22-फरवरी-2013 12:54 IST
दिसंबर 2012 को दिल्ली में यौन हिंसा की पीडिता के परिवार को एमआईजी फ्लैट का आवंटन
केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने 16 दिसंबर 2012 को दिल्ली में यौन हिंसा की पीडिता के परिवार को डीडीए के एमआईजी फ्लैट आवंटित करने की मंजूरी दी है।
यह डीडीए फ्लैट आवंटित करने की मौजूदा नीति/दिशा निर्देश में छूट के तहत बिना बारी के आधार पर दिया जाएगा। फ्लैट की लागत दिल्ली सरकार द्वारा वहन की जाएगी। (PIB)
मीणा/शोभा/यशोदा - 677
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शुक्रवार, फ़रवरी 22, 2013
सोमवार, फ़रवरी 11, 2013
राष्ट्रपति ने किया राज्यपालों के 44वें सम्मेलन का उद्धाटन
11-फरवरी-2013 17:48 IST
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज राष्ट्रपति भवन में किया सम्मेलन का उद्धाटन
एकता/अखंडता को कमजोर करने की कोशिशों को नाकाम करते रहें
सरकार के कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करें
सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली में एक लड़की के साथ निर्मम बलात्कार और उसकी मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के साये में हो रहा है जिसने राष्ट्र के सामूहिक अन्त:करण को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्मा समिति की सिफारिशों पर तत्काल कार्रवाई की और आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश 2013 संसद के बजट सत्र में रखे जाने के लिए तैयार है। उन्होंने राज्यपालों से आग्रह किया कि वे महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण में सुधार की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि समाज में लोगों की सोच बदलने की जरूरत है, ताकि महिलाओं के साथ सम्मानजनक तरीके से व्यवहार किया जाए।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में 2012 में सुधार हुआ, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें देश की एकता और अखण्डता को कमजोर करने वाली राष्ट्र विरोधी ताकतों की किसी भी साजिश को विफल करने के अपने प्रयासों में अटल रहना होगा। आतंकवाद से निपटने की हमारी प्रतिबद्धता मजबूत रहनी चाहिए। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों को सलाह दी कि वे अतिरिक्त सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के विकास से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में तेजी लाने की जरूरत है, ताकि बढ़ती चुनौतियों से मुकाबला किया जा सके। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था को तत्काल मजबूत बनाने की जरूरत है।
सरकार ने पंजाब और हरियाणा में फसलों की विविधता की तैयारी करते हुए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करते हुए एक रणनीति तैयार की है। असम, बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत पूर्वी भारत में हरित क्रांति लाने के लिए 2010-11 में एक कृषि विकास कार्यक्रम को लागू करने का फैसला किया गया। 2010-11 और 2011-12 के दौरान कार्यक्रम के लिए 400 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई, जिसे 2012-13 के दौरान बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया गया। पूर्वी भारत में दूसरी हरित क्रांति पर लगातार ध्यान केन्द्रित करने और केन्द्र और राज्यों की सभी सम्बद्ध एजेंसियों द्वारा प्रयास करने की जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा कि पहली हरित क्रांति और उसके पर्यावरण पर प्रभाव से सबक लेकर हमें दूसरी हरित क्रांति करनी चाहिए, जिसमें मिट्टी और जल प्रबंधन के मुद्दों पर शुरू से ही विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खरीद नीति क्षेत्र के किसानों के हित में होनी चाहिए और क्षेत्र में पर्याप्त भण्डारण सुविधाएं बनाई जानी चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में लगातार जारी प्रयासों के काफी उत्साहवर्धक परिणाम रहे। देश में चावल के कुल उत्पादन में पूर्वी क्षेत्र के हिस्से में काफी बढ़ोत्तरी हुई। 2011-12 के दौरान देश में चावल का कुल 104.32 मिलियन टन उत्पादन हुआ, जिसमें से पूर्वी क्षेत्र के उत्पादन का 55.34 मिलियन टन रिकॉर्ड योगदान रहा। राष्ट्रपति ने कहा कि जल क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार ने राष्ट्रीय जल नीति (2012) घोषित की और इसके कार्यान्वयन से जल क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों से निपटा जा सकेगा। भारत की आबादी विश्व की कुल आबादी का 18 प्रतिशत से ज्यादा है, लेकिन केवल चार प्रतिशत के पास उपयोग करने योग्य ताजा जल संसाधन हैं। भारत में पानी की कमी है और पानी की प्रति व्यक्ति उपलब्धता कम हो गई है। हमारी जल्दी ही पानी की कमी वाले देशों में गिनती होने लगेगी। एक अनुमान के अनुसार 2050 में 17 प्रतिशत आबादी के पास पानी की कमी होगी। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि पानी और स्वच्छता जीवन की मूलभूत जरूरतें हैं और इन्हें संतोषजनक तरीके से प्रदान करना सुशासन का संकेत है। भूमिगत जल के प्रबंध को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम लागू कर रहा है ताकि ग्रामीण इलाकों में पेयजल प्रदान करने के राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रयासों को सहायता मिल सके। इसके लिए 2012-13 के बजट में 10,500 करोड़ रुपये का खर्च रखा गया। इस कार्यक्रम पर सावधानीपूर्वक नजर रखने की जरूरत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य के बीच सीधा संबंध है। सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल, खुले में शौच, स्वच्छ भोजन के अभाव से उच्च शिशु मृत्यु दर और अनेक बीमारियों को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि हमें ग्रामीण और शहरी भारत में उपलब्ध जल संसाधनों का इस्तेमाल तरीके से करना चाहिए, बेकार पानी को फिर से इस्तेमाल योग्य बनाना चाहिए और पानी को बर्बाद होने से बचाना चाहिए, भूमिगत जल को रिचार्ज करने और स्वच्छता की सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। राष्ट्रपति ने सभी राज्यपालों से आग्रह किया कि वे निर्मल भारत अभियान पर विशेष ध्यान दें, जिसे सरकार ने पीने के पानी की सुविधा देने के साथ सभी ग्राम पंचायतों को निर्मल बनाने के लिए शुरू किया है, ताकि गांव वालों को बेहतर स्वास्थ्य और अच्छा जीवन मिल सके।
