गुरुवार, नवंबर 14, 2013

Each image of Kashmiri Hindu House is stark,

Plain-spoken, without embellishment
14-06-2009 को अपलोड किया गया
My Lost Home
Video Produced by: Deepak Ganju
Images: Veer Munshi & Deepak Ganju
Song: Arti Tiku Kaul
See at shehjar Magazine at:http://www.shehjar.com/list/94/840/1....

Each image of Kashmiri Hindu House
is stark, plain-spoken, without embellishment.
There is no annotati ve manipulati on of these
images, no theatricality, no vein of melodrama,
no overtly elegiac air, no demand for sympathy.
There they stand, in our line of sight: ruins,
monuments, memorials.
This is testimony to the unforgiving march of
history, which takes no prisoners.
'Ranjit Hoskote'  (Courtesy: YouTube)

सोमवार, अक्टूबर 07, 2013

सड़कों पर पहुंचा लुधियाना का मजदूर आंदोलन

Mon, Oct 7, 2013 at 5:30 PM
श्रम विभाग पर रोषपूर्ण प्रदर्शन:चौथे दिन भी नहीं हुआ कोई फैसला 
लुधियाना:07 अक्टूबर 2013: (*विश्वनाथ//पंजाब स्क्रीन ब्यूरो):ऊपर खुला आसमान, नीचे जमीन, कड़कती धुप में एक बार बुलंद हो रहा था वही पुराना नारा---
हर जोर ज़ुल्म की टक्कर में हडताल हमारा नारा है    
आज हड़ताली टेक्सटाइल मजदरों ने श्रम विभाग कार्यालय पर रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। वास्तव में उनके पास कोई और रास्ता शायद बचा ही नहीं था। श्रम विभाग ने मजदूरों और मालिकों को आज की तारीख पर श्रम कार्यालय बुलाया था। लेकिन वहाँ न मालिक मिले न श्रम अधिकारी। टेक्सटाइल-हौजरी कामगार यूनियन के अध्यक्ष राजविन्दर ने बताया कि मालिकों के साथ साथ श्रम अधिकारियों द्वारा अपनाए जा रहे यह मजदूर विरोधी रवैया मजदूरों को कतई झुका नहीं पाएगा बल्कि इससे मजदूरों में रोष को और भी बढ़ गया है। मजदूर अपने अधिकार हासिल करके ही काम पर लौंटेंगे भले ही उन्हें कितनी भी लम्बी हड़ताल क्यों न लडऩी पड़े। जैसे साहिर साहिब के शब्दों में कह  रहे हों---
तुम समझौते की आस रखो हम आगे बढ़ते जायेंगे 
इस समय 36 कारखानों के मजदूर टेक्सटाइल हौजरी कामगार यूनियन के नेतृत्व में हड़ताल पर हैं। 40 कारखानों में पहले ही 15 प्रतिशत वेतन/पीस रेट वृद्धि और 8.33 प्रतिशत सालाना बोनस की माँग पर समझौता हो चुका है। लेकिन 36 कारखानों के मालिक मजदूरों को उनके कानूनी अधिकार देने को तैयार नहीं हैं। 
श्रम विभाग कार्यालय पर हुए प्रदर्शन में कई अन्य संगठनों के नेताओं ने समर्थन जाहिर किया। प्रर्दशन को टेक्सटाइल हौजरी कामगार यूनियन के अध्यक्ष राजविन्दर, कारखाना मजदूर यूनियन के संयोजक लखविन्दर, मोल्डर एण्ड स्टील वर्कज यूनियन के हरजिन्दर सिंह, इंटक के उपाअध्यक्ष सबरजीत सिंह सरहाली व टेक्सटाइल-हौजरी कामगार यूनियन के समिति सदस्यों विश्वनाथ, प्रेमनाथ, गोपाल आदि ने सम्बोधित किया। सभी मजदूरों ने जोशीले नारों के साथ यह ऐलान किया कि उनकी लड़ाई हक हासिल होने तक जारी रहेगी।

*विश्वनाथ टेक्सटाइल-हौजरी कामगार यूनियन, पंजाब (रजि.) के सचिव हैं   

शनिवार, सितंबर 07, 2013

कृपालु महाराज अपने बेडरूम में शिष्याओं को दान में देते हैं प्रेम ?

