत संपन्न होगा। उक्त जानकारी पंथक नेता मनविन्दर सिंह ग्यासपुरा,बलविन्द्र सिंह भुल्लर,गुरदीप सिंह गोशा, बलजीत सिंह शिमलापुरी और जरनैल सिंह ने मल्हार रोड पर एक होटल में आयोजित पत्रकार सम्मेलन दौरान दी। पत्रकारों को संबोधन करते हुए युवा नेता गुरदीप सिंह गोशा और मनविन्दर सिंह ग्यासपुरा ने इंसाफ़ मार्च के मकसद बारे बताया कि इस मार्च के माध्यम से सिख संगत को कौम के साथ की जा रही ना -इंसाफी के प्रति जागरूक करने साथ साथ सरकार और एस जी पी पी और काबिज़ पक्ष को कुंभकरनी नींद से जगाने के यत्न करेंगे। सिखों के साथ की जा रही ना-इंसाफी की बात करते हुए उन्होंने कहा कि बिना किसी कसूर के उम्र कैद से अधिक सजा भुगत चुके प्रो. दविन्दर पाल सिंह भुल्लर की फांसी का सजा को बिना समय गवाए उम्रकैद में बदलने और पिछले कई सालों से देश की अलग अलग जेलों में बंद बे कसूर सिख नौजवानों को रिहा करवाने के लिए इंसाफ़ मार्च के द्वारा मांग की जाएगी। बलजीत सिंह शिमलापुरी और जरनैल सिंह ने पंजाब के अलग अलग हिस्सों में कई महीनों से सिख विरोधी ताकतों के इशारे और शरारती तत्वों की तरफ से श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के पवित्र पवित्र स्वरूप अग्नि भेंट किये जाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं की जांच करने की बजाय सतासीन लोगो  की तरफ से इन घटनाओ को शार्ट सर्कट बता कर मामला बंद कर दिया जाता है। क्या यह ना-इंसाफी और झूठ नहीं। बलविन्दर सिंह भुल्लर  ने जागत ज्योति श्री गुरु ग्रंथ साहब सत्कार एक्ट 2008 का उल्ंलघन करके सुनहरी अक्षरों वाले श्री गुरु ग्रंथ साहब जी के स्वरूप छापने के मामलो का हवाला देते हुए कहा कि इस कानून की उल्लंघना करने  वाले निजी प्रकाशक,छपाई करवाने और छपाई की इजाज़त देने वालों के विरुद्ध कार्यवाही ना होना ना-इंसाफी नहीं तो ओर क्या है। युवा नेताओं ने सिख संगत को खुला न्योता दिया कि वह पार्टी बाज़ी से ऊपर उठ कर सिख कौम के साथ की जा रही ना-इंसाफी के विरोध में आवाज़ बुंलद करने के उद्देश्य के साथ आयोजित किये जा रहे ना-इंसाफ़ मार्च को सफल करे। इस मौके पर अवतार सिंह दुबई,चरनजीत सिंह (चन्नी फैबरिकस) मनजिन्दर सिंह काला,कमलजीत सिंह,बलजीत सिंह,प्रितपाल सिंह जमालपुर,चरनप्रीत सिंह मिक्की,परमजीत सिंह पम्माा भी उपस्थित थे।

शनिवार, मार्च 20, 2010

अब अखंड कश्मीर संगठन उत्तर भारत में भी सरगरम

अखंड कश्मीर की चर्चा फिर ज़ोरों पर है. इस मुद्दे पर काफी कुछ कहा जा चुका है. हालांकि कश्मीर हिन्दू फाऊंडेशन भी इस मामले को लेकर अपनी सरगर्मियां चला रही है पर अब नया मोर्चा सम्भाला है अखंड कश्मीर नामक संगठन ने. उत्तर भारत में अपनी सरगर्मियों में तेज़ी लाते हुए अब इस संगठन ने दिल्ली और चण्डीगढ़ में भी विशेष कार्यक्रमों कि घोषणा कि है. इस बार इस इस सम्बन्ध में चर्च हो रही है चंडीगढ़ में 22 मार्च को. प्रमुख वक्ता होंगें इस मिशन के संचालक स्वामी आत्म योगी जो कि काफी लम्बे समय से वैदिक एस्ट्रोलोजी में भी सरगरम हैं और  देश के ज्वलंत मुद्दों पर कई विचार गोष्ठियां करवा चुके हैं तां कि एक नयी मज़बूत और अखंड चेतना पैदा की जा सके. ब्लॉग जगत में भी इस की चर्चा हुई और अब कश्मीर की अखंडता के मुद्दे पर एक विशेष गोष्ठी कोलकाता में रखी गयी है. कार्यक्रम के मुताबिक सर्वप्रथम सुबह 11 बजे से 11.30 बजे तक पूजा होगी, फिर 11.30 से 12 :00 बजे तक राम राज्य फाऊंडेशन पशिचमी बंगाल इकाई की एक विशेष बैठक, उसके बाद आयोजित होगी वर्ल्ड सिन्धी फॉर्म की एक मीटिंग जिसमें सिन्धी होमलैंड के लिए प्लाट देने की चर्चा होगी. बाद दोपहर 2 से तीन बजे तक किसी भी अन्य विषय पर विचार विमर्श हो सकेगा. स्वामी आत्म योगी की देख रेख में ही 18 फरवरी 2010 को पुणे में एक विशेष सभा आयोजित करके उन सभी लोगों को श्रध सुमन अर्पित किये गए थे जो लोग बम धमाकों में मारे गए थे. इस संबंध में चण्डीगढ़ में सम्पर्क किया जा सकता है मोबाइल फोन नम्बर  09878787887 पर जहां मिलेंगे रतनाजीत जाखड.  अपने चण्डीगढ़ टूर से पूर्व स्वामी जी नयी दिल्ली में भी 21 मार्च को विशेष तौर पर आ रहे हैं.जहां मिलने के लिए मनीष सभरवाल से मोबाइल फोन नम्बर 9560906901 पर सम्पर्क किया जा सकता है.                                                                                                                          --रैक्टर कथूरिया