राष्ट्रपति ने कहा कि 2005 से लागू जेएनएनयूआरएम शहरी बुनियादी सुविधाएं सृजित करने के लिए एक प्रमुख निवेश कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि शहर और शहरी इलाके जीडीपी का 60 प्रतिशत से ज्यादा योगदान देते हैं और देश में रोजगार सृजन का 80 प्रतिशत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और हम इन्हें उचित शिक्षा और हुनर देकर बेहतर भविष्य की आशा कर सकते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि चूंकि राज्य विश्वविद्यालयों के पास वित्तीय संसाधनों की कमी है, 12वीं योजना में एक नए कार्यक्रम राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के माध्यम से उच्च शिक्षा के लिए केन्द्रीय धनराशि को स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग की स्थापना जनवरी 2013 में की गई। उन्होंने राज्यपालों से कहा कि वे राज्य वित्त आयोगों के गठन पर ध्यान दें, जिसमें पर्याप्त कर्मचारी हों, राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट समय पर राज्यपाल को मिले और उस रिपोर्ट पर सरकार समय पर कार्रवाई करे।
इस दो दिवसीय सम्मेलन की कार्यसूची में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा, सरकार के कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने, पूर्वी क्षेत्र में दूसरी हरित क्रांति के विस्तार, जल प्रबंध और स्वच्छता, जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और सुशासन के संदर्भ में राज्यपालों की भूमिका शामिल है।
सम्मेलन में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, नौ केन्द्रीय मंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष और युआईडीएआई के अध्यक्ष भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन को सुबह मंत्री और दोपहर में प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति सम्बोधित करेंगे। (PIB)
***
राष्ट्रपति ने किया राज्यपालों के 44वें सम्मेलन का उद्धाटन वि.कसोटिया/कविता/राजेश-524
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज राष्ट्रपति भवन में किया सम्मेलन का उद्धाटन
एकता/अखंडता को कमजोर करने की कोशिशों को नाकाम करते रहें
सरकार के कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था भी करें
सम्मेलन का शुभारंभ करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली में एक लड़की के साथ निर्मम बलात्कार और उसकी मौत की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के साये में हो रहा है जिसने राष्ट्र के सामूहिक अन्त:करण को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वर्मा समिति की सिफारिशों पर तत्काल कार्रवाई की और आपराधिक कानून (संशोधन) अध्यादेश 2013 संसद के बजट सत्र में रखे जाने के लिए तैयार है। उन्होंने राज्यपालों से आग्रह किया कि वे महिलाओं की सुरक्षा और कल्याण में सुधार की दिशा में कार्य करें। उन्होंने कहा कि समाज में लोगों की सोच बदलने की जरूरत है, ताकि महिलाओं के साथ सम्मानजनक तरीके से व्यवहार किया जाए।
राष्ट्रपति ने कहा कि देश की आंतरिक सुरक्षा में 2012 में सुधार हुआ, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि हमें देश की एकता और अखण्डता को कमजोर करने वाली राष्ट्र विरोधी ताकतों की किसी भी साजिश को विफल करने के अपने प्रयासों में अटल रहना होगा। आतंकवाद से निपटने की हमारी प्रतिबद्धता मजबूत रहनी चाहिए। उन्होंने सीमावर्ती राज्यों को सलाह दी कि वे अतिरिक्त सतर्कता बरतें। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी सुविधाओं के विकास से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में तेजी लाने की जरूरत है, ताकि बढ़ती चुनौतियों से मुकाबला किया जा सके। राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार के कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था को तत्काल मजबूत बनाने की जरूरत है।
सरकार ने पंजाब और हरियाणा में फसलों की विविधता की तैयारी करते हुए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूर्वी क्षेत्र में उत्पादन बढ़ाने पर ध्यान केन्द्रित करते हुए एक रणनीति तैयार की है। असम, बिहार, झारखण्ड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत पूर्वी भारत में हरित क्रांति लाने के लिए 2010-11 में एक कृषि विकास कार्यक्रम को लागू करने का फैसला किया गया। 2010-11 और 2011-12 के दौरान कार्यक्रम के लिए 400 करोड़ रुपये की राशि आवंटित की गई, जिसे 2012-13 के दौरान बढ़ाकर एक हजार करोड़ रुपये कर दिया गया। पूर्वी भारत में दूसरी हरित क्रांति पर लगातार ध्यान केन्द्रित करने और केन्द्र और राज्यों की सभी सम्बद्ध एजेंसियों द्वारा प्रयास करने की जरूरत है। राष्ट्रपति ने कहा कि पहली हरित क्रांति और उसके पर्यावरण पर प्रभाव से सबक लेकर हमें दूसरी हरित क्रांति करनी चाहिए, जिसमें मिट्टी और जल प्रबंधन के मुद्दों पर शुरू से ही विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि खरीद नीति क्षेत्र के किसानों के हित में होनी चाहिए और क्षेत्र में पर्याप्त भण्डारण सुविधाएं बनाई जानी चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में लगातार जारी प्रयासों के काफी उत्साहवर्धक परिणाम रहे। देश में चावल के कुल उत्पादन में पूर्वी क्षेत्र के हिस्से में काफी बढ़ोत्तरी हुई। 