15 सालों तक कृपालु के आश्रम में रहीं, अब ठगा महसूस करती हैं केरेन 
Comrade Aman Mishra Dyfi ने आज बाद दोपहर करीब ढाई बजे पोस्ट की एक रचना में कृपालू महाराज को भी आड़े हाथों लिया है। समाज को खोखला कर रहे, संघर्ष की शक्ति को कुंद कर रहे और पूंजीवाद के जीवन को और लम्बा कर रहे ये डेरे-ये बाबे क्या हैं…पढ़िये कामरेड मिश्रा की इस पोस्ट में आपको उनके विचार कैसे लगे अवश्य लिखें। यदि आप उनसे सहमत न भी हुए तो भी आपके विचारों को स्थान अवश्य मिलेगा पर उनका  तर्क आधारित और उचित शब्दों में होना आवश्यक है। गाली गलौज और व्यक्तिगत रंजिश से भरी कोई बात न भेजें। यदि आपका इस मामले में कोई अनुभव रहा हो तो उसे भी भेजने में संकोच न करें। उस रचना से सबंधित तस्वीर भी अवश्य भेजने का प्रयास करें।  हम आपके विचार आपके नाम से प्रकाशित करेंगे। अगर किसी को अपना नाम ज़ाहिर करने में संकोच हो तो स्पष्ट लिखें आपका नाम ज़ाहिर नहीं किया जायेगा। --रेक्टर कथूरिया 
   उनके पूर्व गुरु की बेडरूम गतिविधियों की तीखी आलोचना होती है। केरेन के मुताबिक, 
'चूंकि उन्हें भक्त कृष्ण का अवतार मानते हैं, इसलिए उनका सेक्शुअल टच ईश्वरीय प्रेम का उपहार या प्रेमदान मान लिया जाता है

भारत में ऐसे कई संत हैं, जिन पर धर्म के खिलाफ जाकर आचरण करने का आरोप लग चुका है। खुद को कृष्ण और चैतन्य प्रभु का अवतार और जगतगुरु बताने वाले विवादास्पद आध्यात्मिक गुरु कृपालु महाराज ऐसे ही आरोपों से घिरे 'संत' हैं। उनके दामन पर महिलाओं से अभद्रता के आरोपों के दाग हैं। कृपालु महाराज की एक शिष्या केरेने जॉनसन ने 'सेक्स, लाइज एंड टू हिंदू गुरुज: हाउ आई वॉज कॉन्ड बाई अ डैंजरस कल्ट' नाम की किताब में कृपालु महाराज के आश्रमों में चल रही गतिविधियों और खुद कृपालु महाराज के चरित्र को लेकर कई संगीन आरोप लगाए हैं।15 सालों तक कृपालु के आश्रम में रहीं, अब ठगा महसूस करती हैं केरेन 
कृपालु महाराज की पूर्व अमेरिकी शिष्या केरेन जॉनसन का कहना है कि उनका अपने पूर्व गुरु के यहां 15 सालों का तजुर्बा बहुत ही खराब रहा। अपने बारे में केरेन बताती हैं, 'मैं जगदगुरु कृपालु परिषद (जेकेपी) संप्रदाय की सदस्य थी। मैं अमेरिका के ऑस्टिन शहर में जेकेपी आश्रम में 15 सालों तक रही। पहले इस आश्रम को बरसाना धाम कहा जाता था। जब मुझे लगा कि मैं एक खतरनाक संप्रदाय का हिस्सा हूं तो मुझे लगा कि इसकी पोल खोलना जरूरी है। मैं शुरुआत में आध्यात्मिकता की तलाश कर रही मासूम युवती थी। लेकिन अब मैं इंसाफ चाहती हूं। मैं उन लड़कियों और बच्चों के लिए लड़ना चाहती हूं जो इन गुरुओं का शिकार बनीं।' कृपालु महाराज की पूर्व अमेरिकन शिष्या केरेन जॉनसन का कहना है कि उनके पूर्व गुरु की बेडरूम गतिविधियों की तीखी आलोचना होती है। केरेन के मुताबिक, 'चूंकि उन्हें भक्त कृष्ण का अवतार मानते हैं, इसलिए उनका सेक्शुअल टच ईश्वरीय प्रेम का उपहार या प्रेमदान मान लिया जाता है। कृपालु महाराज कई महिलाओं को आपत्तिजनक तरीके से छूते हैं। वे महिलाओं को चरण-सेवा के लिए भी आमंत्रित करते हैं। चरण-सेवा के तहत कृपालु महाराज की मालिश की जाती है और इसमें सेक्शुअल टच भी शामिल होता है।'

मदरसे आतंक की फेक्ट्री और अपने आश्रम संस्कृति के जनक?