2011-12 के दौरान देश में चावल का कुल 104.32 मिलियन टन उत्पादन हुआ, जिसमें से पूर्वी क्षेत्र के उत्पादन का 55.34 मिलियन टन रिकॉर्ड योगदान रहा। राष्ट्रपति ने कहा कि जल क्षेत्र की चुनौतियों के समाधान के लिए सरकार ने राष्ट्रीय जल नीति (2012) घोषित की और इसके कार्यान्वयन से जल क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों से निपटा जा सकेगा। भारत की आबादी विश्व की कुल आबादी का 18 प्रतिशत से ज्यादा है, लेकिन केवल चार प्रतिशत के पास उपयोग करने योग्य ताजा जल संसाधन हैं। भारत में पानी की कमी है और पानी की प्रति व्यक्ति उपलब्धता कम हो गई है। हमारी जल्दी ही पानी की कमी वाले देशों में गिनती होने लगेगी। एक अनुमान के अनुसार 2050 में 17 प्रतिशत आबादी के पास पानी की कमी होगी। राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि पानी और स्वच्छता जीवन की मूलभूत जरूरतें हैं और इन्हें संतोषजनक तरीके से प्रदान करना सुशासन का संकेत है। भूमिगत जल के प्रबंध को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय, राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम लागू कर रहा है ताकि ग्रामीण इलाकों में पेयजल प्रदान करने के राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के प्रयासों को सहायता मिल सके। इसके लिए 2012-13 के बजट में 10,500 करोड़ रुपये का खर्च रखा गया। इस कार्यक्रम पर सावधानीपूर्वक नजर रखने की जरूरत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि पानी, स्वच्छता और स्वास्थ्य के बीच सीधा संबंध है। सुरक्षित पेयजल का इस्तेमाल, खुले में शौच, स्वच्छ भोजन के अभाव से उच्च शिशु मृत्यु दर और अनेक बीमारियों को जन्म देती है। उन्होंने कहा कि हमें ग्रामीण और शहरी भारत में उपलब्ध जल संसाधनों का इस्तेमाल तरीके से करना चाहिए, बेकार पानी को फिर से इस्तेमाल योग्य बनाना चाहिए और पानी को बर्बाद होने से बचाना चाहिए, भूमिगत जल को रिचार्ज करने और स्वच्छता की सुविधाएं सुनिश्चित करनी चाहिए। राष्ट्रपति ने सभी राज्यपालों से आग्रह किया कि वे निर्मल भारत अभियान पर विशेष ध्यान दें, जिसे सरकार ने पीने के पानी की सुविधा देने के साथ सभी ग्राम पंचायतों को निर्मल बनाने के लिए शुरू किया है, ताकि गांव वालों को बेहतर स्वास्थ्य और अच्छा जीवन मिल सके।
राष्ट्रपति ने कहा कि 2005 से लागू जेएनएनयूआरएम शहरी बुनियादी सुविधाएं सृजित करने के लिए एक प्रमुख निवेश कार्यक्रम है। उन्होंने कहा कि शहर और शहरी इलाके जीडीपी का 60 प्रतिशत से ज्यादा योगदान देते हैं और देश में रोजगार सृजन का 80 प्रतिशत है।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारत युवाओं का देश है और हम इन्हें उचित शिक्षा और हुनर देकर बेहतर भविष्य की आशा कर सकते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि चूंकि राज्य विश्वविद्यालयों के पास वित्तीय संसाधनों की कमी है, 12वीं योजना में एक नए कार्यक्रम राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के माध्यम से उच्च शिक्षा के लिए केन्द्रीय धनराशि को स्थानांतरित करने की सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि 14वें वित्त आयोग की स्थापना जनवरी 2013 में की गई। उन्होंने राज्यपालों से कहा कि वे राज्य वित्त आयोगों के गठन पर ध्यान दें, जिसमें पर्याप्त कर्मचारी हों, राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट समय पर राज्यपाल को मिले और उस रिपोर्ट पर सरकार समय पर कार्रवाई करे।
इस दो दिवसीय सम्मेलन की कार्यसूची में आंतरिक और बाहरी सुरक्षा, सरकार के कार्यक्रमों को लोगों तक पहुंचाने की व्यवस्था को मजबूत करने, पूर्वी क्षेत्र में दूसरी हरित क्रांति के विस्तार, जल प्रबंध और स्वच्छता, जवाहरलाल नेहरू राष्ट्रीय शहरी नवीनीकरण मिशन (जेएनएनयूआरएम) और उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और सुशासन के संदर्भ में राज्यपालों की भूमिका शामिल है।
सम्मेलन में उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, नौ केन्द्रीय मंत्री, योजना आयोग के उपाध्यक्ष और युआईडीएआई के अध्यक्ष भाग ले रहे हैं।
सम्मेलन को सुबह मंत्री और दोपहर में प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति सम्बोधित करेंगे। (PIB)
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राष्ट्रपति ने किया राज्यपालों के 44वें सम्मेलन का उद्धाटन वि.कसोटिया/कविता/राजेश-524
गुरुवार, फ़रवरी 07, 2013
21 फरवरी से संसद के बजट सत्र -2013 की शुरुआत
07-फरवरी-2013 12:37 IST
पंद्रहवीं लोकसभा के तेरहवें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत और अवधि
संसद के बजट सत्र -2013 की शुरुआत 21 फरवरी 2013, गुरुवार से होगी और 10 मई 2013, शुक्रवार को इस सत्र के समापन की संभावना है।
पंद्रहवीं लोक सभा के 13वें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत 21 फरवरी 2013, गुरुवार से होगी और सरकारी कामकाज की अनिवार्यताओं के अध्याधीन 10 मई 2013, शुक्रवार को इस सत्र के समापन की संभावना है।
राष्ट्रपति 21 फरवरी 2013, गुरुवार को संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रुप से नई दिल्ली स्थित संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में सुबह 11 बजे संबोधित करेंगे।
मंत्रालयों/विभागों के अनुदान की मांगों पर स्थायी समिति द्वारा विचार और रिपोर्ट तैयार करने के लिए 22 मार्च 2013 को दोनों सदनों को अवकाश के लिए स्थगित किया जाएगा और 22 अप्रैल 2013 को सदन का सत्र पुनः आरंभ होगा। (PIB)
वि.कासोटिया/सुधीर पी. /विजयलक्ष्मी – 469
संसद के बजट सत्र
संसद के बजट सत्र -2013 की शुरुआत
संसद:बजट सत्र -2013 की शुरुआत 21 फरवरी से
21 फरवरी से संसद के बजट सत्र -2013 की शुरुआत
पंद्रहवीं लोकसभा के तेरहवें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत और अवधि
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| Courtesy Photo |
पंद्रहवीं लोक सभा के 13वें सत्र और राज्य सभा के 228वें सत्र की शुरुआत 21 फरवरी 2013, गुरुवार से होगी और सरकारी कामकाज की अनिवार्यताओं के अध्याधीन 10 मई 2013, शुक्रवार को इस सत्र के समापन की संभावना है।
राष्ट्रपति 21 फरवरी 2013, गुरुवार को संसद के दोनों सदनों को संयुक्त रुप से नई दिल्ली स्थित संसद भवन के केन्द्रीय कक्ष में सुबह 11 बजे संबोधित करेंगे।
मंत्रालयों/विभागों के अनुदान की मांगों पर स्थायी समिति द्वारा विचार और रिपोर्ट तैयार करने के लिए 22 मार्च 2013 को दोनों सदनों को अवकाश के लिए स्थगित किया जाएगा और 22 अप्रैल 2013 को सदन का सत्र पुनः आरंभ होगा। (PIB)
वि.कासोटिया/सुधीर पी. /विजयलक्ष्मी – 469