रविवार, सितंबर 01, 2013

'अहिंसा संदेशवाहक' शुरू

31-अगस्त-2013 17:59 IST
शुभारंभ किया यूपीए अध्‍यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने
इस अवसर पर श्रीमती कृष्‍णा तीरथ ने कहा कि 'अहिंसा संदेशवाहक' से महिला सशक्तिकरण
यूपीए अध्‍यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने आज यहां महिला और बाल विकास मंत्रालय के 'अहिंसा संदेशवाहक' कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्‍णा तीरथ ने समारोह की अध्‍यक्षता की। पंचायती राज और जनजातीय मामले मंत्री श्री वी. किशोर चंद्र देव और संसद सदस्‍य श्री जे. पी. अग्रवाल भी मौजूद थे। समारोह में दिल्‍ली एनसीआर से करीब 30 हजार बालिकाओं ने हिस्‍सा लिया, जिन्‍हें राजीव गांधी किशोरी अधिकारिता कार्यक्रम या सबला से लाभ प्राप्‍त हुआ है।
इस अवसर पर श्रीमती सोनिया गांधी ने कहा कि 'अहिंसा संदेशवाहक' सीधे रुप से महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के साथ जुड़ा हुआ है। उन्‍होंने कहा कि ये 'अहिंसा संदेशवाहक' महिलाओं के कानूनी अधिकारों और उनके आर्थिक एवं सामाजिक विकास के बारे में जागरूकता और ज्ञान का प्रचार करेंगे। श्रीमती गांधी ने कहा कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा और उन्‍हें गरिमा प्रदान करने के लिए लोगों की मानसिकता में परिवर्तन लाना बहुत जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि इस कार्यक्रम की विशेषता यह है कि इसमें किशोर बालकों को भी शामिल किया गया है। उन्‍होंने कहा कि सबसे पहले आंगनवाडि़यों ने कुछ महिलाओं को 'अहिंसा संदेशवाहक' का प्रशिक्षण दिया जाएगा। श्रीमती गांधी ने कहा कि पंचायती राज संस्‍थानों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू करने से लाखों महिलाओं को अपनी बात कहने का हक मिला है। 
श्रीमती गांधी ने यह भी कहा कि सिर्फ नीतियां घोषित करने और कानून लागू करने से महिलाओं का सशक्तिकरण नहीं हो पाएगा। उन्‍होंने इसके लिए कानून और नीतियों को निचले स्‍तर पर कारगर ढंग से लागू करने की आवश्‍यकता पर बल दिया। 

महिला और बाल विकास मंत्री श्रीमती कृष्‍णा तीरथ ने कहा कि महिलाएं समाज के विकास में तभी योगदान कर सकती हैं जब उन्‍हें मानसिक, सामाजिक, शैक्षिक और वित्‍तीय दृष्टि से अधिकारिता प्रदान की जाए। उन्‍होंने बताया कि 'अहिंसा संदेशवाहक' कार्यक्रम की परिकल्‍पना 2009 में की गयी थी। उन्‍होंने बताया कि आज सबला के अंतर्गत एक करोड़ लड़कियों को 'अहिंसा संदेशवाहक' का कार्य संभालने के लिए प्रशिक्षित किया जा चुका है। उन्‍होंने कहा कि इस कार्यक्रम का मुख्‍य उद्देश्‍य महिलाओं और बच्‍चों के खिलाफ होने वाली हिंसा पर काबू पाना है। कार्यक्रम में किशोर और किशोरियों दोनों को ही शामिल किया गया है। 

इस अवसर पर महिला और बाल विकास मंत्रालय की सचिव सुश्री नीता चौधरी और अन्‍य वरि‍ष्ठ अधिकारी भी उपस्‍थित थे। (PIB)
वि. कासोटिया/देवे

 'अहिंसा संदेशवाहक' कार्यक्रम का शुभारंभ 

सोमवार, अगस्त 26, 2013

बापू आसाराम के समर्थकों ने भी दिया आमने सामने की जंग का संदेश

संत आसा राम  के खिलाफ किए जा रहे दुष्प्रचार का किया डट कर विरोध 
प्रदर्शनकारियों ने तीखे तेवरों में सौंपा जिला प्रशासन को ज्ञापन  
लुधियाना 26 अगस्त ( *जितेन्द्र सचदेवा/पंजाब स्क्रीन) योग वेदान्त सेवा समिति के नेतृत्व में हजारों साधको ने परम पूज्नीय संत श्री आसा राम जी के विरुद्ध षडंयत्र के तहत किए जा रहे दुष्प्रचार के विरोध में जगरांवपुल स्थित दुर्गा माता मन्दिर से मिनी सचिवालय तक हरि बोल-हरि बोल का जाप करते हुए रोष मार्च कर जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। प्रर्दशनकारी हाथों में संतो का अपमान नहीं सहेगा हिन्दोस्तान,षडयंत्रकारियो पर त्वतरित कारवाई,संत का निंदक महा हत्यारा, सांच को आंच नहीं , झूठ के पैर नहीं, षडयंत्रकारियों से सावधान की तखतियां उठाए रोष प्रकट कर रहे थे। योग वेदान्त समिति की लुधियाना इकाई ने जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन में बाबू आसा राम जी के खिलाफ बिना आरोप सिद्ध हुए प्रसारित हो रहे बेबुनियाद समाचारों के प्रसारण पर रोक लगाने की मांग की। योग वेदान्त सेवा समिति लुधियाना के अध्यक्ष जतिन्द्र सचदेवा,उपाध्यक्ष रमेश शर्मा व वरिष्ठ सदस्यों सुरिन्द्र कपूर, विजय सूद, मंगत राय, शीतल महिन्द्रा,चेतन वर्मा, राजेश सचदेवा,शशी ओझा, महिन्द्रपाल गुप्ता, एस के नैय्यर, भारत भूषण, रोशन लाल, रमन वर्मा, मोहन लाल शर्मा ने कहा कि परम पूज्नीय संत श्री आसा राम जी के विरुद्ध षडंयत्र के तहत कुप्रचार होने के चलते हजारों साधकों की धार्मिक भावनाओ को ठेस पंहुच रही है। वहीं भारतीय संस्कृति के आधार स्तम्भ माने जाने वाले इस महान संत के खिलाफ कुप्रचार व मनघड़न्त समाचारों के प्रसारण से बापू जी ने विश्वास व अटूट श्रद्धा रखने वाले हजारों साधकों व श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाए आहत हुई है। और उनका सामाजिक जीवन भी तनावग्रस्त हो रहा है। रोष मार्च को सफल बनाने में सुरिन्द्र कौशल, प्रेम शर्मा,सुभाष अरोड़ा, अमन खुराना, देसराज गोगना,सुरिन्द्र नागपाल, साहू, सुरिन्द्र वासन, सुरिन्द्र बांसल, पिताम्बर गर्ग, त्रिपाठी जी, अश्वनी शर्मा, पप्पी भाई, के एन मंडल, गौरव, बहन हेमलता, सरोज, कविता, नारी उत्थान प्रचार मंडल की अध्यक्ष रेखा शर्मा, अनिता नागपाल सहित लुधियाना,जगराओं, फिल्लौर, खन्ना व मलेरकोटला से हजारों साधको,विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के स्वयं सेवको ने भी विशेष योगदान दिया।

*जतिन्द्र सचदेवा  योग वेदान्त सेवा समिति लुधियाना के अध्यक्ष हैं और उनका मोबाईल नम्बर है: 98150-83004