संसद के बजट सत्र
संसद के बजट सत्र -2013 की शुरुआत
संसद:बजट सत्र -2013 की शुरुआत 21 फरवरी से
21 फरवरी से संसद के बजट सत्र -2013 की शुरुआत
गुरुवार, जनवरी 10, 2013
माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए-शिंदे
10-जनवरी-2013 19:11 IST
लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना:गृह मन्त्रालय का रिपोर्ट कार्ड
सेना और सुरक्षा बलों ने दिसम्बर, 2012 में संयुक्त अभियानों में जम्मू एवं कश्मीर में सक्रिय 14 आतंकवादियों (8 विदेशी आतंकवादियों सहित) का खात्मा किया जिससे आतंकवादियों को काफी नुकसान हुआ। इसमें सुरक्षा बलों के विरुद्ध विभिन्न हमलों में शामिल नौ उग्रवादी (2 स्थानीय उग्रवादी तथा 7 विदेशी उग्रवादी) शामिल थे जो श्रीनगर सिटी में हमले की योजना बना रहे थे। मारे गए दो उग्रवादी (पम्पोरी में सेना के काफिले पर हमले में शामिल एक विदेशी आतंकवादी सहित) होटल सिल्वर स्टार गोलीबारी में शामिल थे। मारे गए उग्रवादियों में दिल्ली उच्च न्यायालय विस्फोट मामले में वांछित हिजबुल मुजाहिद्दीन का एक स्थानीय कमांडर भी शामिल था।
2. दिसम्बर 2012 माह के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2006 में मालेगांव में, फरवरी, 2007 में समझौता एक्सप्रेस में और मई 2007 में मक्का मस्जिद, हैदराबाद में तथा सितम्बर 2008 में मालेगांव में बम विस्फोट की घटनाओं में शामिल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इन चार अभियुक्तों में से राजेन्द्र चौधरी, धन सिंह और मनोहर मालेगांव में बम रखने में शामिल थे; राजेन्द्र चौधरी और तेजराम ने हैदराबाद में मक्का मस्जिद में बम रखे थे तथा धन सिंह मालेगांव में बम विस्फोट में शामिल था।
पूछताछ के दौरान इन अभियुक्तों ने पता न लगे तीन सनसनीखेज पुराने अपराधों अर्थात् (i) उज्जैन के नरवर पुलिस थाने में एक महिला नन (लीना) पर गोली चलाकर उसे घायल करने, (ii) 9 जनवरी, 2004 को जम्मू में एक मस्जिद पर ग्रेनेड फेंकने, जिसमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई तथा 15 अन्य घायल हो गए, (iii) फरवरी 2005 में नई दिल्ली में ‘’एस. ए. आर गिलानी’’ (संसद हमला मामले में वरी अभियुक्त) पर गोली चलाने, (iv) उज्जैन (मध्य प्रदेश) में एक पठान मुजीव लाला की हत्या करने तथा (v) रमेश निनामा (इंदौर के पियर सिंह निनामा की हत्या के मामले में एक प्रमुख गवाह) की हत्या करने में अपनी भूमिकाएं स्वीकार कर लीं।
3. केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल का निर्माण किए जाने के लिए 7 दिसम्बर, 2012 को 281 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति जारी की गई है। यह अकादमी सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले राज्यों के पुलिस उपाधीक्षकों तथा अपर पुलिस अधीक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करेगी तथा हमारे मित्र देशों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का निराकरण करेगी।
4. दिनांक 4 दिसम्बर, 2012 को बंगलादेश सरकार के गृह मंत्री डॉ. मुहीउद्दीन खान आलमगीर ने मुझसे मुलाकात की तथा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद के खतरे का निवारण करने के लिए पारस्परिक सहयोग आदि से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सीमा पार से चलने वाली अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सी बी एम पी) पर सहयोग बढ़ाने पर हमारी सहमति हुई, हमने सुरक्षा संबंधी मामलों पर सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नोडल पॉइंट्स के कार्य संचालन की समीक्षा की तथा हमने जीरो लाइन के 150 गज के भीतर विकास कार्य की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की। हम संशोधित यात्रा करार और प्रत्यर्पण संधि को अंतिम रूप देने तथा उस पर जनवरी 2013 में हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए। गृह मंत्री स्तर की अगली वार्ता 28 से 30 जनवरी, 2013 के दौरान ढाका में आयोजित की जाएगी।
5. 12 दिसम्बर, 2012 को नाईजीरिया के माननीय मिनिस्टर ऑफ इंटीरियर श्री अब्बा मोरो ने मुझसे मुलाकात की और आप्रवासन तथा वीजा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।6. दिनांक 14 दिसम्बर, 2012 से 16 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर श्री रहमान मलिक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत दौरे पर आए। आतंकवाद को पाकिस्तान के निरंतर सहयोग और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों के संचालन, मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख मास्टर माइंड व्यक्तियों के अभियोजन तथा विचारण, मुंबई आतंकी हमले के षड़यंत्रकारियों तथा 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के भगोड़ों को कानून के अंतर्गत सजा दिलाने, नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पार से गोलीबारी, आतंकवाद के वित्तपोषण, जाली भारतीय करेंसी नोट, पाकिस्तान में मछुआरों तथा सिविलियन कैदियों और भारत के युद्ध बंदियों की रिहाई, वीजा और कंसूलर मुद्दों, स्वापक तथा मादक द्रव्यों की तस्करी तथा भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने और उसका अनुसमर्थन करने तथा एम एल ए टी एवं प्रत्यर्पण संधि आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।
7. 8 सितम्बर, 2012 को भारत तथा पाकिस्तान सरकारों के बीच हस्ताक्षरित नए वीजा करार को भारत के माननीय गृह मंत्री तथा पाकिस्तान के माननीय इंटीरियर मिनिस्टर द्वारा 14 दिसम्बर, 2012 को नई दिल्ली में क्रियाशील बनाया गया।
8. 19 दिसम्बर, 2012 को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त श्री एन्टोनिओ गुटरेस ने मुझसे मुलाकात की और शरणार्थियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
आंतरिक सुरक्षा9. 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में गिरफ्तार अभियुक्त के विचारण के संबंध में पाकिस्तान के न्यायिक आयोग के दूसरे प्रस्तावित दौरे के संशोधित विचारार्थ विषयों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 20 से 26 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान का दौरा किया।
10. 20 दिसम्बर, 2012 को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक, 2011 राज्य सभा द्वारा पारित किया गया। यह विधेयक लोक सभा द्वारा 30/11/2012 को पहले ही पारित कर दिया गया था।
11. राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच के दौरान इकट्ठे किए गए साक्ष्यों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा करने तथा इन मामलों में निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दायर करने की सिफारिश करने के प्रयोजन से विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित ‘’प्राधिकरण’’ का 31 दिसम्बर, 2013 तक विस्तार किया गया है।
कश्मीर संबंधी मामले12. परियोजना मूल्यांकन समिति की 13वीं बैठक 19 दिसम्बर, 2012 को आयोजित हुई जिसमें विशेष उद्योग पहल योजना के अंतर्गत 25 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए बजाज अलियांज तथा 50 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए आइकॉन सेंट्रल लेबोरेट्रीज के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
पूर्वोत्तर13. कार्रवाई स्थगन के बारे में कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ), यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट (यू पी एफ) तथा मणिपुर के अम्ब्रेला संगठनों के साथ नई दिल्ली में 5 दिसम्बर, 2012 को त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। यू पी एफ के साथ कार्रवाई स्थगन करार को नौ माह तक बढ़ा दिया गया है किंतु कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ) के साथ कार्रवाई स्थगन का और विस्तार किए जाने के बारे में कोई समझौता नहीं हो सका।
14. उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण के भाग के रूप में पूर्वोत्तर में भूमिगत संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा हिन्नीवट्रेप नेशनल काउंसिल (एच एन एल सी), यूनाटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) तथा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एन डी एफ बी) को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत विधिविरुद्ध संगम (2 वर्ष तक) घोषित करने संबंधी अधिसूचनाएं जारी की गईं।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल
15. भूमि के अधिग्रहण के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को 25 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है तथा कार्यालय/रिहायशी भवनों के निर्माण के लिए भी उनको 357 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है।
आपदा प्रबंधन16. देश के विभिन्न भागों में कार्रवाई करने तथा राहत गतिविधियां चलाने के लिए नौकाओं, वाहनों तथा अपेक्षित उपकरणों सहित राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के 614 कार्मिक तैनात किए गए। राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के कार्मिकों ने राज्य सरकारों के प्राधिकारियों के समन्वय से कार्य किए तथा 16 लोगों की जान बचाई और 18 शव निकाले।
नक्सल प्रबंधन17. विशेष रैली आयोजित करके वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबलों की भर्ती के मुद्दे पर
चर्चा करने के लिए गृह सचिव ने 4 दिसम्बर, 2012 को केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
18. 10 अक्तूबर, 2012 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री के. विजय कुमार को वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास संबंधी मामलों पर सलाह देने के लिए वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है।
19. सुरक्षा बलों ने झारखंड के लातेहर जिले में माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं। यह लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना है क्योंकि माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे हुए हैं तथा इस भू-भाग से परिचित हैं। इस क्षेत्र में हाल ही में हुई गोलीबारी से दस सुरक्षा कार्मिक शहीद हो गए तथा कुछ घायल हो गए। आसूचना संबंधी जानकारी से यह पता चला है कि माओवादियों को भी बहुत क्षति पहुंची है। यह अभियान इस क्षेत्र से माओवादियों का सफाया होने तक जारी रहेंगे।
विदेशी विषयक20. माह के दौरान पैराग्वे (चैक रिपब्लिक); नैरोबी (कीनिया) तथा मपुतो (मोजाम्बिक) में स्थित भारतीय दूतावासों में आई वी एफ आर टी के अंतर्गत इंटीग्रेटिड ऑनलाइन वीजा एप्लीकेशन प्रणाली शुरू की गई है। यह सुविधा अब विदेशों में स्थित 101 भारतीय मिशनों में उपलब्ध है।
21. विदेशी छात्रों के कल्याण के बारे में तथा उनकी गतिविधियों/निष्पादन और सामान्य आचरण पर नजर रखने के लिए आई वी एफ आर टी के अंतर्गत विदेशी छात्र सूचना प्रणाली (एफ एस आई एस) विकसित की गई है ताकि संबंधित शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विदेशी छात्रों के विवरण को ऑनलाइन भरने में सुविधा हो सके। यह मॉड्यूल प्रयोग के तौर पर एफ आर आर ओ चैन्नई में शुरू किया गया है।
संघ राज्य क्षेत्र22. यौन उत्पीड़न मामलों में 30 दिन के भीतर त्वरित न्याय तथा निवारक दंड की व्यवस्था करने के लिए दंड कानूनों में संभावित संशोधनों की जांच करने के लिए सरकार ने 24 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे. एस. वर्मा समिति का गठन किया।
23. दिल्ली में हाल ही में घटित सामूहिक बलात्कार की दु:खद घटना के बारे में सरकार ने 26 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उषा मेहरा जांच आयोग का भी गठन किया।
24. कल मैंने दिल्ली में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की दिल्ली पुलिस के साथ समीक्षा की। हमने इस बारे में निम्नलिखित निर्णय लिए हैं :-
क) दिल्ली पुलिस के कार्मिकों द्वारा रात्रि में मोटरसाइकिल पर गश्त लगाना;
ख) प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डैस्क-पुलिस थाना क्षेत्र में सभी स्कूलों और कॉलेजों में महिला हेल्प डैस्क का सैल नंबर तथा टेलीफोन नंबर अधिसूचित किया जाना होगा; और