गुरुवार, अगस्त 22, 2013

बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन तीन दिवसीय हडताल पर

बुधवार से बजाया हडताल का बिगुल
लुधियाना:21 अगस्त 2013:(रेक्टर कथूरिया//इर्द गिर्द ब्यूरो): अपनी मांगों पर जोर देने के लिए भारत संचार निगम लिमिटेड के कर्मचारी एक बार फिर संघर्ष की राह पर हैं। बीएसएनएल इंप्लाइज यूनियन एंड नेशनल फेडरेशन के सदस्यों ने बुधवार को अपनी मांगों को लेकर बड़े हो जोशो खरोश से तीन दिवसीय हड़ताल की शुरुआत की। इस दौरान इन मुलाज़िमों ने अपनी मांगों को लेकर मैनेजमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की और इस मुद्दे पर अपनी एकजुटता का सबूत दिया।
 इस बार भी इन संघर्षशील मुलाज़िमों को न तो कड़कती धुप की कोई चिंता थी और न ही बार बार घिर  कर बरसात करते बादलों की। ये मुलाजिम अपनी ही धुन में मग्न थे और याद दिल रहे थे अपने इरादों की-जैसे कह रहे हों-हर जोर-ज़ुल्म की टक्कर में हडताल हमारा नारा है !  यूनियन के डिस्ट्रिक्ट सेक्रेट्री बलविंदर सिंह ने कहा कि मैनेजमेंट द्वारा उन्हें दी जाने वाली एटीसी व मेडिकल सुविधा में उनकी मांग के अनुसार मसौदा तैयार नहीं किया गया इस लिए वे मजबूर होकर हडताल की राह पर उतरे हैं। 
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा बंद किया पांचवा मेडिकल शुरू हो, पीएलआइ बोनस दिया जाए, 1-1-2007 के बाद भर्ती किए गए कर्मचारियों की वेतन बढ़ाया जाए, कर्मचारियों को ईएसआइ और आइकार्ड की सुविधा दी जाए, कर्मचारियों में किसी तरह की कोई छंटनी न की जाए, आदि उनकी मांगें हैं। मुलाजिम नेता बलविंदर सिंह ने कहा कि जबतक मैनेजमेंट उनकी मांगे नहीं मानेगी, तब तक धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। हम अपनी मांगें मनवाए बिना चैन से नहीं बैठेंगे। 
इस मौके पर बुध सिंह, परमीत सिंह, अवतार सिंह जंडे, अमरजीत चंदर, जसवंत सिंह, गुरचरण सिंह, सुरिंदर सिंह, सुरजीत सिंह, तजिंदर सिंह, प्रेम सिंह, सुदेश जोशी, अमरीक सिंह, सुरजीत सिंह, भगवंत सिंह, आरपी जाहू, विजय वर्मा, मोहिंदर सिंह, मलकीत चंद व यूनियन के बहुत से अन्य नेता व सक्रिय सदस्य भी मौजूद थे। अब देखते हैं कि सरकार के दरबार में इनकी सुनवाई कब होती है और कब होता है इनकी जीत का जश्न ?
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मंगलवार, अगस्त 20, 2013

प्रतिबंधित/नामंजूर दवाएं

20-अगस्त-2013 16:42 IST
29 दुकानों में बेचीं जा रही थीं प्रतिबंधित दवाएं
कोई दवा एक देश में प्रतिबंधित हो सकती है लेकिन दूसरे देशों के बाजार में बेची जा सकती है, क्‍योंकि हर देश की सरकारें दवा के इस्‍तेमाल, खुराक, उससे जुड़े जोखिम, अनुपात के बारे में अलग-अलग निर्णय लेती है। राज्‍य औषधि नियंत्रण विभाग अपने क्षेत्राधिकार के अंतर्गत प्रतिबंधित दवाओं की बिक्री पर नियंत्रण रखने के लिए छापे डालते हैं। 2011 में दिल्‍ली और मुंबई के पास केन्‍द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने छापे डाले। जैटिफलॉक्‍स सेसिन, टिगासरोड, रोजीगिलिटाजोन की वापसी के लिए यह छापे डाले गए थे, क्‍योंकि ये दवाएं प्रतिबंधित की गई थीं। यह पाया गया कि 29 दुकानों में भारत के गजट में अधिसूचना जारी होने के बाद प्रतिबंधित दवाएं बेची जा रही थीं। इन मामलों में औषधि तथा प्रसाधन कानून-1940 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई।
     औषधि महानियंत्रक की मंजूरी के बिना राज्‍य के लाइसेंसिंग प्राधिकरणों ने नई दवाएं समझकर तय खुराक वाले मिश्रणों के 23 मामलों को मंजूरी दी। राज्‍य की लाइसेंसिंग प्राधिकरणों से कहा गया कि वे इन मामलों में औषधि तथा प्रसाधन कानून-1940 के तहत कार्रवाई करें।
     नई दवाओं की मंजूरी केन्‍द्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन देता है। यह मंजूरी नान- क्लिनिकल डाटा, सुरक्षा संबंधी क्लिनिकल डाटा, तथा दूसरे देशों में उनकी नियामक स्थिति को देखकर दी जाती है, लेकिन ऐसे मामले में क्लिनिकल जांच की जरूरत नहीं होती, जिनमें दवाएं अन्‍य देशों में उपलब्‍ध डाटा के आधार पर मंगाने की मंजूरी सार्वजनिक हित में लाइसेंसिंग प्राधिकरण देता है।
     सीडीएससीओ ने बिना क्लिनिकल जांच के निम्‍न संख्‍या में दवाओं की मंजूरी दी- 
 वर्ष
 बिना क्लिनिकल जांच के मंजर दवाओं की संख्‍या
 2010
    13
 2011
     3
 2012  
     8
 2013(जुलाई तक)
     2
यह जानकारी आज लोकसभा में स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में दी।     (PIB)
इ.अहमद/गांधी/यशोदा- 5709