ग) सिविल रक्षा कार्मिकों, होमगार्ड, भूतपूर्व सैनिकों तथा महिला गैर सरकारी संगठनों को शामिल करके प्रत्येक पुलिस थाने में समितियों का गठन किया जाए ताकि जनता, विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित मुद्दों को बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों के समक्ष लाया जा सके।
राज्य विधायन
25. भारत के राष्ट्रपति ने दिसम्बर, 2012 में असम राज्य सतर्कता आयोग विधेयक, 2010; राजस्थान विशेष न्यायालय विधेयक, 2012; उत्तर प्रदेश
राजस्व संहिता विधेयक, 2006 तथा भारतीय स्टाम्प (पश्चिम बंगाल संशोधन) विधेयक, 2012 को मंजूरी प्रदान की।
हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा
26. हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र, जिसमें गुलबर्गा, बिदर, रायचूर, कोपल और यादगीर जिले शामिल हैं तथा कर्नाटक राज्य में बेल्लारी जिला अतिरिक्त रूप से शामिल है, को विशेष दर्जा प्रदान करने के लिए एक नया अनुच्छेद 371 (ञ)
अंत:स्थापित करने के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा संविधान (संशोधन) विधेयक, 2012 पारित कर दिया गया है।
सीमा प्रबंधन
27. दिसम्बर, 2012 माह के दौरान भारत बंगलादेश सीमा के 40 किलोमीटर भाग पर तेज रोशनी करने का कार्य पूरा कर लिया गया।
28. तटीय सुरक्षा के अंतर्गत 131 तटीय पुलिस थानों में से 116 के लिए भूमि के निर्धारण को अंतिम रूप दे दिया गया है तथा दिसम्बर 2012 तक 74 मामलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तटीय राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा 60 में से 27 घाटों के लिए भूमि का निर्धारण कर लिया गया है।
29. सरकार ने भारत-चीन सीमा पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की कुल 804 किलोमीटर लम्बी 27 प्राथमिकता सड़कें स्वीकृत की हैं जिनमें से दिसम्बर 2012 तक 562 किलोमीटर लम्बी सड़कों का फॉर्मेशन कार्य तथा 241 किलोमीटर लम्बी सड़कों के समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। (PIB) पत्रकार सम्मेलन में गृह मंत्री का वक्तव्य
वि.कासोटिया / श्याम – 139
लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना:गृह मन्त्रालय का रिपोर्ट कार्ड
2. दिसम्बर 2012 माह के दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने वर्ष 2006 में मालेगांव में, फरवरी, 2007 में समझौता एक्सप्रेस में और मई 2007 में मक्का मस्जिद, हैदराबाद में तथा सितम्बर 2008 में मालेगांव में बम विस्फोट की घटनाओं में शामिल चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। इन चार अभियुक्तों में से राजेन्द्र चौधरी, धन सिंह और मनोहर मालेगांव में बम रखने में शामिल थे; राजेन्द्र चौधरी और तेजराम ने हैदराबाद में मक्का मस्जिद में बम रखे थे तथा धन सिंह मालेगांव में बम विस्फोट में शामिल था।
पूछताछ के दौरान इन अभियुक्तों ने पता न लगे तीन सनसनीखेज पुराने अपराधों अर्थात् (i) उज्जैन के नरवर पुलिस थाने में एक महिला नन (लीना) पर गोली चलाकर उसे घायल करने, (ii) 9 जनवरी, 2004 को जम्मू में एक मस्जिद पर ग्रेनेड फेंकने, जिसमें दो व्यक्तियों की मृत्यु हो गई तथा 15 अन्य घायल हो गए, (iii) फरवरी 2005 में नई दिल्ली में ‘’एस. ए. आर गिलानी’’ (संसद हमला मामले में वरी अभियुक्त) पर गोली चलाने, (iv) उज्जैन (मध्य प्रदेश) में एक पठान मुजीव लाला की हत्या करने तथा (v) रमेश निनामा (इंदौर के पियर सिंह निनामा की हत्या के मामले में एक प्रमुख गवाह) की हत्या करने में अपनी भूमिकाएं स्वीकार कर लीं।
3. केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग, भोपाल द्वारा केन्द्रीय पुलिस प्रशिक्षण अकादमी, भोपाल का निर्माण किए जाने के लिए 7 दिसम्बर, 2012 को 281 करोड़ रुपये की राशि की स्वीकृति जारी की गई है। यह अकादमी सीधी भर्ती से नियुक्त होने वाले राज्यों के पुलिस उपाधीक्षकों तथा अपर पुलिस अधीक्षकों को बुनियादी प्रशिक्षण प्रदान करेगी तथा हमारे मित्र देशों की प्रशिक्षण आवश्यकताओं का निराकरण करेगी।
4. दिनांक 4 दिसम्बर, 2012 को बंगलादेश सरकार के गृह मंत्री डॉ. मुहीउद्दीन खान आलमगीर ने मुझसे मुलाकात की तथा सुरक्षा, सीमा प्रबंधन, आतंकवाद के खतरे का निवारण करने के लिए पारस्परिक सहयोग आदि से संबंधित द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा की। सीमा पार से चलने वाली अवैध गतिविधियों पर नियंत्रण लगाने के लिए दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सी बी एम पी) पर सहयोग बढ़ाने पर हमारी सहमति हुई, हमने सुरक्षा संबंधी मामलों पर सूचना का आदान-प्रदान करने के लिए नोडल पॉइंट्स के कार्य संचालन की समीक्षा की तथा हमने जीरो लाइन के 150 गज के भीतर विकास कार्य की अनुमति देने पर सहमति व्यक्त की। हम संशोधित यात्रा करार और प्रत्यर्पण संधि को अंतिम रूप देने तथा उस पर जनवरी 2013 में हस्ताक्षर करने के लिए सहमत हो गए। गृह मंत्री स्तर की अगली वार्ता 28 से 30 जनवरी, 2013 के दौरान ढाका में आयोजित की जाएगी।
5. 12 दिसम्बर, 2012 को नाईजीरिया के माननीय मिनिस्टर ऑफ इंटीरियर श्री अब्बा मोरो ने मुझसे मुलाकात की और आप्रवासन तथा वीजा संबंधी मुद्दों पर चर्चा की।6. दिनांक 14 दिसम्बर, 2012 से 16 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान के इंटीरियर मिनिस्टर श्री रहमान मलिक द्विपक्षीय वार्ता के लिए भारत दौरे पर आए। आतंकवाद को पाकिस्तान के निरंतर सहयोग और पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी शिविरों के संचालन, मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख मास्टर माइंड व्यक्तियों के अभियोजन तथा विचारण, मुंबई आतंकी हमले के षड़यंत्रकारियों तथा 1993 के मुंबई बम विस्फोटों के भगोड़ों को कानून के अंतर्गत सजा दिलाने, नियंत्रण रेखा तथा अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं के पार से गोलीबारी, आतंकवाद के वित्तपोषण, जाली भारतीय करेंसी नोट, पाकिस्तान में मछुआरों तथा सिविलियन कैदियों और भारत के युद्ध बंदियों की रिहाई, वीजा और कंसूलर मुद्दों, स्वापक तथा मादक द्रव्यों की तस्करी तथा भारत और पाकिस्तान के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करने और उसका अनुसमर्थन करने तथा एम एल ए टी एवं प्रत्यर्पण संधि आदि मुद्दों पर चर्चा की गई।
7. 8 सितम्बर, 2012 को भारत तथा पाकिस्तान सरकारों के बीच हस्ताक्षरित नए वीजा करार को भारत के माननीय गृह मंत्री तथा पाकिस्तान के माननीय इंटीरियर मिनिस्टर द्वारा 14 दिसम्बर, 2012 को नई दिल्ली में क्रियाशील बनाया गया।
8. 19 दिसम्बर, 2012 को संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त श्री एन्टोनिओ गुटरेस ने मुझसे मुलाकात की और शरणार्थियों से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
आंतरिक सुरक्षा9. 26/11 के मुंबई आतंकी हमले के मामले में पाकिस्तान में गिरफ्तार अभियुक्त के विचारण के संबंध में पाकिस्तान के न्यायिक आयोग के दूसरे प्रस्तावित दौरे के संशोधित विचारार्थ विषयों को अंतिम रूप देने के लिए चार सदस्यीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 20 से 26 दिसम्बर, 2012 तक पाकिस्तान का दौरा किया।
10. 20 दिसम्बर, 2012 को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) संशोधन विधेयक, 2011 राज्य सभा द्वारा पारित किया गया। यह विधेयक लोक सभा द्वारा 30/11/2012 को पहले ही पारित कर दिया गया था।
11. राष्ट्रीय जांच एजेंसी द्वारा जांच के दौरान इकट्ठे किए गए साक्ष्यों की स्वतंत्र रूप से समीक्षा करने तथा इन मामलों में निर्धारित समय के भीतर आरोप पत्र दायर करने की सिफारिश करने के प्रयोजन से विधि-विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत गठित ‘’प्राधिकरण’’ का 31 दिसम्बर, 2013 तक विस्तार किया गया है।
कश्मीर संबंधी मामले12. परियोजना मूल्यांकन समिति की 13वीं बैठक 19 दिसम्बर, 2012 को आयोजित हुई जिसमें विशेष उद्योग पहल योजना के अंतर्गत 25 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए बजाज अलियांज तथा 50 उम्मीदवारों को प्रशिक्षित करने के लिए आइकॉन सेंट्रल लेबोरेट्रीज के प्रस्तावों को अनुमोदित किया गया।
पूर्वोत्तर13. कार्रवाई स्थगन के बारे में कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ), यूनाइटेड पीपल्स फ्रंट (यू पी एफ) तथा मणिपुर के अम्ब्रेला संगठनों के साथ नई दिल्ली में 5 दिसम्बर, 2012 को त्रिपक्षीय बैठकें आयोजित की गईं। यू पी एफ के साथ कार्रवाई स्थगन करार को नौ माह तक बढ़ा दिया गया है किंतु कुकी नेशनल आर्गेनाइजेशन (के एन ओ) के साथ कार्रवाई स्थगन का और विस्तार किए जाने के बारे में कोई समझौता नहीं हो सका।
14. उग्रवाद पर प्रभावी नियंत्रण के भाग के रूप में पूर्वोत्तर में भूमिगत संगठनों की गतिविधियों की समीक्षा की गई तथा हिन्नीवट्रेप नेशनल काउंसिल (एच एन एल सी), यूनाटेड लिब्रेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) तथा नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एन डी एफ बी) को विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम के अंतर्गत विधिविरुद्ध संगम (2 वर्ष तक) घोषित करने संबंधी अधिसूचनाएं जारी की गईं।
केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बल
15. भूमि के अधिग्रहण के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को 25 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है तथा कार्यालय/रिहायशी भवनों के निर्माण के लिए भी उनको 357 करोड़ रु. की राशि स्वीकृत की गई है।
आपदा प्रबंधन16. देश के विभिन्न भागों में कार्रवाई करने तथा राहत गतिविधियां चलाने के लिए नौकाओं, वाहनों तथा अपेक्षित उपकरणों सहित राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के 614 कार्मिक तैनात किए गए। राष्ट्रीय आपदा कार्रवाई बल के कार्मिकों ने राज्य सरकारों के प्राधिकारियों के समन्वय से कार्य किए तथा 16 लोगों की जान बचाई और 18 शव निकाले।
नक्सल प्रबंधन17. विशेष रैली आयोजित करके वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में रिक्तियों को भरने के लिए केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों में कांस्टेबलों की भर्ती के मुद्दे पर
चर्चा करने के लिए गृह सचिव ने 4 दिसम्बर, 2012 को केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशकों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की।
18. 10 अक्तूबर, 2012 को केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के एक सेवानिवृत्त महानिदेशक श्री के. विजय कुमार को वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास संबंधी मामलों पर सलाह देने के लिए वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया है।
19. सुरक्षा बलों ने झारखंड के लातेहर जिले में माओवादियों के गढ़ों में बड़े पैमाने पर अभियान चलाए हैं। यह लड़ाई बहुत कठिन होने की संभावना है क्योंकि माओवादी इस क्षेत्र में दशकों से जमे हुए हैं तथा इस भू-भाग से परिचित हैं। इस क्षेत्र में हाल ही में हुई गोलीबारी से दस सुरक्षा कार्मिक शहीद हो गए तथा कुछ घायल हो गए। आसूचना संबंधी जानकारी से यह पता चला है कि माओवादियों को भी बहुत क्षति पहुंची है। यह अभियान इस क्षेत्र से माओवादियों का सफाया होने तक जारी रहेंगे।
विदेशी विषयक20. माह के दौरान पैराग्वे (चैक रिपब्लिक); नैरोबी (कीनिया) तथा मपुतो (मोजाम्बिक) में स्थित भारतीय दूतावासों में आई वी एफ आर टी के अंतर्गत इंटीग्रेटिड ऑनलाइन वीजा एप्लीकेशन प्रणाली शुरू की गई है। यह सुविधा अब विदेशों में स्थित 101 भारतीय मिशनों में उपलब्ध है।
21. विदेशी छात्रों के कल्याण के बारे में तथा उनकी गतिविधियों/निष्पादन और सामान्य आचरण पर नजर रखने के लिए आई वी एफ आर टी के अंतर्गत विदेशी छात्र सूचना प्रणाली (एफ एस आई एस) विकसित की गई है ताकि संबंधित शैक्षणिक संस्थानों द्वारा विदेशी छात्रों के विवरण को ऑनलाइन भरने में सुविधा हो सके। यह मॉड्यूल प्रयोग के तौर पर एफ आर आर ओ चैन्नई में शुरू किया गया है।
संघ राज्य क्षेत्र22. यौन उत्पीड़न मामलों में 30 दिन के भीतर त्वरित न्याय तथा निवारक दंड की व्यवस्था करने के लिए दंड कानूनों में संभावित संशोधनों की जांच करने के लिए सरकार ने 24 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) जे. एस. वर्मा समिति का गठन किया।
23. दिल्ली में हाल ही में घटित सामूहिक बलात्कार की दु:खद घटना के बारे में सरकार ने 26 दिसम्बर, 2012 को न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) उषा मेहरा जांच आयोग का भी गठन किया।
24. कल मैंने दिल्ली में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की दिल्ली पुलिस के साथ समीक्षा की। हमने इस बारे में निम्नलिखित निर्णय लिए हैं :-
क) दिल्ली पुलिस के कार्मिकों द्वारा रात्रि में मोटरसाइकिल पर गश्त लगाना;
ख) प्रत्येक पुलिस थाने में महिला हेल्प डैस्क-पुलिस थाना क्षेत्र में सभी स्कूलों और कॉलेजों में महिला हेल्प डैस्क का सैल नंबर तथा टेलीफोन नंबर अधिसूचित किया जाना होगा; और
ग) सिविल रक्षा कार्मिकों, होमगार्ड, भूतपूर्व सैनिकों तथा महिला गैर सरकारी संगठनों को शामिल करके प्रत्येक पुलिस थाने में समितियों का गठन किया जाए ताकि जनता, विशेष रूप से महिलाओं से संबंधित मुद्दों को बातचीत के दौरान पुलिस अधिकारियों के समक्ष लाया जा सके।
राज्य विधायन
25. भारत के राष्ट्रपति ने दिसम्बर, 2012 में असम राज्य सतर्कता आयोग विधेयक, 2010; राजस्थान विशेष न्यायालय विधेयक, 2012; उत्तर प्रदेश
राजस्व संहिता विधेयक, 2006 तथा भारतीय स्टाम्प (पश्चिम बंगाल संशोधन) विधेयक, 2012 को मंजूरी प्रदान की।
हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र को विशेष दर्जा
26. हैदराबाद-कर्नाटक क्षेत्र, जिसमें गुलबर्गा, बिदर, रायचूर, कोपल और यादगीर जिले शामिल हैं तथा कर्नाटक राज्य में बेल्लारी जिला अतिरिक्त रूप से शामिल है, को विशेष दर्जा प्रदान करने के लिए एक नया अनुच्छेद 371 (ञ)
अंत:स्थापित करने के लिए संसद के दोनों सदनों द्वारा संविधान (संशोधन) विधेयक, 2012 पारित कर दिया गया है।
सीमा प्रबंधन
27. दिसम्बर, 2012 माह के दौरान भारत बंगलादेश सीमा के 40 किलोमीटर भाग पर तेज रोशनी करने का कार्य पूरा कर लिया गया।
28. तटीय सुरक्षा के अंतर्गत 131 तटीय पुलिस थानों में से 116 के लिए भूमि के निर्धारण को अंतिम रूप दे दिया गया है तथा दिसम्बर 2012 तक 74 मामलों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। तटीय राज्यों/संघ राज्य क्षेत्रों द्वारा 60 में से 27 घाटों के लिए भूमि का निर्धारण कर लिया गया है।
29. सरकार ने भारत-चीन सीमा पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की कुल 804 किलोमीटर लम्बी 27 प्राथमिकता सड़कें स्वीकृत की हैं जिनमें से दिसम्बर 2012 तक 562 किलोमीटर लम्बी सड़कों का फॉर्मेशन कार्य तथा 241 किलोमीटर लम्बी सड़कों के समतलीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है। (PIB) पत्रकार सम्मेलन में गृह मंत्री का वक्तव्य
वि.कासोटिया / श्याम – 139
गुरुवार, जनवरी 03, 2013
वियतनाम के साथ संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर
03-जनवरी-2013 19:17 IST
भारत की 'पूरब की ओर देखो नीति' का एक स्तंभ है वियतनाम
हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार-पर्यटन मंत्री के. चिरंजीवी
केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री के. चिरंजीवी ने कहा कि वियतनाम भारत की 'पूरब की ओर देखो नीति' का एक स्तंभ है और भारत वियतनाम के साथ द्विपक्षीय और आसियान कार्यक्रम- दोनों तरफ से संबंधों को मजबूत बनाने के काम को उच्च प्राथमिकता देता है। हनोई स्थित भारतीय दूतावास की ओर से व्यापार और निवेश विषय पर आयोजित एक विचारगोष्ठी को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, जो विशेषकर आर्थिक, वाणिज्यिक, रक्षा और सुरक्षा, वैज्ञानिक और तकनीकी तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़ हैं। इस आयोजन में वियतनाम का उद्योग और व्यापार मंत्रालय तथा वियतनाम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री सहयोगी था। मंत्री महोदय ने कहा कि वर्ष 2015 तक आसियान-भारत व्यापार के लिए 100 अरब अमरिकी डॉलर का लक्ष्य रखा गया है।
इस विचारगोष्ठी में पीपुल्स कमिटी ऑफ डानांग के वाइस चैयरमैन श्री फुंग टान वीएट, वियतनाम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के वाइस चैयरमैन श्री हुवांग वॉन डुंग, वियतनाम नेशनल टूरिज्म के चैयरमैन श्री नगुऐन वॉन ट्वान और लगभग 150 वियतनामी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। (PIB) वियतनाम के साथ संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर
***
वि.कासोटिया/सुधीर/सुजीत-37
भारत की 'पूरब की ओर देखो नीति' का एक स्तंभ है वियतनाम
हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार-पर्यटन मंत्री के. चिरंजीवी
केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री के. चिरंजीवी ने कहा कि वियतनाम भारत की 'पूरब की ओर देखो नीति' का एक स्तंभ है और भारत वियतनाम के साथ द्विपक्षीय और आसियान कार्यक्रम- दोनों तरफ से संबंधों को मजबूत बनाने के काम को उच्च प्राथमिकता देता है। हनोई स्थित भारतीय दूतावास की ओर से व्यापार और निवेश विषय पर आयोजित एक विचारगोष्ठी को संबोधित करते हुए मंत्री महोदय ने कहा कि हम अपनी रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है, जो विशेषकर आर्थिक, वाणिज्यिक, रक्षा और सुरक्षा, वैज्ञानिक और तकनीकी तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों से जुड़ हैं। इस आयोजन में वियतनाम का उद्योग और व्यापार मंत्रालय तथा वियतनाम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री सहयोगी था। मंत्री महोदय ने कहा कि वर्ष 2015 तक आसियान-भारत व्यापार के लिए 100 अरब अमरिकी डॉलर का लक्ष्य रखा गया है।
इस विचारगोष्ठी में पीपुल्स कमिटी ऑफ डानांग के वाइस चैयरमैन श्री फुंग टान वीएट, वियतनाम चैम्बर ऑफ कॉमर्स एण्ड इंडस्ट्री के वाइस चैयरमैन श्री हुवांग वॉन डुंग, वियतनाम नेशनल टूरिज्म के चैयरमैन श्री नगुऐन वॉन ट्वान और लगभग 150 वियतनामी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। (PIB) वियतनाम के साथ संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर
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वि.कासोटिया/सुधीर/सुजीत-37
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